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                <description>Property RSS Feed</description>
                
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                <title>सूरत : जानिये पावर ऑफ अटर्नी के इस बदले नियम के बाद से संपत्ति खरीदने-बेचने वालों को टैंशन क्यों बढ़ गया है!?</title>
                                    <description><![CDATA[अब संपत्ति की खरीद-बेच के दस्तावेज के समय पावर ऑफ अटर्नी लेने वाले का नहीं अपितु देने वाले का जीवन विलेख हलफनामा अनिवार्य हो गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88897/surat-know-why-the-tension-has-increased-for-those-who"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/compromise-settlement-pen-writing-application-judgment-paper.jpg" alt=""></a><br /><p>पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर दस्तावेज के पंजीकरण में संबंधित व्यक्ति को दिया गया अधिकार कितना भी पुराना क्यों न हो, लेकिन पावर ऑफ अटॉर्नी देने वाले के जीवित विलेख का हलफनामा प्रस्तुत करना अनिवार्य करने का नियम सूरत सब रजिस्ट्रार कचहरी में लागू कर दिया गया है। ऐसे में सूरत में पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर लाखों रुपये की अचल-चल संपत्ति के खरीदार असमंजस में पड़ गये हैं। </p>
<p>ऐसे में जानकार मान रहे हैं कि पावर ऑफ एयर के आधार पर सूरत शहर या जिले में संपत्ति खरीदने से पहले सौ बार सोचने का समय आ गया है। अभी तक जो दस्तावेज पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर होता था उस मामले में ये अधिकार देने वाले व्यक्ति नहीं बल्कि जिसके नाम अधिकार दिया गया उसके द्वारा शपथ पत्र प्रस्तुत करना पर्याप्त था और उसके आधार पर दस्तावेज बन जाया करता था। इस प्रकार पुरानी पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर दस्तावेज बनाए जाने के कारण कई शिकायतें और विवाद के मामले भी बढ़े। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने रजिस्ट्रेशन एक्ट में ही संशोधन कर सभी सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में सर्कुलर जारी कर दिया है कि अब पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर दस्तावेज दर्ज करते समय जिसके नाम पर पावर दी गई है उसका नहीं अपितु जिसने मुख्तारनामा लिखा है, उसे अपना जीवित विलेख हलफनामा प्रस्तुत करना होगा, तभी दस्तावेज़ को पंजीकृत किया जाएगा, अन्यथा दस्तावेज़ को पंजीकरण के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।</p>
<p>इस सर्कुलर के कारण, जिन लोगों ने पिछले वर्षों में पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर दस्तावेज़ करने का निर्णय लिया है या पावर ऑफ़ अटॉर्नी ले चुके हैं, उन्हें दस्तावेज़ीकरण से पहले अनिवार्य जीवित शपथ पत्र प्राप्त करने के लिए दौड़ना-भाग करनी होगी। इस वजह से लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर प्रॉपर्टी खरीदारों की टेंशन बढ़ गई है। </p>
<img src="https://www.loktej.com/media/2022-06/3727_hosinghomeloanrealestate.jpg" alt="3727_HosingHomeLoanRealEstate"></img>
प्रतिकात्मक तस्वीर

<p> </p>
<p><strong>विदेश में निष्पादित मुख्तारनामा के हलफनामा एक माह के भीतर जमा करना होगा</strong></p>
<p>सूरत शहर या जिले में कोई संपत्ति होगी और इस संपत्ति का मालिक विदेश में रह रहा होगा और यदि विदेश में मुख्तारनामा निष्पादन किया गया होगा तो उस स्थिति में निबंधन के लिए उप पंजीयक के कार्यालय में आने पर बिना निबंधन के दस्तावेज को एक माह के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। इस एक माह में विदेश में रह रहे पावरदार को जीवित होने का शपथ पत्र जमा करना होगा। यदि यह प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो दस्तावेज़ बिना पंजीकरण के रद्द कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>सूरत के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में क्रियान्वयन शुरू हो गया है</strong></p>
<p>सूरत शहर व जिले के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में राज्य सरकार के सर्कुलर का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है. इस बारे में और जानकारी देते हुए सूरत जिला निबंधन के मुख्य निरीक्षक संदीप सवानी के मुताबिक, नए सर्कुलर से काफी सहूलियतें होंगी और परस्पर विरोधी मामले जो बढ़ रहे हैं, वह भी घटेंगे। क्योंकि अब मुख्तारनामा देने वाले का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से देना होगा इसके बाद ही दस्तावेज का पंजीकरण होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>फिचर</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jan 2023 09:56:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत और राजकोट को पीछे छोड़ प्रॉपर्टी बाजार में आगे निकल रहा गिफ्ट सिटी गांधीनगर</title>
                                    <description><![CDATA[अगले पांच वर्षों में 2,700 करो योजनाड़ रुपये के निवेश के साथ परिसर में लगभग 55 लाख वर्ग फुट आवासीय अचल संपत्ति की योजना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>कोरोना के कारण दो साल से जूझ रहा बाजार अब धीरे-धीरे अपने रंग में वापस आ रहा है. अब वित्त वर्ष 2021-22 के लिए प्रॉपर्टी बाजार में रिकॉर्ड स्टांप-ड्यूटी संग्रह के अनुसार गिफ्ट सिटी गांधीनगर ने प्रॉपर्टी बिक्री में सूरत और राजकोट जैसे पिछले प्रमुख शहरों को पीछे छोड़ दिया है। वाणिज्यिक के बाद, आवासीय अचल संपत्ति निवेश ने भी गांधीनगर में भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में गति पकड़ी है। गिफ्ट सिटी के अधिकारियों के अनुसार, अगले पांच वर्षों में 2,700 करोड़ रुपये के निवेश के साथ परिसर में लगभग 55 लाख वर्ग फुट आवासीय अचल संपत्ति की संभावना आ रही है।</div><div>टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ओर से मिली जानकारी के अनुसार कई वैश्विक और घरेलू कंपनियों ने गिफ्ट सिटी में परिचालन शुरू किया है। इस कारण यहां आवासीय इकाइयों की मांग बढ़ गई और इस मांग को पूरा करने के लिए, डेवलपर्स वॉक-टू-वर्क अवधारणा के अनुरूप परियोजनाओं के साथ आ रहे हैं। प्रमुख अहमदाबाद स्थित डेवलपर्स निवेश के लिए गिफ्ट विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) और गैर-एसईजेड क्षेत्र पर नजर गड़ाए हुए हैं।</div><div>इस बारे में सेवी इन्फ्रास्ट्रक्चर के सीएमडी जक्षय शाह ने कहा कि गिफ्ट सिटी दुबई मरीना की तर्ज पर विकसित होगी. अहमदाबाद स्थित ब्लू स्पेस भी आवासीय परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। “हमारी योजना स्टूडियो अपार्टमेंट से लेकर तीन बेडरूम वाले अपार्टमेंट तक 500 घर बनाने की है। यहां आवासीय विकास की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं।</div><div>आपको बता दें कि भारत के मेट्रो शहरों के खरीदारों को यहां निवेश करने का आकर्षित किया जाता है। यहां काम करने वाली कंपनियों में काम करने वाले कई पेशेवरों के साथ, डेवलपर्स आवासीय संपत्तियों की मांग के बारे में उत्साहित हैं। गिफ्ट सिटी में निवेश में वृद्धि के साथ, गांधीनगर आवासीय और वाणिज्यिक अचल संपत्ति के लिए तेजी से बढ़ते केंद्रों में से एक के रूप में उभर रहा है। गुजरात रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (गुजरेरा) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अहमदाबाद और वडोदरा के बाद, यह नई परियोजनाओं की शुरूआत में वार्षिक वृद्धि दर्ज करने वाला तीसरा प्रमुख शहर है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68667/gift-city-gandhinagar-is-ahead-in-the-property-market-leaving-surat-and-rajkot-behind</link>
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                <pubDate>Fri, 15 Apr 2022 13:00:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : स्टैंप ड्यूटी कलेक्शन में वृद्धि इस बात का संकेत कि प्रॉपर्टी बाजार में अच्छी है चहल-पहल</title>
                                    <description><![CDATA[2021-22 की पहली छमाही में कोविड -19 के प्रभाव के बावजूद, संपत्ति पंजीकरण 14.3 लाख था, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 3 लाख अधिक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>कोरोना महामारी के दौरान जहाँ दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है। बीते दो साल से सभी कारोबार में गिरावट देखी गई। हालांकि कोरोना के मामलों में कमी और प्रतिबंधों में छुट मिलने के बाद इनमें सुधार देखा जा रहा है। यही हाल कुछ एस्टेट क्षेत्र का भी रहा है। ऐसे में राज्य सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी और संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण से मिलने वाले राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट के दो साल के रुझान को उलटते हुए 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष में स्टांप शुल्क में 43% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की।</div><div>आपको बता दें कि 2020-21 की तुलना में 2021-22 में निष्पादित बिक्री कार्यों की संख्या में भी 25% की वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2021-2022 में राज्य सरकार ने 10,606 करोड़ रुपये स्टांप शुल्क के रूप में एकत्र किए। 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के लिए स्टांप शुल्क राजस्व क्रमशः 7,781 करोड़ रुपये, 7,701 करोड़ रुपये और 7,390 करोड़ रुपये था। 2020-21 की तुलना में 2021-22 में स्टांप ड्यूटी में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई। 2021-22 की पहली छमाही में कोविड -19 के प्रभाव के बावजूद, संपत्ति पंजीकरण 14.3 लाख था, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 3 लाख अधिक था। 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में, गुजरात में संपत्ति पंजीकरण की संख्या क्रमशः 12.4 लाख, 12 लाख और 11.4 लाख थी। वित्तीय वर्ष 2021-22 में स्टांप शुल्क और पंजीकरण से सबसे अधिक राजस्व अहमदाबाद में 3,398 करोड़ रुपये, गांधीनगर में 2,513 करोड़ रुपये, सूरत से 1,212 करोड़ रुपये और राजकोट से 595 करोड़ रुपये में दर्ज किया गया। तेजी से शहरीकरण के कारण गांधीनगर ने दूसरी सबसे ज्यादा राजस्व संख्या दर्ज की।</div><div>टाइम्स ऑफ इंडिया के एक रिपोर्ट के अनुसार उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में स्टांप ड्यूटी से राजस्व का रिकॉर्ड स्तर संकेत देता है कि रियल एस्टेट क्षेत्र महामारी के नकारात्मक प्रभाव से उबर चुका है। कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के गुजरात चैप्टर के अध्यक्ष अजय पटेल ने कहा, "उच्च बिक्री के पीछे कई कारण हैं। कम आवास ऋण ब्याज दरों ने लोगों को बड़े पैमाने पर घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया है। लॉकडाउन के बाद, लोगों ने मांग को आगे बढ़ाते हुए बड़े घरों में निवेश करने की जरूरत महसूस की। भारत के एक विनिर्माण केंद्र गुजरात में अन्य राज्यों से प्रवासियों की आमद के बाद रियल एस्टेट बाजार भी बढ़ रहा है, और एनआरआई द्वारा कोविड की दूसरी लहर के बाद निवेश का पुनरुद्धार। इन सभी कारकों ने संयुक्त रूप से रियल एस्टेट क्षेत्र की मदद की है।"</div><div><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/79380/gujarat-increase-in-stamp-duty-collection-indicates-that-there-is-good-hustle-and-bustle-in-the-property-market</link>
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                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 12:59:02 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: जमीनी संपत्ति के लिए बेटे-बहू ने बुजुर्ग दंपति को किया प्रताड़ित</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों की यातना से परेशान बुजुर्ग दंपति ने पुलिस का लिया सहारा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>अक्सर जमीन और संपत्ति घरेलू कलह का कारण बन जाती है। परिवार में भाई-भाई और अन्य रिश्तेदारों के बीच लड़ाई हो जाती है ऐसा ही एक मामला डोंबिवली से सामने आया है जहां एक बुजुर्ग दंपति ने अपने बेटे और बहू के खिलाफ डोंबिवली के विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। अपने शिकायत में उन्होंने ने कहा कि उनके बेटे और बहू ने संपत्ति के लिए उनके साथ छेड़छाड़ की है। विष्णुनगर पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की है।</div><div>जानकारी के अनुसार चंद्रकांत ठाकुर अपनी पत्नी कमल, बेटे चेतन और बहू शिल्पा के साथ डोंबिवली-पश्चिम के ठाकुरवाड़ी में रहते हैं। चंद्रकांत ठाकुर ने अपनी कुछ संपत्तियों को 60,000 रुपये मासिक किराए पर भाड़े पर दिया है। उनकी पत्नी कमल को किडनी की समस्या है। बेटा चेतन और उसकी पत्नी शिल्पा कुछ महीनों से दोनों बुजुर्गों को घर से निकल जाने को कह रहे थे, लेकिन इसके लिए चंद्रकांत ठाकुर नहीं माने। शनिवार को तो हद हो गई। इस मामले पर चेतन और शिल्पा हाथापाई पर उतर आए। जिसमें इससे चंद्रकांत ठाकुर के हाथ में चोट लग गई, जबकि कमलबहन के सिर में चोट लग गई।</div><div>इन सभी प्रताड़नाओ से परेशान चंद्रकांत ठाकुर ने अंततः विष्णुनगर पुलिस से संपर्क किया और अपने बेटे चेतन और बहू शिल्पा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। विष्णुनगर पुलिस ने इस संबंध में उसका बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83113/mumbai-son-daughter-in-law-harassed-elderly-couple-for-land-property</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Dec 2021 19:25:12 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आगरा : किसी फिल्म की कहानी सी है ये कहानी, बेटों ने नहीं रखा ख्याल तो डीएम के नाम कर दी अपनी संपति</title>
                                    <description><![CDATA[गणेश शंकर के दो बेटे है और दोनों बेटे उनका ख्याल नहीं रखते, अपने भाइयों के साथ रहने के लिए है मजबूर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80334/agra-this-story-is-like-the-story-of-a-film-sons-did-not-take-care-then-gave-their-property-in-the-name-of-dm"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/2197_1.jpg" alt=""></a><br /><div>आगरा जिले छत्ता थाना क्षेत्र के पीपल मंडी के रहने वाले 88 साल के बुजुर्ग गणेश शंकर अपने एक फैसले के कारण अचानक ही सुर्खियां में आ गए है। दरअसल, अपने बच्चों द्वारा बुजुर्ग गणेश शंकर को ठुकराने के बाद उन्होंने अपनी दो करोड़ रुपए की संपत्ति आगरा जिलाधिकारी के नाम कर दी। ऐसा करते ही अब आगरा में ही नहीं बल्कि पूरे देश में उनकी चर्चा होनी शुरू हो गई है।</div><div>जानकारी के अनुसार बुजुर्ग के दो बेटे है और दोनों बेटे उनका ख्याल नहीं रखते है। इस वजह से वो अपने भाइयों के साथ रहने के लिए मजबूर है। 88 वर्षीय बुजुर्ग गणेश शंकर  रावत पाड़ा चौराहे पर तम्बाकू की बहुत पुरानी दुकान चलाते है।गणेश शंकर ने बताया कि उन्होंने अपने भाई नरेश शंकर पांडे, रघुनाथ और अजय शंकर के साथ मिलकर 1983 में 1 हजार गज जमीन खरीद कर आलीशान घर बनवाया था। मकान की कीमत लगभग 13 करोड़ है। वक्त के साथ चारों भाइयों ने अपना बंटवारा कर लिया। वर्तमान में गणेश शंकर चौथाई मकान के मालिक हैं, जिसकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपए है।</div><div>आपको बता दें कि गणेश शंकर ने को दो वक्त के भोजन के लिए भाइयों के आश्रित होना पड़ रहा है। बेटों से इस मामले पर बात करने और उन्हें समझाने पर बेटों ने उनसे नाता तोड़ दिया। इस बात से खफा होकर अगस्त 2018 में डीएम आगरा के नाम मकान की वसीयत कर दी थी।</div><div>अब वो शुक्रवार को जिलाधिकारी ऑफिस पहुंचे और जनता दर्शन में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट प्रतिपाल चौहान को रजिस्टर्ड वसीयत सौंपी। सिटी मजिस्ट्रेट प्रतिपाल चौहान ने बताया कि उन्हें डीएम आगरा के नाम पर करोड़ों की वसीयत प्राप्त हुई है। गणेश के इस कदम में उनके भाई भी उनके साथ है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Nov 2021 14:58:44 +0530</pubDate>
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                <title>उड़ीसा : एक पल में इस महिला ने एक रिक्शा-चालक के नाम कर दी अपनी सारी संपति, जानिए क्या है पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[कटक की 63 वर्षीय महिला मीनती पटनायक ने अपनी जीवनभर की सम्पंती उनका ध्यान रखने वाले परिवार को सौंपा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/79616/orissa-in-a-moment-this-woman-gave-all-her-property-in-the-name-of-a-rickshaw-puller-know-what-is-the-whole-matter"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/7383_1.jpg" alt=""></a><br /><div>एक कहावत है ‘कर भला तो हो भला!’ जिसका शब्दिक अर्थ है कि अगर आप किसी के साथ अच्छा करेंगे, किसी की मदद करेंगे तो आपके साथ भी भला या अच्छा ही होगा पर आज के समय में जहाँ कोई भी बेवजह किसी की मदद नहीं करना चाहता। आज के समय लगभग हर कोई सबसे पहले अपना फायदा देखता है और फिर अगर कोई फायदा दिखता है तो ही किसी की मदद करता है पर हाल ही में हुई एक घटना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। दरअसल उड़ीसा में एक एक गरीब परिवार ने एक बूढ़ी औरत की निस्वार्थ  25 साल सेवा की और अब उस परिवार को इसका अनोखा इनाम मिला है। उड़ीसा में कटक में रहने वाली 63 वर्षीय महिला मीनती पटनायक ने अपनी जीवनभर की सम्पंती उस परिवार के नाम कर दिया जो दुनिया की नजरों में मिसाल बन गया।</div><div>आपको बता दें कि इस रिक्शा चालक और उसके परिवार ने जीवन की हर मुश्किल में इस महिला का साथ दिया है। परिवार से दूर इस मिनाति को इस परिवार ने एक पल के लिए भी अकेलापन महसूस नहीं होने दिया। जिसके चलते मीनती पटनायक ने अपना तीन मंजिला मकान रिक्शा चालक के नाम ट्रांसफर कर दिया है। उन्होंने इस रिक्शा चालक को अपना कीमती सामान भी सौंप दिया है। इस बारे में मीनती ने कहा कि उनके पति कृष्ण कुमार को कैंसर था और पिछले साल जुलाई में उनकी मृत्यु हो गई थी। पति के जाने के बाद उनके जीवन का एकमात्र आधार उनकी बेटी थी। इस साल जनवरी में उसे भी एक दुर्घटना में आग लग गई और बाद में दिल का दौरा पड़ने से उसकी मृत्यु हो गई। एक साल से भी कम समय में दो भीषण हादसों में वो भीतर से टूट गई। इस समय भी उस समय परिवार ने उसना साथ नहीं छोड़ा।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Odisha: A 63-year-old widow has donated all her properties worth about Rs 1 crore to a rickshaw puller in Cuttack<br /><br />"After my husband &amp; daughter died in quick succession, Budha Samal &amp; his family have been taking care of me so I'm giving him my properties," Minati Patnaik says <a href="https://t.co/9djGEnn8jn">pic.twitter.com/9djGEnn8jn</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1459907588913463297?ref_src=twsrc%5Etfw">November 14, 2021</a></blockquote> <div>अपने बारे में बताते हुए मीनती ने कहा, "मैं हृदय रोग और हाइपर टेंशन से पीड़ित हूं, लेकिन इस परिवार के बच्चों ने मुझे अवसाद से बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने मेरे स्वास्थ्य का ख्याल रखा और वे अभी भी मेरी दैनिक जरूरतों का ख्याल रखते हैं।" आपको बता दें तीन मंजिला मकान में मीनती पटनायक काफी बेसहारा महसूस करती थी। रिश्तेदार हाल-चाल पूछकर चले गए। लेकिन, रिक्शा चालक बुड्ढा सामल ही हर मुसीबत में उनके साथ जुड़ा हुआ था। उनकी देखभाल करता था। इस परिवार का पूरा ख्याल रखता था। बुड्ढा सामल ने इस परिवार की काफी सेवा की। कोमल को बचपन में स्कूल ले जाने से लेकर उकृष्ण कुमार को दवाई लाकर देना, अस्पताल व बाजार ले जाना आदि तमाम कार्य बुड्ढा समल ही हमेशा करता आ रहा था। लिहाजा, अब महिला ने सारी संपत्ति उस रिक्शा चालक को देने का फैसला किया है। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 21:27:19 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात : अगले महीने से जंत्री की दरें बढ़ने की लग रही अटकलें</title>
                                    <description><![CDATA[घटते राजस्व को सहारा दे सकती है बढ़ी हुई जंत्री, मार्च के महीने में प्रोपर्टी की रजिस्ट्री के लिये लगती लंबी कतारें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/66768/gujarat-speculation-of-increase-in-ministerial-rates-from-next-month"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/tax.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार की आवक में कमी होने के कारण राज्य सरकार ने वैकल्पिक स्त्रोतों पर अपनी नजर दौड़ाई है। जिसके चलते आगामी महीने से राज्य में सभी महानगरों में जंत्री(प्रोपर्टी की पूर्वनिर्धारित सरकारी दर) की कीमत बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। जंत्री की नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो संकती हैं। </span></div>
<div><span style="font-size:1rem;"><strong>इसके पहले 2011 में जारी की थी जंत्री</strong></span></div>
<div>गुजरात में इसके पहले वर्ष 2011 में जंत्री की नई दरें लागू की गई थीं। 10 साल के बाद फिर से नई जंत्री की दरें लागू होंगी। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी इस बारे में राज्य सरकार पर टिप्पणी की गई थी।</div>
<div>आपको बता दें कि 2 साल पहले राज्य सरकार ने सर्वे करवाया था। इसी सर्वे को आधार बनाकर अब राज्य सरकार जमीन की कीमत बढ़ाने को सोच रही है। इसके पहले भी राज्य सरकार ने जंत्री बढ़ाने का प्रयास किया था, तब अहमदाबाद से जुड़े साणंद आदि कई ग्रामीण क्षेत्रों में इसका विरोध हुआ था और यह कीमतें अवास्तविक होने की दलील देकर इसका बहिष्कार किया गया था। तब सरकार ने 50% कीमत घटाकर कीमतें लागू की थी।</div>
<div><span style="font-size:1rem;"><strong>मार्च महीने में बढ़ जाती हैं रजिस्ट्री की संख्या</strong></span></div>
<div>जंत्री की नई कीमतें लागू करना राज्य सरकार के लिए हमेशा सिर दर्द का विषय रहा है। बताया जा रहा है कि नई जंत्री में जमीन की कीमतें बढ़ सकती हैं। सामान्य तौर पर मार्च महीने में जमीन की रजिस्ट्री की संख्या बढ़ जाती है और लोगों की लंबी लाइनें लगती हैं। मार्च महीने में रजिस्ट्रार कार्यालय में लोगों की भीड़ बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Mar 2021 19:44:30 +0530</pubDate>
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