आखिर क्यों इन्हें अब धर्म नही दिखाई देता?


अभी कुछ ही दिन नही हुए जब कमल हासन ने कहा था कि देश का पहला आतंकवादी हिन्दू था।
Photo/Loktej

अभी कुछ ही दिन नही हुए जब कमल हासन ने कहा था कि देश का पहला आतंकवादी हिन्दू था। यह कहकर उन्होंने नाथूराम गोडसे पर निशाना साधा था जिन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की थी। इसके बाद वो काफी ट्रोल भी हुए तथा लोगो ने उनसे यह भी कहा कि बाकी के मामलों में भी क्या उन्हें धर्म दिखाई नही देता अथवा वो इसे कहने में डरते है।

इसी दौरान जिस दिन उन्होंने यह कहा था उसी के एक दिन पहले रात को दिल्ली में एक व्यक्ति की हत्या चाकू गोद कर कर दी गई थी। दिल्ली के मोती नगर के बसई दारापुर इलाके में छेड़छाड़ का विरोध करने पर लड़की के पिता पर बेरहमी से हमला किया गया जिससे उसकी मौत हो गई। लड़की के भाई पर भी जानलेवा हमला किया गया। भाई अब मौत से जूझ रहा है। फिलहाल इस मामले में पड़ोस में रहने वाले चार लड़कों को पुलिस ने पकड़ा है, जिसमें से दो नाबालिग हैं।

मृतक का नाम ध्रुव त्यागी और उनके घायल बेटे का नाम अनमोल है। पुलिस के मुताबिक शनिवार की रात त्यागी अपनी बेटी की तबियत खराब होने पर हॉस्पिटल से दिखाकर अपने घर के पास पहुंचे तो पड़ोस में रहने वाले कुछ लड़कों ने उनकी बेटी से छेड़छाड़ की। वे घर आकर दुबारा उन लड़कों को समझने गए तो उन लड़कों ने पत्थर और चाकुओं से हमला कर दिया। अनमोल और उसकी बहन जब मौके पर गए और पिता को बचाने की कोशिश की तो अनमोल को भी चाकू मार दिया।

इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।पिता ध्रुव त्यागी की सोमवार को अस्पताल में मौत हो गई। वारदात के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनको विश्वास ही नहीं हो रहा कि मामूली बात पर इतनी बड़ी वारदात हो जाएगी। घरवालों के मुताबिक वारदात के वक्त कई पड़ोसी थे लेकिन किसी ने बीच बचाव नहीं किया।

अब आते है कहानी के मुख्य बिंदु पर, यहां मरने वाला वाला हिंदू है और मारने वाले मुसलमान। लेकिन कोई यहां यह नही कह रहा कि रमजान के पवित्र महीने में उन्होंने ऐसा क्यो किया? उस बाप की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने अपनी बेटी को छेड़ने वालो का प्रतिकार किया। लेकिन बदले में उन्होंने यह बात समझने की बजाय परिवार सहित उनपर चाकुओं से हमला कर दिया। तब उनके मन मे एक बार भी नही आया कि यह भी एक इंसान है तथा इसे भी जीने का हक है। उन्होंने एक बार भी नही सोचा की किसी की भी बेटी के साथ अगर छेड़खानी कोई करेगा तो उसका गुस्सा भी वाजिब है।

मोहल्ले के लोगो का कहना है कि त्यागी परिवार पूरा ही मिलनसार है। ध्रुव त्यागी तथा उसके परिवार की किसी के साथ भी कोई दुश्मनी नही है। वो लोग भी बहुत दुखमिश्रित आश्चर्य में है कि इतनी मामूली सी बात पर यह कैसे हो गया?

यही है जिहादी सोच, वो लड़कियां छेड़ेंगे, यदि जुबान खोलोगे तो कत्ल कर दिए जाओगे। सेकुलरिज्म का चश्मा लगाए चैनलों पर बहस करने वाले पत्रकार ऐसी घटनाओं पर खामोश हो जाते हैं। कथित बुद्धिजीवी दलीलें देते हैं कि मामले को हिंदू मुस्लिम के नजरिए से न देखा जाए। सलेक्टिव जर्नलिज्म और सलेक्टिव क्रिटिसिज्म वाला एक तबका लंबे समय से देश के मीडिया पर काबिज है। वो ऐसी घटनाओं को या तो नजरअंदाज कर देता है या उसके बारे में चर्चा करने वालो को साम्प्रदायिक करार दे देता है। लेकिन न तो कोई हिंसा करने वाले का प्रतिकार करने की हिम्मत करता है न उनके ऊपर कोई प्रकार की कार्यवाही के लिए प्रेरित करता है।

उस पर भी कमल हासन टाइप के लोग आतंकवाद को धर्म से जोड़ते तो है पर वो भी सलेक्टिव हो जाते है।

पता नही हिंदुस्तान किस ओर जा रहा है जहां पर हम सभी ने हर तरह की निरपेक्षता के साथ धार्मिक सौहार्द का सपना देखा है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय