कौन झूठा कौन सच्चा: तय करेगा मतदाता


चुनाव में आरोप प्रत्यारोप लगाना चलता रहता है। चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा नेता लोग अपना लेते है।
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चुनाव में आरोप प्रत्यारोप लगाना चलता रहता है। चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा नेता लोग अपना लेते है। अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अनर्गल बोलने का चलन तो आजकल आम बात है। इसके अलावा हर चीज का श्रेय अपने नाम करना भी अभी के जमाने मे नेताओ की फितरत है। इसी फेरहिस्त में कांग्रेस का नाम भी पहले से जुड़ा हुआ था ही अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने गुरुवार को कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में 6 बार सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी।

उन्होंने इसके होने के दिन भी गिनवाए। उनके मुताबिक पहली सर्जिकल स्ट्राइक 19 जून 2008 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में स्थित भट्टल सेक्टर में हुई थी। दूसरी नीलम नदी घाटी में 30 अगस्त से 1 सितंबर 2011 के बीच हुई। तीसरी सावन पात्रा चेकपोस्ट पर 6 जनवरी 2013 को हुई। चौथी 27-28 जुलाई 2013 को नाजापीर सेक्टर में हुई। पांचवी नीलम घाटी में 6 अगस्त 2013 को और छठवीं 14 जनवरी 2014 को हुई।

अब इसका सत्यापन तो कौन करेगा कि यह सत्य है या गलत, क्योकि आज तक तो कांग्रेस ही उरी ओर पुलवामा के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक को नही मानती है। अब यह पहली बार है जब किसी कांग्रेस नेता की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को स्थान और तारीख के साथ जनता के सामने रखा गया है।

यह तो हुई श्रेय लेने की तथा खुद की वाहवाही करने की बात, अब करते है प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कुछ भी अनर्गल कहने वाली कल की कहानी। दिल्ली की एक लोकसभा सीट है उत्तर पश्चिम। यह सीट सुरक्षित है मतलब इस पर अनुसूचित जाति का ही उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है। भाजपा ने इस सीट से सूफी गायक हंस राज हंस को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद से ही आम आदमी पार्टी ने हंस राज हंस को लेकर मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी का दावा है कि हंस राज हंस दलित नहीं, बल्कि मुस्लिम हैं और इसलिए उनकी उम्मीदवारी रद कर देनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी के नेता राजेन्द्र गौतम ने आरोप लगाया है कि 2014 की मीडिया खबरों के अनुसार हंस राज हंस ने इस्लाम कबूल कर लिया था और अब उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं जबकि यह संसदीय सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है और केवल एससी ही इस सीट पर चुनाव लड़ सकता है। कानूनी तौर पर यह मामला अभी संसद में लंबित है कि ऐसे लोगों को एससी का दर्जा व लाभ मिलता रहना चाहिए या नहीं।

आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा केजरीवाल ने भी ट्वीट करके दिल्ली की जनता से अपील की है कि हंसराज हंस सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं। अंत में वह अयोग्य करार दिए जाएंगे। उत्तर पश्चिम दिल्ली के मतदाताओं को उन्हें वोट देकर अपना कीमती वोट बर्बाद नहीं करना चाहिए।

लेकिन हंसराज हंस ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब कहीं भी इलेक्शन होता है, अरविंद केजरीवाल झूठे इल्जाम लगाने लगते हैं। ये उनकी आदत है, बाद में इलेक्शन खत्म होते ही माफी मांग लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मैं वाल्मीकि सफाई कर्मचारी यूनियन का चेयरमैन भी हूं। वाल्मीकि अमृतसर ट्रस्ट का वाइसचेयरमैन भी हूं। सारे संतों ने मुझे वाल्मीकि समाज का बच्चा घोषित किया हुआ है। मैं जन्मजात वाल्मीकि हूं। उन्होंने इस पर मानहानि का दावा करने की बात भी कही।

अब इन सब के दावों में कितनी सच्चाई है यह तो ईश्वर ही जानता है पर एक कहावत है कि जनता जनार्दन होती है। और कभी हो न हो पर चुनाव में तो वही जनार्दन होती है तो वही तय भी करेगी कि किसके दावे को सही माना जाए और किसे गलत मान कर घर बैठाया जाए।
जो भी हो लेकिन इस देश के लिए अच्छा होना चाहिए, हमारे देश के विकास के लिए , इसकी सुरक्षा के लिए तथा यहां की शांति के लिए अच्छा हो, हम तो यही कह सकते है आगे लोकतंत्र का भगवान मतदाता जाने।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय।