कौन जतन करू, कैसे मिले सत्ता?


जैसे ही चुनाव का आखिरी चरण समाप्त हुआ वैसे ही सभी चेनल ने अपना अपना एग्जिट पोल भी दिखाना चालू कर दिया।
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जैसे ही चुनाव का आखिरी चरण समाप्त हुआ वैसे ही सभी चेनल ने अपना अपना एग्जिट पोल भी दिखाना चालू कर दिया। कल लगता है भारत मे सिर्फ चुनाव ही खत्म नही हुआ बल्कि इन पूर्वानुमानो के कारण कई लोगो की प्रधानमंत्री बनने की आशा भी खत्म हो गई। अब चुनाव बाद की दूसरी पारी खेलने के लिए सभी नेता तैयार हो गए है। मैं सदैव कहता रहा हूँ कि हमारे देश मे राजनीति कुछ हटकर है। यहां पर चुनाव परिणाम के बाद भी अगर जनादेश न हो तो भी सत्ता के लिए सम्भावनाये तलाशी जाती है तो अभी भी क्यो नही तलाशी जाएगी, अभी तो सिर्फ पूर्वानुमान ही आये है, परिणाम आने में अभी भी तीन दिन बाकी है।

चुनाव परिणाम के पूर्वानुमानों के साथ ही विपक्ष द्वारा आरोप प्रत्यारोप चालू हो जाये तो समझ लेना चाहिए कि सत्ता पक्ष सुरक्षित है। और यह कल से चालू हो गया है। लेकिन इसी बीच सत्ता की सम्भावनाये भी तलाशी जा रही है। हम दोनों ही बाते कर लेते है।

मतदान संपन्न होने के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के साथ साथ चुनाव आयोग पर हमला बोल दिया है। राहुल ने मोदी और उनकी सरकार पर चुनाव आयोग को डराकर काम करवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट किया कि इलेक्टोरल बॉन्ड, ईवीएम से लेकर चुनाव कार्यक्रम से छेड़छाड़, नमो टीवी, ‘मोदी की सेना’ बयान के बाद अब यह केदारनाथ में ड्रामा। चुनाव आयोग का मिस्टर मोदी और उनके गिरोह के सामने आत्म समर्पण सब भारतीयों ने देखा है। उन्होंने आगे लिखा कि चुनाव आयोग का काम सिर्फ डरना और आदर करना है और कुछ नहीं।

यह तो शुरुआत है जो चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर प्रारम्भ हुई है। वैसे कुछ एक मामलों को छोड़कर चुनाव आयोग जल्दी हस्तक्षेप नही करता है। तभी प्रधानमंत्री के खिलाफ आई सारी शिकायते क्लीनचिट के साथ खत्म हो गई। मैं यह नही कहता कि आयोग ने गलत किया लेकिन विपक्ष की नजर में यह गलत ही लग रहा है।

अब हो सकता है आगे ईवीएम के बारे में भी जल्द ही कार्यक्रम प्रारम्भ होगा जो हमेशा विपरीत पूर्वानुमान के बाद हमेशा होता आया है।
लेकिन इन सब के बीच भी सत्ता की सम्भावनाये तलाशी जा रही है। इसी कवायद में आंध्रा के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सीपीआई नेता जी. सुधाकर रेड्डी और डी राजा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और एलजेडी नेता शरद यादव से परसो मुलाकात की थी। नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके साथ सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने और एक संयुक्त विपक्षी गठबंधन बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह सीपीआई नेता सुधाकर रेड्डी और डी राजा से भी मिले। इसके बाद वो एनसीपी प्रमुख शरद पवार और एलजेडी नेता शरद यादव से मिलने पहुंचे।

नई दिल्ली में विपक्ष के नेताओं से मिलने के बाद टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू परसो शाम लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती से भी मिले। इससे पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी के दफ्तर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से भी मुलाकात की।

इस मुलाकात के बाद शरद पवार ने कहा कि अभी कुछ तय नहीं हुआ है। नतीजों से पहले विपक्षी पार्टियों की कोई मीटिंग नहीं होगी। सभी नेता अभी परिणाम आने का इंतजार कर रहे हैं। शरद पवार के इस बयान के बाद भी नायडू अपनी कोशिशों को जारी रखे हुए हैं।

तो कुल मिलाकर बात यह है कि आशा सबको है कि विपरित हवाओ में भी वो अपनी कश्ती पार लगा पाएंगे। लेकिन यह बात अलग है कि चुनाव से पहले जो नारा चल रहा था कल वो ओर तेज हो गया कि आएगा तो मोदी ही। इसी बीच कुमार विश्वास ने लिखा कि एग्जिट पोल वाले बहुत बदमाश है कम से कम 23 मई तक तो चैन से सोने देते, शैतान कही के।

खैर जो भी हो हमारे लिए ओर देश के लिए सुखद होना चाहिए।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय