यह क्या हो गया चौकीदारजी ?


गुजरात के भावनगर में भी चार छात्र नकल करते पकड़े गए। ऐसा नही है कि उन्होंने अकल नही लगाई। नकल में अकल कुछ ज्यादा ही लगा ली।
Photo/Loktej

आपने एक फ़िल्म देखी होगी, मुन्नाभाई एमबीबीएस, इसमे मुन्नाभाई का किरदार निभा रहे संजय दत्त को डॉक्टर बनने के लिए उनके होने वाले ससुर से चेलेंज मिलता है और वो जी जान से डॉक्टर बनने की कोशिश करने लगते है। अब वो इस फ़िल्म में भाई के रोल में थे तो उनकी कोशिश भी तो भाइ लोग को शोभा दे ऐसी ही होगी ना? लिहाजा वो इंटरेंस एग्जाम में ही नकल का सहारा लेते है। वो भी किसी ओर से नही उसी मेडिकल कॉलेज के होनहार प्रोफेसर से, जिसमे वो प्रवेश लेना चाहते है। अब उनको कहे भी तो कौन? आखिर भाई जो ठहरे।

हमारे यहां गुजरात के भावनगर में भी चार छात्र नकल करते पकड़े गए। ऐसा नही है कि उन्होंने अकल नही लगाई। नकल में अकल कुछ ज्यादा ही लगा ली, तभी तो एक दो नही बल्कि 27 पर्चियां लेकर परीक्षा देने पहुंच गए। अब आप सोच रहे होंगे कि यह तो पक्का मुन्नाभाई जैसा ही कोई होगा। लेकिन यह छात्र कोई भाई नही बल्कि दो भाइयो के बिल्कुल नजदीकी के पुत्र है। आपको भी पता है ही कि आजकल देश मे किसको मोटा भाई और छोटा भाई बोलते है। बस उन्ही मोटा भाई छोटा भाई के गुजरात के मुखिया के सुपुत्र यह महानुभाव थे।

खबर यह है कि गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष जीतू वाघानी के सुपुत्र हैं, मीत वाघानी। गुरुवार को पेपर दे रहे थे, बैचलर्स ऑफ कम्प्यूटर एप्लिकेशन का। ओर तभी नकल करते हुए धर लिए गए। टोटल 27 पर्चियां मिली थी। 3 और लोग भी पकड़े गए लेकिन यह खबर बाकी 3 लोगों की नहीं बनी, ओर बनेगी भी नही। क्योकि भारत मे ऐसे किस्से तो आमबात है। खबर सिर्फ मीत को लेकर ही बनी। वो इसलिए क्योकि वो गुजरात भाजपा प्रमुख के पुत्र है।

वो भाजपा प्रमुख जो पिता होने के साथ साथ चौकीदार भी है। चौकीदार चोर है वाले नही, वो चौकीदार जो सदैव चौकन्ना रहते है। अब चौकीदार भले ही कितने ही चौकन्ने हो पर घर मे ही इज्जत को मटियामेट करने वाले पैदा हो जाये तो बिचारे यह चौकीदार महोदय भी क्या करे।

वैसे भावनगर कॉलेज के प्रिंसिपल वाटलीया ने कहा कि उन्होंने चार छात्रों को नकल करते पकड़ा तो है मगर जीतू वाघानी का बेटा कौन सा है, नहीं पता। वैसे पता होता तो इतनी बड़ी घटना होती भी नही। लेकिन सोशल मीडिया अकाउंट पर खुद को चौकीदार बताने वाले जीतू वाघानी ने कहा कि यूनिवर्सिटी जो भी कार्रवाई हो करेगी। ओर ऐसे बोलने के अलावा वो बिचारे करे भी क्या। पर ऐसे वक्त में जब चुनाव आने ही वाले हैं, मोदी अपना चुनावी अभियान शुरू कर चुके हैं तो एक छोटा सा मुद्दा, एक छोटी सी चिंगारी भी आग बन सकती है।
और यहां पर तो हम उस राज्य के बीजेपी प्रमुख के सुपुत्र की बात कर रहे हैं जिस राज्य का उदाहरण देकर भाजपा 2014 में देश की सत्ता पर काबिज़ हुई थी। साथ ही विपक्ष इस घटना को मोदी की पंच लाइन ‘मैं भी चौकीदार’ के साथ जोड़कर देख रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने तंज कसते हुए कहा कि खुद को चौकीदार मानने वाले जीतूभाई वाघाणी का पुत्र ही चोरी करते हुए पकड़ गया। यह सब चलता है और चलता रहेगा। इसको मन पर न लेकर जिस भी पार्टी के समर्थक हो उसका पुरजोर खुलकर समर्थन कीजिये क्योकि दोबारा मौका पांच साल बाद मिलेगा।

इलेक्शन ऐ डेमोक्रेसी है, रोता है क्या,

आगे आगे देखिए होता है क्या।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय