हम भी लड़े आर्थिक मोर्चे पर जंग


अभी हमारा पूरा देश शोकमग्न है। हर कोई व्यक्ति यही चाहता है कि पाकिस्तान की इस हरकत का माकूल जबाब दिया जाए।
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अभी हमारा पूरा देश शोकमग्न है। हर कोई व्यक्ति यही चाहता है कि पाकिस्तान की इस हरकत का माकूल जबाब दिया जाए। क्योकि जिस जैश ए मोहम्मद नाम के आतंकी संघठन ने इस घटना को अंजाम दिया है उसके आका मसूद अजहर को पाकिस्तान ने ही पनाह दे रखी है। लेकिन आज घटना के चौथे दिन अभी तक कोई गतिविधि नही हुई है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा बलों को फ्री हैंड करने की बात करके गेंद उनके पाले में डाल दी है। अब सुरक्षा बल अपने हिसाब से स्वतंत्र है। लेकिन यह बात अलग है कि उन्हें कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकार से अनुमति तथा परामर्श जरूर लेना पड़ेगा। फिर भी इसे हम बड़ी बात समझ सकते है।

इसके अलावा जो निर्णय केंद्र सरकार द्वारा किया गया वो भी महत्वपूर्ण है। भारत सरकार ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवरेट नेशन का दर्जा समाप्त कर दिया है। इससे क्या फर्क पड़ेगा इसका हम आज विश्लेषण करते है। चूंकि पाकिस्तान हमारा निकटवर्ती पड़ौसी है तथा हमारी संस्कृति तथा सभ्यता के साथ साथ हमारी खानपान की आदते भी लगभग समान है। हमारा देश पाकिस्तान से आयात निर्यात में विशेष छूट देता था। पाकिस्तान का निर्यात काफी कुछ हमारे देश पर डिपेंड करता है। वर्तमान हालात ऐसे ही हमारे पड़ौसी के खराब है, तथा वो कैसे भी करके सर्वाइव करने की कोशिश कर रहा है। इस समय यह कार्यवाही उसे परेशान करने के लिए प्रयाप्त है। हाँ सैन्य कार्यवाही बदले के लिए परम आवश्यक है।

दरअसल पाकिस्तान भारत को कई चीजें एक्सपोर्ट करके अरबो की कमाई करता था। वरीयता प्राप्त राष्ट्र का दर्जा होने के कारण पाकिस्तान को काफी ड्यूटी में छूट मिल रही थी। लेकिन अब उसे शत्रु राष्ट्र की श्रेणी में लाकर वो सारी छूट समाप्त कर दी है। बीते वर्ष अप्रेल से नवम्बर तक की अवधि में 2670 करोड़ का एक्सपोर्ट पाकिस्तान ने भारत को किया था। यह उसी समान अवधि में उसके पिछले वर्ष से 25% अधिक था। मतलब भारत के साथ पाकिस्तान का व्यापार बढ़ रहा था।

पाकिस्तान की काफी चीजे ऐसी है जिसका भारत सबसे बड़ा उपभोक्ता है। यहां तक कि नमक भी सबसे ज्यादा भारत ही आयात करता है। उसके अलावा फल, सब्जियां, चीनी, अयस्क, मिनरल फ्यूल्स जैसी कई चीजें है जिसका अरबो का व्यापार भारत के साथ होता था।
अब जब पाकिस्तान शत्रु राष्ट्र की श्रेणी में है तो क्यो न पाकिस्तानी कलाकारों पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाए। कब तक हम संस्कृति के आदान प्रदान के नाम पर उनको ढोते रहेंगे। वो आकर यहां पैसा कमाते है, पाकिस्तान ले जाते है , तो क्या गारंटी है कि वो पैसा भारत मे आतंक फैलाने के काम नही आता है? इसलिए अब ऐसे कलाकारों को भारत आना प्रतिबंधित करने की आवश्यकता है। अगर एक बयान के कारण हम सिद्धू का बहिष्कार कर सकते है तो दुश्मन देश के इन कलाकारों को क्यो झेले? इनका भी बृहद स्तर पर बहिष्कार जरूरी है।
इसके अलावा जिस देश ने पाकिस्तान को विशेष सहायता दे रखी है तथा मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव का जिसने विरोध किया उस चीन को भी हमे सबक सिखाना चाहिए। हो सकता है कि सरकार की कुछ मजबूरियां हो कि वो प्रत्यक्ष प्रतिबंध न लगा सकती हो। पर हम कंज्यूमर है, उपभोक्ता हम है तो सामान खरीदते हम ही है। क्यो न हम चीन के बने सामानों का पूर्णतः बहिष्कार कर दे। दीपावली के समय खाली झालर का विरोध करके कुछ नही होने वाला है। हमे चीन से आयात होने वाले हर सामान को इस नजर से देखना चाहिए कि इसको लेने पर इसमे हुई कमाई से चीन भारत को ही नुकसान पहुंचाएगा। जो हमारे प्रधानमंत्री के अरुणाचल प्रदेश के दौरे का भी विरोध करता है। सदैव कुछ न कुछ खामी निकालता रहता है तो क्यो न हम उसे ही हमारे घरों से निकाल बाहर करे और चीन के कोई भी प्रोडक्ट का उपयोग न करे।

एक छोटी सी पहल हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, क्योकि हम बॉर्डर पर जाकर तो लड़ नही सकते तो क्यो न हम जहाँ है वही से लड़ाई चालू रखे? आर्थिक लड़ाई जो किसी भी देश की रीढ़ होती है, उस आर्थिक स्थिति को हम प्रभावित कर सकते है क्योकि हम दुनिया के सबसे बड़े बाजार है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय