व्यापारियों को अपने अंदर की कमियां सुधारनी होगी, दो का चार करने से करें परहेज : संजय जगनानी


व्यापारी एवं व्यापार हित के लिए प्रत्येक रविवार को रामचौक स्थित शिवाजी गार्डन में सुबह 8 से 9 बजे तक एक मीटिंग आहूत की जाती है।

सूरत। व्यापार प्रगति संघ, सूरत व्यापार एवं व्यापारी हित के लिए सदैव तत्पर है, यही कारण है कि आज संस्था के साथ  तकरीबन 25 हजार से अधिक व्यापारी जुड़ गये हैं। व्यापारी एवं व्यापार हित के लिए प्रत्येक रविवार को रामचौक स्थित शिवाजी गार्डन में सुबह 8 से 9 बजे तक एक मीटिंग आहूत की जाती है, जिसमें व्यापारी अपनी समस्या एवं सुझाव आदान-प्रदान करते हैं।

आज दिनांक 12/05/2019 वार रविवार वीपीएस द्वारा आयोजित रविवारीय शिवाजी गार्डन मिटिंग में बहुत बडी संख्या में व्यापारियों ने हिस्सा लिया है। व्यापारियों ने अपनी पेमन्ट सम्बंधी शिकायतें तथा वीपीएस के सहयोग से वसूल हुई रकम की बातें शेयर की। दूसरी सबसे बड़ी समस्या ग्रे बटाव पर चर्चा हुई, जिसमें व्यापारियों ने बताया कि बहुत से समझदार वीवरों को उन्होंने अपनी समस्या से अवगत कराया तो कई वीवरों ने समस्या को समझा और बटाव लैस करके बिल बनाने का आश्वासन दिया है तथा कई वीवर ने बटाव धारा से बिल भी भेज दिये हैं। अत: सभी अपने दलाल और वीवर भाई को सहजता से अपनी बात समझाएं कि हमको उधार नहीं चाहिए, केवल बटाव धारा से बिल चाहिए तथा पेमन्ट डिलवरी के सामने लेवें।

वीपीएस के संस्थापक संजय जगनानी ने बताया कि अनेक व्यापारियों ने बटाव का बिल बनाकर, पेमेन्ट लेने और ग्रे देने की शर्त पर ग्रे खरीदा है। व्यापारियों के अनुसार, हमें ग्रे उधार में नहीं चाहिये, बल्कि बटाव से माल चाहिए। विवर भाई बटाव का भाव बताएं, माल भेजें और पेमेन्ट लेकर जाएं। उपरोक्त मेसेज विवर व दलाल भाइयों को भेजना चाहिए कि हमें 5 प्रतिशत  बटाव का बिल बनाकर ग्रे भेजें और अपना पेमेन्ट लेकर जाएं। यह हमारी अपनी कॉस्टिंग निकालने के लिए किया जा रहा है और इसमें विवर भाइयों को कोई नुकसान नहीं है यह बात समझने की गुजारिश है। व्यापारियों को अपनी-अपनी बात विवर व दलाल भाइयों को अपनी दुकान पर बुलवाकर समझानी चाहिए। लूम्स वाले विवर भाइयों को समझाने  की जरूरत है कि नये धारे में बड़े लोगों ने तो डायरेक्ट मिल में माल भेजना शुरू कर ही दिया है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों को संयम रखकर पूंजी मेन्टेन करते हुए  व्यापार करना होगा, साथ ही अपने अंदर की कमियां सुधारनी होगी। दो का चार के चक्कर में पडऩे से पैसा डूबता है।

वीपीएस के अरविन्द गाडिया ने बताया कि व्यापार के लिए एक सिस्टम बनाना जरुरी है। उसी सिस्टम में व्यापार करें। समय-समय पर हिसाब करते रहें और अपनी क्वालिटी एवं रेट सही रखे। कभी भी पार्ट पेमेन्ट न लें और उधारी देने की सीमा तय करें। हाल की परिस्थिति को देखते हुए सावधानी पूर्वक अपने सिस्टम में व्यापार करने की जरुरत है।

एम-2 के व्यापारी एवं वीपीएस के पंच ओम प्रकाश अग्रवाल एवं नरसिंह टेकरीवाल ने अपने मार्केट में व्यापारियों के साथ मीटिंग कर 28 लोगों की वीपीएस की टीम बनाई है।

-व्यापारियों की प्रति क्रियाएं एवं सुझाव

नीचे सूरत के कुछ ऐसे व्यापारियों की प्रतिक्रियाएं दी गई हैं, जिनका भुगतान लंबे समस से बकाया था और वीपीएस के प्रयासों से उन्हें भुगतान प्राप्त करने में सफलता मिली।

एम-4 के व्यापारी महावीर अग्रवाल ने वीपीएस की साप्ताहिक मीटिंग में बताया कि नासिक के एक व्यापारी के पिछले चार-पांच सालों से पेमेन्ट बाकी है। बार-बार तकादा करने के बाद भी व्यापारी सकारात्मक जवाब नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस महीने तक हिसाब चुकता नहीं होता है तो मजबूरन पुलिस आयुक्त से मिलकर लिखित पेशकश करेंगे।

रघुकुल मार्केट के व्यापारी एवं वीपीएस के पंच राजीव ओमर ने बताया कि अंबाला सिटी, अमृतसर में एक व्यापारी के यहां श्याम एजेंसी सूरत का 2015 से 13 लाख रुपये बकाया था। वीपीएस के प्रयास से अब तक 10.95 लाख रुपये आ गया है।

वीपीएस के पंच सुरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि साईं मार्केट के व्यापारी का बनारस के दो व्यापारियों के यहां पुराना पैसा बकाया था, जो वीपीएस के प्रयास से 80 प्रतिशत जितना रकम आ गया है। उन्होंने कहा कि व्यापारी पैसा मिल जाने के बात बताते नहीं और न ही सूचना देते हैं।

व्यापारी बाबूराम अग्रवाल ने बताया कि मेरा कोलकाता के व्यापारी के यहां रुपये बाकी था। वीपीएस के पंच अशोक बाजारी के प्रयास 15 हजार का चेक आ गया।

अंबाजी मार्केट के व्यापारी अशोकभाई ने बताया कि कानपुर के व्यापारी के यहां 2015 से 2 लाख रुपये बकाया है। वीपीएस के पंच राजीव ओमर इस मामले को देख रहे हैं।

व्यापारी राजकुमार ने बताया कि उनका उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, गोरखपुर एवं इलाहाबाद के व्यापारियों के यहां रुपये बकाया है। वीपीएस के संजय राजपूत इस मामले के देख रहे हैं।

कोहिनूर हाउस के व्यापारी ने बताया कि सूरत के वणकर मार्केट में व्यापार करते व्यापारी के यहां 38 हजार बकाया है, पार्टी फोन नहीं उठाती। इस मामले को पंच घनश्याम गुप्ता देख रहे हैं।

मिलेनियम मार्केट के व्यापारी नवीन अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्मी इंडस्ट्रीयल सूरत के व्यापारी के यहां 1 लाख रुपये बकाया है। इस मामले को पंच नरेन्द्र साबू देख रहे हैं।

आरकेटी मार्केट के व्यापारी ने बताया कि एक मास्टर के माध्यम से एक मिल में माल भेजा था। मास्टर ने नौकरी छोड़ दिया अब मिल मालिक न तो माल दे रहा और न ही पैसा। इस मामले को पंच घमश्याम सारडा देख रहे हैं।

जय महावीर मार्केट के व्यापारी एवं वीपीएस के पंच  अशोक गोयल ने दिल्ली एवं उसके 100 किलोमीटर के आसपास के मार्केटों में किसी भी व्यापारी का रुपये बकाया हो तो उसके निकालने में सहायक रुप बनने का आश्वासन दिया।

अभिषेक मार्केट के व्यापारी विपिन अग्रवाल ने बताया कि मेरा सूरत के एक व्यापारी के यहां रुपये बकाया था। व्यापारी आना-कानी कर रहा था। वीपीएस के संजयभाई ने फोन पर कहा कि शाम तक 50 व्यापारी घर आएंगे। इतना कहते ही उसी दिन शाम को व्यापारी ने चेक भेज दिया।

-रघुकुल मार्केट के मुख्य द्वार पर 28 को गांधीगिरी करेगा वीपीएस

रघुकुल मार्केट में एक बड़े व्यापारी के यहां तमाम व्यापारियों के यहां लाखों रुपये बकाया है। बार-बार तकादा करने के बाद भी रुपये नहीं देने तथा अपना वर्चस्व बताने वाले व्यापारी के खिलाफ वीपीएस के 70-80 व्यापारियों का समूह आगामी 28 मई को प्रशासन से परमिशन लेकर गांधीगिरी करेगा।