वीपीएस पंचों ने अंबाला और मुजफ्फरपुर से सदस्यों के बकाया वसूल कराए


व्यापारी आपस में सहयोग करें तो किसी भी उद्यमी के रुपये नहीं अटक सकते!

(धर्मेन्द्र मिश्रा)

सूरत। व्यापार प्रगति संघ, सूरत की साप्ताहिक रविवारीय बैठक रामचौक स्थित शिवाजी गार्डन में सुबह 8 से 9 बजे तक संपन्न हुई। मीटिंग में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने हिस्सा लिया। व्यापारियों ने अपनी पेमेन्ट सम्बंधी शिकायतें तथा अपनी वीपीएस के सहयोग से वसूल हुई रकम की बातें शेयर की। बैठक में व्यापारियों ने अपनी समस्याएं मीटिंग स्थल पर बताई, जिनके निराकरण के लिए वहीं पंच मनोनीत हुये।

वीपीएस बिना जाति-धर्म पूछे व्यापारियों का सहयोग विगत तीन वर्ष से करती आ रही है। व्यापारी तथा व्यापार हित में सतत प्रयासरत रहने से वीपीएस कुशल कपड़ा व्यापारियों के लिए वरदान, जबकि अव्यवस्थित व्यापार करने वाले अथवा ठगने के उद्देश्य कपड़ा मार्केट में दुकान खोलकर बैठने वाले ऐसे लोगों के लिए वीपीएस अभिशाप समान है।

आलम यह है कि वीपीएस से जुडऩे अब व्यापारी स्वयं आ रहे हैं। इसका सबसे बड़े कारण व्यापारियों के फंसे रुपये निकलवाने में वीपीएस का समर्पण का भाव है। पहले जहां व्यापारी अपने स्वार्थ में आकर गलत व्यापारियों का रेफरेंस दे देते थे, अब ऐसा तो करते ही नहीं बल्कि सामने से व्यापारी को बता देते हैं कि पार्टी अच्छी नहीं है और मेरा भी पैसा फंसा है।

कपड़ा मार्केट में व्यापारियों के बीच यह बदलाव संघ के बढ़ते प्रभाव के कारण संभव हुआ है। वीपीएस के बाबूलालजी ने अपने प्रयास से सूरत के मालानीवाड़ी के व्यापारी के अंबाला के व्यापारी के यहां फंसे 34 लाख रुपये निकलवाने में सफल रहे। इसी तरह एक पंच ने सूरत और बंगलौर के व्यापारी का समाधान कराकर रुपये का आदान प्रदान कराया।

वीपीएस के अरविन्द गाडिया, सुरेन्द्र अग्रवाल एवं राजीव ओमर ने बताया कि व्यापारी एक दूसरे का सहयोग करते तो किसी भी उद्यमी का एक भी रुपया नहीं अटक सकता? व्यापारियों में एक दूसरे व्यवसायी के प्रति सहयोग का भाव हो तो गलत व्यापारियों को टिकना मुमकिन नहीं होगा।

वीपीएस के एक पंच बिहार के मुजफ्फरपुर अपने व्यवसाय के उद्देश्य से गये थे। परंतु अन्य व्यापारियों को उन्होंने मुजफ्फरपुर जाने की जानकारी दी, जिससे एक सप्ताह तक वहीं रुककर तकरीबन 13 लाख रुपये व्यापारियों का लेकर आये।

वीपीएस के नरसिंह केडिया ने बताया कि पहली बार वीपीएस में अपनी शिकायत रखने के लिए उस फर्म के प्रोप्राइटर एवं डायरेक्टर का रहना अनिवार्य है। ताकि आमने-सामने शिकायत- सुझाव पर निर्णय लिया जा सके।

व्यापारियों की प्रति क्रियाएं एवं सुझाव

नीचे सूरत के कुछ ऐसे व्यापारियों की प्रतिक्रियाएं दी गई हैं, जिनका भुगतान लंबे समस से बकाया था और वीपीएस के प्रयासों से उन्हें भुगतान प्राप्त करने में सफलता मिली।

अंबाजी मार्केट के व्यापारी का जापान मार्केट के एक दलाल के माध्यम से पटना, मऊ, दरभंगा एवं चेन्नई के व्यापारियों के यहां लाखों रुपये फंसे हैं। जिनमें चेन्नई के व्यापारी के यहां ही 1.88 लाख रुपये बकाया है।

एक सप्ताह मिलेनियम मार्केट के व्यापारी चिंतनभाई ने बताया कि कानपुर के व्यापारी के यहां 62 हजार रुपये बकाया है, जो देने की बात करता तो है, लेकिन रुपये देता नहीं। इस मैटर के रौजीव ओमर देख रहे हैं।

सचिन के डिजिटल प्रिंट के व्यापारी अंकित गोयल का गुडग़ांव के व्यापारी के यहां 22 लाख रुपये बकाया है। व्यापारी ने चेक दे रखा है, लेकिन डालने से मना करता है। वीपीएस ने इस मामले के लिये उपाय सुझाया है।

आढत का काम करने वाले मनीष गर्ग ने बताया कि सूरत के ही एलबी अपार्टमेन्ट के व्यापारी के यहां 12 लाख रुपये बकाया है। जिसके बदले व्यापारी ने 25-25 हजार का 60 चेक दे रखा है। वीपीएस ने चेक डालकर केस करने का सुझाव दिया।

महावीर मार्केट के व्यापारी मुकेश चिरानिया ने बताया कि दलाल के माध्यम से महाराष्ट्र के मुंभ के व्यापारी के यहां रुपये फंसे है। दलाल बोलता है कि पार्टी गलत निकल गया तो क्या करें? वीपीएस से दलाल पर दबाल बनाने का सुझाव दिया है।

व्यापारी नरेन्द्र जुनेजा ने बताया कि एक व्यापारी का वीपीएस वाट्स ग्रुप में डालने की चेतावनी दी तो उसकी हालत खराब हो गई और रुपये देने को राजी हो गया।

जबकि सहरसा के एक व्यापारी के यहां 2016 से रुपये बकाया है। जो 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने पर सहमत हुआ है।

आरकेएलएलपी मार्केट सरोली के व्यापारी जुगल किशोर राठी ने बताया कि एलबी अपार्टमेन्ट के व्यापारी के यहां 1.5 लाख रुपये बकाया है। यह मैटर वीपीएस ने पंच को सौंप दिया।

आदिनाथ मार्केट के व्यापारी मोहित दुधात ने बताया कि मुंबई के मलाड के व्यापारी के यहां 3.10 लाख रुपये बकाया है। जबकि अहमदाबाद के व्यापारी के यहां 6.77 लाख रुपये एक साल से बकाया है। वीपीएस ने वाट्स ग्रुप में नाम डालने की चेतावनी सहित कानूनी कार्रवाई करने का सुझाव दिया।

एके शर्मा ने चुटकुले अंदाज वीपीएस में कहा कि सद्गुणों का सदा संचार हो, सहारे से अच्छा साथ मिले, इस लिए वीपीएस का हर जगह आगाज हो। ताकि व्यापारी और व्यापार सदा फलता-फुलता रहे।