VPS News Bulletin : बकाया पेमेन्ट वसूली के तमाम विकल्प अपनाएं, लेकिन कानून कभी हाथ में न लें : संजय जगनानी


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वीपीएस का उद्देश्य व्यापारियों की कारोबारी समस्याओं एवं बकाया पेमेन्ट वसूली में मदद करना

(लोकतेज संवाददाता – धर्मेन्द्र मिश्रा)

सूरत। व्यापार प्रगति संघ, सूरत व्यापार एवं व्यापारी हित के लिए सदैव तत्पर है, यही कारण है कि आज संस्था के साथ  तकरीबन 25 हजार से अधिक व्यापारी जुड़ गये हैं। व्यापारी एवं व्यापार हित के लिए प्रत्येक रविवार को रामचौक स्थित शिवाजी गार्डन में सुबह 8 से 9 बजे तक एक मीटिंग आहूत की जाती है, जिसमें व्यापारी अपनी समस्या एवं सुझाव आदान-प्रदान करते हैं।

रविवार, 28 अप्रैल 2019 को भी साप्ताहिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें संघ के पदाधिकारियों के अलावा पंच, स्वयंसेवक और पीडि़त व्यापारी उपस्थित रहे।

वीपीएस के संस्थापक संजय जगनानी ने कहा कि व्यापारियों को न्याय के लिए स्वयं आगे रहना होगा। अन्याय के खिलाफ लडऩा जरुरी है। उन्होंने कहा कि व्यापार प्रगति संघ (वीपीएस) पूरे भारत का है और सभी व्यापारी इसके पंच हैं। संघ का मूल उद्देश्य शांति प्रिय व्यापारियों के व्यापार में आने वाली बाधा को हर संभव दूर करना एवं इनके फंसे हुए रुपये निकलवाने में कानूनी तौर पर मदद करना है। लेकिन किसी भी परिस्थिति में पीडि़त व्यापारी को ही आने आना होगा। कारण कि लड़ाई तो स्वयं तो लडऩा होती है। परंतु वीपीएस के सभी पंच एवं इससे जुड़े व्यापारी पीडि़त व्यवसायी के साथ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे। अहिसंक लड़ाई लड़कर गांधीजी ने अंग्रेजों का भागने पर मजबूर कर दिया।  इसलिए न्याय के लिए लड़ाई जारी रखना जरुरी है। गांधीगिरी से फंसे रुपये की व्यापारी एवं एजेंट से वसूली करे। यदि सामने वाला दुव्र्यवहार करता है तो पुलिस में अवश्य शिकायत करें। यदि व्यापारी किसी भी सूरत में रुपये देना नहीं चाहता तो उसके खिलाफ चोर-चीटर लिखने की बजाय उसके फर्म का नाम लिखकर आग्रह करें। पैसा आये या न आये परंतु कानून हाथ में नहीं लेना। पुलिस द्वारा नोटिस जरुर भेजिये। इसके बाद जिस व्यापारी के रुपये लेना बाकी है, उसके दुकान के सामने चादर बिछाकर अपने अराध्यदेव का भजन करें।

वीपीएस के नरेन्द्र साबू ने कहा कि व्यापारियों को व्यापार प्रगति संघ के रुप में एक मंच मिला है। संघ से जुड़कर सभी व्यापारी वीपीएस का पंच बनकर व्यापारियों का सहयोग करें और अपने मार्केट में मजबूत बनें। सभी पंच हर सप्ताह होनेवाली वीपीएस की मीटिंग में अवश्य शामिल होवें। व्यापारियों को व्यापार प्रगति संघ के 25 हजार व्यापारियों एवं 125 वाट्स ग्रुप की ताकत बताना होगा।

संघ के अरविन्द गाडिया ने कहा कि अपना (वीपीएस) संगठन हर मार्केट में फैले और व्यापारी स्वयं पंच बनें। इसके लिए प्रत्येक मार्केट में अलग-अलग व्यापारियों को जवाबदारी दी गई है। हर मार्केट के प्रत्येक रो में पंच को जोड़ें। उन्होंने व्यापारियों को बहुत ही सूझबूझ और सतर्कता पूर्वक व्यापार करने की नसीहत दी।

 

व्यापारियों की प्रति क्रियाएं एवं सुझाव

नीचे सूरत के कुछ ऐसे व्यापारियों की प्रतिक्रियाएं दी गई हैं, जिनका भुगतान लंबे अरसे से बकाया था और वीपीएस के प्रयासों से उन्हें भुगतान प्राप्त करने में सफलता मिली।

एजेंट पप्पूभाई ने कहा कि गोरखपुर की पार्टी को माल दिलवाया और व्यापारी ने चेक भी दे दिया, परंतु चेक रिटर्न हो गया है। चेक रिटर्न होने के बाद व्यापारी कोई कार्रवाई करने की बजाय मुझसे पैसा मांग रहे हैं। वीपीएस ने सुझाव दिया कि चेक जिस फर्म के नाम से है, कार्रवाई उन्हीं को करना होगा।

तिरुपति मार्केट के व्यापारी ने कहा कि कुबरेजी मार्केट में व्यापार करने वाला अब बिकानेर चला गया है, जिसके पास मेरा 4 लाख रुपये बकाया है। साथ ही अन्य व्यापारियों के भी काफी रुपये फंसे हैं। वीपीएस ने सभी व्यापारियों से संपर्क कर पुलिस शिकायत करने का सुझाव दिया।

एक अन्य व्यापारी ने पंडित कार्गो से 2016 में जयपुर माल भेजा था, जो पार्टी को नहीं मिला। वीपीएस ने लिखित में नोटिस भेजकर कार्गो से जवाब मांगने का सुझाव दिया।

अभिनंन्दन मार्केट के व्यापारी सुमेरमल जैन ने कहा कि इन्दौर की पार्टी के यहां 2016 से 2 लाख रुपये बकाया है। इस मामले को वीपीएस के पंच जीतेन्द्र केडिया देख रहे हैं।

एनटीएम के व्यापारी का कानपुर के एजेंट ने चार-पांच पार्टियों के नाम से माल मंगाकर अपने पास रख लिया। एजेंट डेढ़ साल से सूरत नहीं आया। वीपीएस ने पार्टी को नोटिस देने का सुझाव दिया। साथ ही पंच राजीव ओमर को यह मैटर सुलझाने को दिया है।

आरकेटी मार्केट के बालाजी टेक्सटाइल के मुंबई के व्यापारी के पास 6 लाख रुपये तीन साल से अटका है। सूरत के रघुनंदन मार्केट के एजेंट के माध्यम से माल दिया था। व्यापारी ने चेक तो दिया है, लेकिन अभी डिपोजिट करने से मना करता है। वीपीएस के पंच विनोद अग्रवाल इस मामले को देख रहे हैं।

एनटीएम के व्यापारी बजरंग झंवर ने बताया कि कोलकाता की तीन पार्टी के यहां 2017 से पेमेन्ट अटका है। इस मैटर को पंच श्यामजी देख रहे हैं।

आरकेटी के एमआर फैब्रिक्स का तीन साल पहले एक पार्टी के यहां 96 हजार का माल भेजा था। वह पार्टी बोल रही है कि माल बिकेगा तो पेमेन्ट करुंगा। इस मामले को पंच अमित तापिडया देख रहे हैं।

रेशमवाला मार्केट के व्यापारी अंकित बंसल ने बताया कि हैदराबाद के व्यापारी के यहां 43 हजार रुपये फंसे हैं। वीपीएस ने व्यापारी एवं एजेंट पर दबाव बनाने का सुझाव दिया।

गोल्डन प्लाजा के व्यापारी का दिल्ली के व्यापारी के पास 3 लाख फंसा है। रुपये देने की बजाय सीलिंग का बहाना बना रहै। वीपीएस ने व्यापारी पर दबाव बनाने के सुझाव दिया।

एनटीएम के व्यापारी का सूरत के ही व्यापारी के यहां एजेंट के माध्यम से दिये माल के रुपये अटके हैं। इस मैटर को वीपीएस के पंच दीपकभाई देख रहे हैं। वीपीएस ने साफ कहा कि पैसा एजेंट से लीजिये।

एटीएम मार्केट के व्यापारी के एजेंट के माध्यम से केरल के व्यापारी के यहां रुपये फंसे है। वीपीएस के नरेन्द्र साबू ने कहा कि दबाव बनाओगे तभी पैसे आएगा। इस मैटर को पंच संदीपभाई देख रहे हैं।

एनटीएम के व्यापारी का 2.5 लाख रुपये एक पार्टी के पास बकाया है। वीपीएस ने भुगतान नहीं करने पर बिल की कॉपी वाट्सग्रुप में रखने का सुझाव दिया।

 

वीपीएस के प्रयासों से मिली इन व्यापारियों को मदद

नीचे सूरत के कुछ ऐसे व्यापारियों की प्रतिक्रियाएं दी गई हैं, जिनका भुगतान लंबे अरसे से बकाया था और वीपीएस के प्रयासों से उन्हें भुगतान प्राप्त करने में सफलता मिली।

रामकिशोर दानी ने बताया कि उनका समस्तीपुर के एक व्यापारी के यहां ८५००० रुपये बकाया था। वीपीएस के ग्रुप में उस विषयक मैसेज भेजने मात्र से उनको ३५ हजार रूपये का चैक मिल गया और शेष अगले महीने देने का वादा उक्त व्यापारी ने किया है।

टीटी मार्केट स्थित स्वरा डिजाईनर के आशीष शाह वीपीएस का साधुवाद किया है क्योंकि उनका ६२००० रुपये का महाराष्ट्र के सतारा में बकाया पेमेन्ट आ गया है। अपना ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा कि सतारा के जिस व्यापारी के यहां उनका बकाया था, उसके सूरत में दिखाई देने पर वे उसे अपनी दुकान पर ले आये और कहा कि उसे वीपीएस कार्यालय ले चलूं या वीपीएस कार्यकर्ताओं को बुलाऊं? इतना कहने मात्र से उसने दो चैक दे दिये। एक चैक पास हो गया है और दूसरा भी हो जायेगा। आशीष शाह कहते हैं कि व्यापारी ईमानदारी से अपनी मेहनत का रुपया निकालने की पूरी कोशिश करे तो बहुतया सफलता मिल जाती है। साथ ही उन्होंने गुजारिश की है कि सभी को अटका हुआ पेमेन्ट निकालने के लिये वीपीएस के पंचों से परिचय रखना चाहिये जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है।

अशोक अरोरा ने बताया कि उनका कानपुर की एक पार्टी के यहां ३९६०० रुपये फंसे थे। वीपीएस के बाबूराम अग्रवाल की मदद से वर्ष २०१३ से बकाया यह राशि तीन टुकडों में फोरवर्ड डेट के चैक के माध्यम से प्राप्त हुई।

जगदंबा साड़ी, सीकर के रविकांत ने बताया कि उनका नीमका थाना, राजस्थान में तीन वर्षों से पेमेन्ट बकाया था और कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिल रहा था। उन्होंने २ माह पूर्व बिना पार्टी का नाम लिये वीपीएस के ग्रुप में मैसेज पोस्ट किया। इस पर सूरत के ही व्यापारी बसंत फैशन के प्रदीप कयाल ने मैसेज पढ़कर नीमका थाना के व्यापारी को फोन करके वीपीएस की ताकत और प्रभाव के बारे में बताया। बात उक्त व्यापारी के समझ में आ गई और उन्होंने बकाया पूरा पेमेन्ट दे दिया। रविकांत कहते हैं कि वीपीएस केवल सूरत के व्यापारियों के लिये ही नहीं, अपितु सूरत के बाहर की मंडियों के व्यापारियों के भी काम आ रहा है।


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