सूरत : 1995 में बने इस ब्रिज की अब होगी मरम्मत, 8 महीनों तक बाधित रहेगी आवाजाही


सूरत महानगर पालिका द्वारा पुराना सरदार ब्रिज आठ महीनों के लिये बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस ब्रिज की मरम्मत अनिवार्य हो जाने के कारण यह फैसला लिया गया है। काफी लंबे समय से सूरत महानगर पालिका इस विषय पर विचार कर रही थी, लेकिन ट्राफिक की समस्या बढ़ने के कारण इस ब्रिज के मरम्मत के कार्य को टाला जाता रहा।

एक रिपोर्ट के अनुसार, सूरत, अडाजण और अठवा क्षेत्र को जोड़ने वाले सरदार ब्रिज का लोकार्पण १९९५ में किया गया था। लोकार्पण के बाद इस ब्रिज की मरम्मत एक भी बार नहीं की गई है। इस ब्रिज पर ट्राफिक अत्यधिक होने के कारण मरम्मत कार्य संभव नहीं हो पा रहा था। दूसरी ओर कैबल स्टेइड ब्रिज का निर्माणकार्य भी वर्षों से लगातार टलता जा रहा था। इस कारण भी इस ब्रिज की मरम्मत का निर्णय लेने में देरी होती चली गई। इसी दौरान सरदार ब्रिज के दोनों ओर एक-एक अतिरिक्त लेन बढ़ाने का काम भी शुरू हो गया। एक ओर जहां बिंज पर यह काम चल रहा हो, वहीं यदि मरम्मत का काम भी शुरू कर दें तो ट्राफिक की समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती थी।

अब जबकि सरदार ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाकर उसे पुनः शुरु कर दिया गया है और कैबल स्टेइड ब्रिज भी शुरू हो गया है, ऐसे में पुराने सरदार ब्रिज को ८ महीनों के लिये बंद करके उस पर से गुजरने वाले वाहनों को नये ब्रिज पर डायवर्ट करके पुराने सरदार ब्रिज की मरम्मत के कार्य को अंजाम देने का निर्णय लिया गया है।

इस कार्य के लिये सूरत महानगर पालिका ने टेन्डरिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसमें एक कंपनी ने ८ करोड़ रूपये के खर्च पर ब्रिज की मरम्मत का कार्य करने की पेशकश की थी। इस पेशकश को टेन्डर स्क्रुटीनी कमिटी की बैठक में मंजूर करके स्थायी समिति को सिफारीश करने का निर्णय लिया गया है।

ध्यान रहे कि सरदार ब्रिज की मरम्मत करते समय ब्रिज को पूरा बंद नहीं किया जायेगा, अपितु एक के बाद एक लेन को बंद करके ब्रिज की मरम्मत की जायेगी।