हो गया सजा का एलान : आजीवन जेल में रहेंगे आसाराम के पुत्र नारायण साईं


सूरत के बहुचर्चित नारायण साईं बलात्कार मामले में मंगलवार को अदालत ने सजा का एलान कर दिया। नरायण को आजीवन कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना की सजा दी है ।

वहीं अन्य आरोपियों गंगा, जमुना और हनुमान को 10-10 वर्ष एवं ड्राइवर रमेश मल्होत्रा को 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई गई है।

बता दें कि सेशन कोर्ट ने विगत २६ अप्रेल को मामले के ४ आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2),377,120B,506(2) समेत अन्य धाराओं में दोषी करार दिया था। दो बहनों के इस बलात्कार मामले में अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को दोषी पाया था। नारायण के अलावा अन्य आरोपी हैं गंगा, जमना, हनुमान और रमेश मलहोत्रा। मामले में पीड़िता ने अदालत के सामने ५३ गवाहों सहित सभी आवश्यक प्रमाण पेश किये थे। ज्ञातव्य है कि मामले में कुल ११ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला था, जिनमें से ६ लोगों को निर्दोष ठहराते हुए बरी कर दिया गया था व शेष ५ को दोषी ठहराया गया था।

कड़े पुलिस पहरे में सूरत लाया गया नारायण

सुबह नारायण साईं को कड़े पुलिस पहरे में लाजपोर जेल से सूरत सेशन्स कोर्ट में लाया गया। कोर्ट में नारायण के वकील और सरकारी वकीलों ने दलीलें पेश की। नारायण के वकील ने अपने मुवक्किल को कम से कम सजा हो इस संबंधी में कोर्ट में अपना पक्ष रखा। इसी दौरान नारायण साईं ने दलीलों के बीच एक पत्र लिखा। पत्र में उसने दोषी ठहराये जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

सरकारी वकील ने इस पर अपनी दलील पेश करते हुए कहा कि गुरु का स्थान भगवान और पिता तुल्य होता है और इस ऊंचे पद पर आसीन कोई शख्स बलात्कार जैसा अपराध करता है तो उसे कठोरतम सजा दी जानी चाहिये।

नारायण पर पीड़िता ने कई बार दुष्कर्म का लगाया था आरोप

इस मामले में पीड़िता ने अदालत के समक्ष अपने बयान में कहा था कि नारायण साईं ने एक-दो बार नहीं, अपितु कई बार उसे हवस का शिकार बनाया। इस कांड में आश्रम के रहने वाले अन्य साधक-साधिकाएं भी नारायण साईं को मदद करते थे।

याद होगा कि यह मामला वर्ष २०१३ का है जब पीड़ित बहनों में से छोटी बहन ने अपनी शिकायत में नरायण साईं पर वर्ष २००२ से २००५ के बीच कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। दूसरी ओर बड़ी बहन ने नारायण साईं के पिता आसाराम पर वर्ष १९९७ से २००६ के बीच यौन उत्पीड़न करने का अरोप लगाया था। अदालत के समक्ष प्रस्तुत किये गये चिकित्सकीय प्रमाणों से पीड़िता के आरोपों की पुष्टि भी हुई।

नाजायज संतानें और पिता की संपत्ति हड़पने की मंशा

नारायण सांई की कामलीलाओं के विषय में पुलिसिया पूछताछ के दौरान कई प्रकार के खुलासे हुए थे। कहा गया कि नारायण साईं ने कई महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किये जिनमें आश्रम के उपरांत आश्रम के बाहर की महिलाएं भी शामिल थीं। कहा गया कि नारायण की पत्नी के माध्यम से संतान न होने पर उसने जमुना नामक महिला के साथ संबंध बनाये। नारायण ने स्वंय पूछताछ में कबूल किया था कि जमुना के माध्यम से उसे बेटा हुआ। नारायण पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला ने तो यहां तक कहा था कि जमुना के अलावा एक अन्य महिला के साथ भी उसकी नाजायज संतान थी। वह युवती अहमदाबाद में रहती है। उस महिला ने अपने अरोप में यह भी कहा था कि नारायण आश्रम की युवतियों के साथ स्नान करता और उसे अपनी रासलीला बताता। ऐसा भी कहा जाता था कि नारायण अपने पिता आसाराम की सेक्स सीडी बनाना चाहता था। ऐसा करने के पीछे उसकी मंशा अपने पिता की समग्र संपत्ति हथिया लेने की थी।

भागता रहा नारायण साईं

नारायण साईं पर लगे आरोपों के बाद कई महीनों तविह पुलिस से भागता रहा। दिसंबर २०१३ में पुलिस ने नारायण को दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास से गिरफ्तार किया था। मामले को दबाने के लिये नारायण ने थाना प्रभारी को रिश्वत भी दी थी। पुलिस ने उकत अध‌िकारी से ५ करोड़ रुपये नकद और प्रोपर्टी के कागजात बरामद कर उसे भी धर दबोचा था।

अब इस मामले के सेशन कोर्ट के आज के फैसले के बाद नारायण साईं आजीवन जेल में चक्की पिसेंगे!