सूरत : वेड-वरियाव तापी ब्रिज, सिद्धार्थ नगर रेलवे ब्रिज के टेंडर स्वीकृति


स्थायी समिति की बैठक में रेग्युलर एजेन्डा के 32 कार्यों तथा अतिरिक्त 12 कार्यों पर कुछ ही मिनटों में चर्चा कर कार्यों को स्वीकृति दी गई।

वराछा क्षेत्र गंदगी से सराबोर खाड़ी को रिडेवलप करने का स्थाई समिति में निर्णय

सूरत। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता कभी भी अमल में आ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए सूरत महानगरपालिका के शासकों द्वारा गुरूवार सुबह स्थायी समिति की बैठक में रेग्युलर एजेन्डा के 32 कार्यों तथा अतिरिक्त 12 कार्यों पर कुछ ही मिनटों में चर्चा कर कार्यों को स्वीकृति दी गई। जिसमें मुख्य तौर पर वेड-वरियाव तापी नदी पर की ब्रिज, सिद्धार्थ नगर रेलवे ओवरब्रिज तथा वराछा में लक्ष्मणनगर की करंज सुएज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट तक गंदगी से सराबोर खाड़ी की रिमॉडलिंग के करोड़ों के टेंडर स्वीकृत किए गए।

स्थाई समिति अध्यक्ष अनिल गोपलाणी के अनुसार सरदार ब्रिज से सटे अठवा फ्लाय ओवरब्रिज की रिपेरिंग रिहेबिलिटेशन के लिए 2.95 करोड़ का टेंडर स्वीकृत किया गया। मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी के हाथों वराछा खाड़ी, वेड वरियाव ब्रिज तथा सिद्धार्थ नगर ब्रिज का शिलान्यास होने से इन कार्यों को प्राथमिकता देकर इस बार की स्थाई समिति में स्वीकृति दी गई है।

मनपा द्वारा वराछा लक्ष्मणनगर से शुरू हुई उधना जीवन ज्योत तक 8.25 किलोमीटर लंबी खाड़ी को स्मार्ट प्रोजेक्ट अंतर्गत समावेश किया गया है। वराछा विस्तार के स्थानीय पार्षदों, विधायक और मेयर की मांग को ध्यान में रखकर वराछा खाड़ी को लक्ष्मणनगर से करंज सुएज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट तक 2.85 किलोमीटर तक 123.83 करोड़ के खर्च से रिडेवलप करने का निर्णय लिया गया है। वेड वरियाव को जोडऩेवाला तापी नदी पर 117 करोड़ का ब्रिज तथा इस ब्रिज के लिए 35 करोड़ की जमीन संपादन करने और लगभग 30 करोड़ की खर्च से भेस्तान सिद्घार्थनगर और लिंबायत के डिंडोली में कराडवा को जोडऩेवाले रेलवे ओवरब्रिज को भी स्थाई की स्वीकृति दी गई है।