अहमदाबाद के बाद सूरत में मेट्रो रेल चलाने की ओर चक्र हुए गतिमान, जानिये क्या है प्लान


सूरत गुजरात का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और लगभग 60 लाख की वर्तमान की जनसंख्या रखनेवाले भारत का आठवां सबसे बड़ा शहर है।
(प्रतिकात्मक तस्वीर)

सूरत मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए 12,114 करोड़ का डीपीआर मंजूर

सूरत। सूरत गुजरात का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और लगभग 60 लाख की वर्तमान की जनसंख्या वाला भारत का आठवां सबसे बड़ा शहर है। सूरत शहर 326.51 वर्ग कि.मी. के क्षेत्र में फैला है। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में सबसे तेजी से विकास कर रहे शहर में से एक सूरत ‘द सिल्क सिटी’, द डायमंड सिटी, द ग्रीन सिटी वगैरह जैसे अन्य नाम से भी जाना जाता है। वर्ल्ड क्लास स्मार्ट सिटी विकसित करने की दृष्टि से सूरत तेजी से ऊंची वृद्धि दर से आगे बढ़ रही है। ऑक्सफोर्ड इकोनोमिक्स की भविष्यवाणा के अनुसार वर्ष 2035 तक में सूरत यह विश्व का सबसे अधिक तेजी से विकसित होनेवाला शहर होगा।

20 लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों में मेट्रो रेल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए भारत सरकार की नीति के साथ, गुजरात राज्य ने सूरत शहर में मेट्रो परिवहन के लिए निर्णय लिया और सूरत शहर के लिए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए डी.पी.आर. तैयार करने का आदेश दिया। जिसके अनुसार सूरत महानगरपालिका द्वारा गुजरात सरकार के मार्गदर्शन में सूरत रेल प्रोजेक्ट के लिए डी.पी.आर. की तैयारी का कार्य डी.एम.आर.सी. (दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) को सौंपा गया।

सूरत महानगरपालिका ने सूरत शहर में सार्वजनिक सामूहिक परिवहन व्यवस्था के प्रति अधिक पैमाने पर अभिगम अपनाया है और 500 किमी से अधिक नेटवर्क की सिटीबस की कार्यवाही के साथ 102 किमी बीआरटीएस नेटवर्क पूर्ण किया है। सूरत शहर हेतु कॉम्प्रीहेन्सीव मोबिलिटी प्लान (सी.एम.पी.) के अनुरूप, सूचित मेट्रो रेल सिस्टम ट्रंक सिस्टम के तौर पर कार्य करेगा, जबकि अन्य सामूहिक परिवहन के माध्यम से पूरक और फीडर सिस्टम के तौर पर कार्य करेगा इस अनुसार का आयोजन सी.एम. पी. में बताया गया है।

सूरत मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के द्वारा फील्ड स्टडीज और मोडलिंग द्वारा विस्तार से ट्राफिक स्टडी और डिमान्ड एसेसमेन्ट का सर्वेक्षण शुरू किया गया है। डिटेल्ड एसेसमेन्ट के आधार पर, दो कोरीडोर (कुल लंबाई 40.35 कि.मी.) को डी.पी.आर. में फेज-1 में सूचित किया गया है। डी.एम.आर.सी. (दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) ए.डी.पी.आर. के अनुसार सूरत शहर के लिए मध्यम क्षमता की मेट्रो रेल सिस्टम सूचित किया है। केन्द्र सरकार की नई मेट्रो रेल पॉलिसी -2017 अंतर्गत रिवाइज्ड डी.पी.आर. के अनुसार सूरत महानगर पालिका के सहयोग से 4 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन का पीपीपी स्तर पर आयोजन दर्शाया गया है।

सूरत के मजूरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हर्ष संघवी ने ट्वीट करके सूरत मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की सराहना की।

कोरीडोर-1 :

सरथाणा से ड्रिमसिटी : 21.61 किमी, (15.14 कि.मी. एलीवेटेड और 6.47 कि.मी. अन्डरग्राउन्ड) – 20 स्टेशन (14 एलीवेटेड, 6 अन्डर ग्राउन्ड)

कोरीडोर १ सरथाणा / वराछा से शुरू होकर नाना वराछा, रेलवे स्टेशन, चौक, मजुरागेट, भटार चार रास्ता, सरसाणा एक्जिबिशन सेन्टर, खजोद चार रास्ता, ड्रीम सिटी तक गुजरेगी।

कोरीडोर-2 :

भेंसाण से सारोली : 18.74 किमी. (एलीवेटेड)- 18 स्टेशन (एलीवेटेड)

कोरीडोर २ भेंसाण से शुरू होकर उगत, मधुवन सर्कल, अडाजण, मजुरागेट, कमेला दरवाजा, परवत पाटिया, सारोली तक गुजरेगी।

बुधवार को नई दिल्ली में जी.सी. मुर्मु सेक्रेटरी, एक्सपेंडिचर की अध्यक्षता में आयोजित पीआईबी (पब्लिक इन्वेस्टमेन्ट बोर्ड ) की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सूरत मेट्रो रेल के लिए 12114 करोड़ का डीपीआर मंजूर किया गया है। बैठक में जीएमआरसी (गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. आई.पी. गौतम द्वारा सूरत मेट्रो रेल का प्रजेन्टेशन किया गया था। इस प्रजेन्टेशन के दौरान केन्द्र सरकार के विविध विभागों में से रेलवे बोर्ड, नीति आयोग, फायनान्सियल सेक्रेटरिएट, इकोनोमिक अफेयर्स, नेशनल हाईवे अथॉरिटी के उच्च अधिकारियों/ प्रतिनिधियों वगैरह तथा गुजरात सरकार की तरफ से मुकेश पुरी, अग्र सचिव, शहरी विकास विभाग उपस्थित रहे। अंदाजन 12114 करोड़ की विशाल रकम का शहर के लंबी अवधि के मार्ग परिवहन की समस्या का समाधान हेतु यह योजना आगामी 5 वर्ष में साकारित होने का अनुमान है।