सूरत : ठगी के दो मामले – जानिये कैसे शातिरों ने 35 हजार रूपये झांडे और ओटीपी जानकर लगाया १० हजार का चूना


5 लाख की लोन देने के बहाने 35 हजार वसूलनेवाले तीन के खिलाफ कापोद्रा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई है।
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)

सूरत। शहर में ठगी के दो विभिन्न मामलों में पीड़ितों को कुल मिलाकर करीब ५० हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इन आर्थिक अपराध के मामलों में ठगी से बचने का एकमात्र उपाय सावधानी बरतना ही है। पहले मामले में जहां लोन देने का झांसा देकर पैसे उड़ाये गये, वहीं अन्य एक मामले में बैंक एकाऊंट का केवायसी अपडेट करने के बहाने ठगी की गई।

पहले मामले में 5 लाख का लोन देने के बहाने 35 हजार वसूलने वाले तीन लोगों के खिलाफ कापोद्रा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई है। इस संबंध में कापोद्रा पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सक्रिता सोसायटी में रहनेवाले हीरा श्रमिक दिलीप राणाभाई लिंबाचिया ने आरोपी किर्ती मिश्रा, संदीप चौधरी, हंसराज के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में कहा गया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को फोन कर पांच लाख की लोन दिलाने के बहाने खाते में 35000 रुपए  जमा करवाए और फिर लोन नहीं दी। विश्वासघात और ठगी के मामले में कापोद्रा पुलिस के पीएसआई ए.जी. रबारी ने जांच शुरू की है।

अन्य एक मामले में कतारगाम पुलिस सूत्रों के अनुसार कतारगाम कुंभारवाड में रहनेवाली विकिशाबेन केशवभाई प्रजापति ने ठगी की शिकायत कराई। शिकायत में कहा गया कि बैंक ऑफ इंडिया, गांधीनगर ब्रान्च के मैनेजर दीपकभाई के तौर पर पहचान बताकर किसी ने उन्हें फोन किया और फोन पर केवायसी अपडेट करने के बहाने बैंक एकाऊंंट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र कर ओटीपी भी पूछ लिया। ओटीपी जानकर आरोपी ने बैंक खाते से 9999 रुपए ट्रान्सफर कर लिए। कतारगाम पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की है।