सूरत के मजुरा बैठक के विधायक ने इस ‌विषय पर CM को पत्र लिखा


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सूरत में कुछ समय से अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। दिन दहाड़े लूट, चोरी, मारपीट, हत्या जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब यह लग रहा है कि सूरत एक अपराध शहर बन गया है। दूसरी ओर, लोगों के प्रतिनिधियों को इस मामले में जवाब देना होगा। जिसको लेकर सूरत के मजुरा विधान सभा के विधायक हर्ष संघवी ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पत्र लिखा है।

सूरत में अहमदाबाद, वडोदरा और राजकोट शहर में जितने पुलिस कर्मचारी हैं उनके मुकाबले काफी कम पुलिस कर्मचारी उपलब्ध हैं। परिणामस्वरूप, मुख्यमंत्री विजय रूपानी से सूरत का सुरक्षा बल बढ़ाने के लिए विधायक हर्ष संघवी द्वारा पत्र लिख कर मांग की गई।

हर्ष संघवी ने पत्र में कहा है कि गुजरात की आर्थिक राजधानी कहलाती सूरत में विकास के साथ, जनसंख्या घनत्व की गति भी समानांतर है। ऐसे चरण में, गुजरात के अन्य शहरों अहमदाबाद, वड़ोदरा और राजकोट की तुलना में सूरत शहर की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं और पुलिस कर्मचारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। अहमदाबाद में, एक लाख की आबादी में पुलिस कर्मचारियों की संख्या 168 है, राजकोट में 102, वडोदरा में 165 जबकी सूरत में केवल 68 पुलिसकर्मी हैं।

उन्होंने आगे लिखा है कि सूरत की आबादी 64 लाख से कम रही है। इसलिए, अपराध की अग्रिम योजना द्वारा सूरत में पुलिस कर्मियों की संख्या की आवश्यकता है।