फर्जी बैंक खाते से करोडों का लेन-देन और आम आदमी फंस गया


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आपके आईडी प्रूफ से फर्जी बैंक खाता खुलाये, करोडों का ट्रांजेक्शन और इनकम टैक्स की नोटिस आपके नाम!

जरा सोचिये! आपके पान कार्ड, ड्राइविंग लाईसन्स आदि पहचान पत्रों का उपयोग करके शातिर लोग आपके नाम से बैंक खाता खुलवाएं, फिर उस खाते से करोडों का ट्राजेक्शन करें और फिर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नोटिस आपको भेजकर आपसे रिकवरी वसूले। अटैक आ जायेगा ना?

ऐसा ही हुआ है सूरत के सरथाणा क्षेत्र में रहने वाले ललितभाई ठोडिया नामक शख्स के साथ। ललितभाई कमिशन से लेब का काम करते हैं और महीने २०-२५ हजार रूपये का वेतन पाते हैं। वे रहते तो हैं सरथाणा के व्रजचौक स्थित व्रजदर्शन रेसीडेंसी में, लेकिन उनका पूणागाम क्षेत्र में एक पुराना मकान है, जहां आयकर विभाग की ओर से धड़ाधड़ तीन नोटिस भेजी गईं।

आयकर विभाग की नोटिस मिलने से भौचक्के और घबराये ललितभाई जब आयकर कार्यालय गये और जांच करवाई तो पता चला कि पुराने बॉम्बे मार्केट स्थित इलाहबाद बैंक में मानसी क्रियेशन और महेक फेब्रिक्स के नाम से उनके आईडी प्रूफ के आधार पर वर्ष २०१० में २ खाते खोले गये हैं। इतना ही नहीं, उन खातों से वर्ष २०१२ में फरवरी व मार्च महीने के बीच लगभग साढ़े १० करोड़ रूपये के ट्रांजेक्शन हुए।

इस बात का पता चलने पर ललितभाई ने वराछा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच में शातिरों का पता तो जब चलेगा तब चलेगा, लेकिन अभी तो नुकसान ललितभाई को झेलना पड़ा है। आयकर विभाग ने रिकवरी के रूप में २.३५ लाख रुपये उनके निजी खाते से काट लिये हैं। उनके जीवन भर की बचत हवा हो गई है।