सूरत : क्या चैंबर के उपाध्यक्ष पद टेक्सटाईल से जुड़े व्यक्ति को चुनने का अभियान अंजाम तक पहुंचेगा?


सूरत टेक्सटाईल सिटी के रूप में प्रख्यात है। इस कारोबार के माध्यम से बड़ी मात्रा में रोजगार का सृजन भी होता है। कारोबार से जुड़े वि‌‌भिन्न घटकों के अपने-अपने संगठन भी हैं, लेकिन सूरत के सबसे बड़े और नामी व्यावसायिक संगठन द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कोमर्स में अब तक टेक्सटाईल इंडस्ट्री का प्रभावी प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। चैंबर में अब तक कोई टेक्सटाईल क्षेत्र से उपाध्यक्ष पद पर आसीन नहीं हुआ है।

अब जबकि चैंबर के उपाध्यक्ष पद के चुनाव होने को हैं, तब सूरत के कपड़ा उद्योग से ऐसी मांग उठी है कि उद्योग की समस्याओं को उच्च स्तर पर प्रभावी रूप से पेश किया जा सके इसके लिये इस बार उपाध्यक्ष पद पर कोई टेक्सटाईल उद्योग से ही जुड़ा व्यक्ति होना चाहिये।

कपड़ा उद्योग से जुड़े कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर इस संबंध में एक अभियान शुरू किया है, जिसके माध्यम से यह जागृति फैलाई जा रही है कि यदि टेक्सटाईल से कोई व्यक्ति उपाध्यक्ष पद पर आसीन होता है तो इंडस्ट्री को लाभ होगा। यार्न से लेक साड़ी, ड्रेस आदि उत्पाद तैयार होते हैं उस संपूर्ण कड़ी में २० से अधिक बार वेल्यू एडिशन होता है और इन सभी घटकों की कोई न कोई समस्याएं नित सामने आती रहती हैं। यदि इन समस्याओं से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष उचित ढंग से उठाया जाए तो रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं। साथ ही उद्योग का विकास भी होगा।

गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार के पास करोड़ों की बकाया सब्सिडी का मसला लंबे समय से अटका पड़ा है। केंद्र सरकार की पावर टेक्स इंडिया योजना और अन्य योजनाओं में कई क्षति हैं, जिसके कारण उद्यमी इन सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। जीएसटी के कारण भी टेक्सटाईल से जुड़े उद्यमी पीड़ित हैं। इन मुद्दों के निराकरण के लिये एक जानकारी व्यक्ति चैंबर जैसे संगठन के उच्च पद पर आसीन होना अनिवार्य है। देखना है इस संबंध में चलाया जा रहा अभियान अपने अंजाम तक पहुंचेगा या नहीं?