बुलेट ट्रेन के बीच आ रहे वृक्षों का किया जा रहा है प्रत्यारोपण


जिले में बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। इन विरोधों के बीच, परियोजना सर्वेक्षण का कार्य करने वालों ने पेड़ों की रोपाई शुरू कर दी है, जिसमें एक स्थान से दूसरे स्थान पर वृक्षों का रोपण शुरू कर दिया है।

बुलेट ट्रेन को लेकर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। भूमि के अधिग्रहण के साथ भूमि में लगे वृक्षों का सर्वेक्षण भी किया जा रहा है। किसानों को होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी मिल रही है लेकिन दूसरी ओर भूमि सम्पादन के साथ-साथ खेतों में खड़े वृक्षों की रोपाई शुरू कर दी है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, सूरत जिले के चोरासी तालुका के कछोली गाँव में जेसीबी की मदद से अम्बा के वृक्ष का प्रत्यारोपण किया गया।

सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में विदेशों से आधुनिक मशीनें लाई जाएंगी और मशीनों का इस्तेमाल करके पेड़ों क प्रत्यारोपित किया जाएगा। इससे किसानों को भी फायदा होगा और पेड़ों का रखरखाव भी होगा।

वर्तमान में, बुलेट ट्रेन में जाने वाली भूमि है उसमें कई पेड़ों को हटाया जाना है और सभी पेड़ों का प्रत्यारोपण तभी किया जाएगा जब सर्वेक्षण किया जाएगा।