खाली मुकदमा ही नही है समाधान: बोलने से पहले सोचे नेता


चौकीदार आजकल पूरे भारत मे जबरदस्त ट्रेंड पर है। दोनो प्रमुख राजनैतिक पार्टियों द्वारा चौकीदार शब्द को लेकर ही चुनाव प्रचार किया जा रहा है।
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चौकीदार आजकल पूरे भारत मे जबरदस्त ट्रेंड पर है। दोनो प्रमुख राजनैतिक पार्टियों द्वारा चौकीदार शब्द को लेकर ही चुनाव प्रचार किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के मुखिया राहुल गांधी ने पहली बार जब कहा था कि चौकीदार चोर है तब लगा था कि इस बार फिर पार्टी इस बात पर बैकफुट पर जाएगी जैसे नीच वाले मणिशंकर अय्यर के बयान पर गई थी। लेकिन इस बयान पर ऐसा नही हुआ और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इसे खूब प्रचलित किया। भाजपा को इससे उन्होंने खूब घेरा।

लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैं भी चौकीदार का नारा दिया तब से भाजपा कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उसके बाद लगभग सभी ने अपने नाम के आगे चौकीदार लिखना प्रारम्भ कर दिया। यहां तक कि चुनावी प्रचार सामग्री में भी चौकीदार शब्द का प्रयोग बहुलता से होने लगा।

लेकिन इस पर भी राहुल गांधी रुके नही। उन्होंने चौकीदार ही चोर है का नारा चालू रखा यहां तक कि अपनी सभाओं में लोगो से भी यह नारा लगवाना चालू रखा। इसके साथ ही अतिरेकतापूर्वक उन्होंने सारे मोदी को चोर भी एक सभा मे बता दिया। वैसे देखा जाए तो इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कभी भी सार्वजनिक सभाओं में नही होना चाहिए। वो भी उनके द्वारा तो कभी नही किया जाना चाहिए जिनके पास पार्टी का नेतृत्व हो।

इन्ही सब बयानों की वजह से लोकसभा चुनावों के बीच ही कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी दो नई मुसीबतों में फंस गए हैं। बिहार में राहुल गांधी को पटना की अदालत से समन भेजा गया है। वहीं दूसरी और आरा की सिविल कोर्ट ने उन पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मानहानि केस बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कोर्ट में दाखिल किया है, तो पिछले दिनों समस्तीपुर में महागठबंधन की तरफ से आयोजित संयुक्त रैली में भी राहुल गांधी द्वारा ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

पटना की अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि केस में कल शनिवार को समन भेजा है। उन्हें 20 मई तक पेश होने का आदेश दिया गया है। यह मुकदमा सुशील मोदी ने दाखिल किया है, उन्होंने राहुल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ये टिप्पणी करके उनकी छवि खराब की है कि सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है? उन्होंने कोर्ट से कहा था कि राहुल पर उनके बयान के लिए मानहानि से संबंधित धाराओं के तहत संज्ञान लिया जाए और उन्हें समन जारी करके उनके खिलाफ सुनवाई की जाए।

इसके अलावा आरा सिविल कोर्ट ने समस्तीपुर में एक चुनावी रैली के दौरान बार-बार ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगवाने के मामले में राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट ने इस मामल में राहुल के साथ-साथ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। क्योकि वो भी राहुल के साथ मंच सांझा कर रहे थे।

इससे पहले मुंबई में सुरक्षा गार्ड संघ ने मुंबई पुलिस से कांग्रेस अध्यक्ष पर मामला दर्ज करने का आग्रह किया गया था। उनका कहना था कि राफेल मुद्दे पर भले ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर घोटाले का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन यह सुरक्षा गार्डों का अपमान है।

एक तरफ चौकीदार चोर है तो दूसरी तरफ मैं भी चौकीदार का शोर है। और इस शोरगुल में अगर कोई सबसे ज्यादा प्रभावित है तो वो भारत का लोकतंत्र है, राजनैतिक शुचिता है, परस्पर देवो भवः का सनातनी भाव है। इससे पहले की मूल्यों का सम्पूर्ण अवमूल्यन हो जाये नेताओ को सोचना चाहिए।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय