जानिये सौराष्ट्र और सूरत में किसने माता-पिता की सहमति के बिना प्रेम-विवाह न करने की शपथ ली?


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अमरोली जिले में लेऊवा पटेल चैरिटेबल ट्रस्ट के पटेल संकुल में सेमिनार मुग्धा का आयोजन किया गया था। जिसमें 3200 छात्रों ने मगहत अवस्था में निर्णय नहीं लेने की शपथ ली। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज करने वाले अश्विनभाई सुदानी ने कहा, “किशोर और तरुण की उम्र जीवन की सबसे बड़ी समस्या है। जब इस उम्र को पार करते हुए चेतना के समय जीवन की समझदारी के बिना महत्वपूर्ण फैसलों में गलतियाँ होती हैं। जिससे जीवन जीना मुश्किल हो जाता है।’ सेमिनार के अंत में, हर लड़की ने प्रतिज्ञा की कि माता-पिता की बात ना मान कर प्रेम लग्न नहीं करेंगे। कभी भी आत्महत्या न करेंगे।

सूरत में शुरूआत

12 फरवरी, 2019 को सूरत में 10 हजार लड़कियों और युवाओं ने अपने माता-पिता की सहमति के बिना प्रेम विवाह नहीं करने का फैसला करने के पश्चात 10,000 युवाओं ने वेलेंटाइन डे पर शपथ ली। यहां तक कि अगर अपने रिश्ते को खत्म करना पड़े तो भी करेंगे परंतु माता पिता की अनुमति के बिना प्रेम विवाह नहीं करेंगे – यह शपथ ली। अगर माता-पिता को प्रेम विवाह में कोई समस्या है, तो वे प्रेमी विवाह नहीं करेंगे।

युवक प्यार में पड़ जाते हैं और एक आवेग में शादी करने का फैसला करते हैं। कुछ लोग घर से भाग जाते हैं, लेकिन ऐसा रिश्ता लंबे समय तक नहीं चलता है। जब शादी का फैसला करने की बात आती है, तो बच्चे अपने माता-पिता की सलाह लें। सूरत के 15 स्कूलों और कॉलेजों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। संस्कार भारती, अड़ाजन के प्रेसीडेंसी हाई स्कूल, संस्कार कुंज ज्ञानपीठ, स्वामीनारायण एमवी विद्यालय, सन ग्रेस विद्यालय, वाराछा की नवचेतना विद्यालय और ज्ञान गंगा विद्यालय इसमें जुड़े थे।

यह कार्यक्रम पालनपुर पटियाला, भारती, प्रेसीडेंसी हाई स्कूल, संस्कार कुंज ज्ञानपीठ, स्वामीनारायण एमवी विद्यालय, सूर्य अनुग्रह विद्यालय, वृक्षा नवचन विद्यालय और ज्ञान गंगा विद्यालय में आयोजित किया गया था।