प्रज्ञा ठाकुर द्वारा शहीद करकरे के लिए विवादित बयान


साध्वी प्रज्ञा ने मुंबई हमले में शहीद हुई हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दे दिया है। यह हेमंत करकरे की कुटिलता थी। यह देशद्रोह था।
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साध्वी प्रज्ञा इन दिनों सुर्खियों में हैं। क्योंकि भाजपा ने उनको भोपाल लोकसभा सीट से टिकट दिया है और वो इस सीट पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से टक्कर ले रही है। पर अचानक उन्होंने कल ऐसा बोल दिया कि अब लोग सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना भी कर रहे हैं। साध्वी प्रज्ञा ने मुंबई हमले में शहीद हुई हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दे दिया है।साध्वी ने कहा कि यह हेमंत करकरे की कुटिलता थी। यह देशद्रोह था। धर्मविरुद्ध था। वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा तो मैंने कहा था कि आपको जरूरत है तो जाइए। मैंने उससे कहा था तेरा सर्वनाश होगा। ठीक सवा महीने में सूतक लगता है,जिस दिन मैं गई थी, उस दिन इसका सूतक लग गया था, और ठीक सवा महीने में, जिस दिन आतंकवादियों ने इसको मारा, उस दिन उसका अंत हुआ।

आईपीएस एसोसिएशन ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान की आलोचना की है। एसोसिएशन ने कहा कि अशोक चक्र से सम्मानित आईपीएस स्वर्गीय श्री हेमंत करकरे ने अपने प्राणों को देश के लिए न्योछावर कर दिया। हममें से जो भी इस वक्त सेवा में है, सभी एक उम्मीदवार के बयान की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि हमारे सभी शहीदों का सम्मान होना चाहिए।

भाजपा ने भी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के इस बयान से दूरी बनाई कि आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे उनके द्वारा दिए गए शाप की वजह से 26-11 के मुंबई आतंकी हमलों में मारे गए थे। भाजपा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह उनकी निजी राय है जो सालों तक उन्हें मिली शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की वजह से हो सकती है। पार्टी ने एक बयान में कहा कि भाजपा का मानना है कि करकरे बहादुरी के साथ आतंकवादियों से लड़ते हुए मारे गए। भाजपा ने हमेशा उन्हें शहीद माना है।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भी कल देर शाम को हेमंत करकरे पर दिया गया अपना बयान वापस ले लिया। यह कहते हुए कि मैंने महसूस किया कि देश के दुश्मनों को इसका फायदा हो रहा है, इसलिए मैं अपना बयान वापस लेती हूं और इसके लिए माफी मांगती हूं। यह मेरी व्यक्तिगत पीड़ा थी।

जहां तक मैं सोचता हूँ इस प्रकार व्यक्तिगत पीड़ाओं को सार्वजनिक नही किया जाता है। उस समय तो बिल्कुल नही जब आप चुनाव लड़ रहे हो और जिससे आपको पीड़ा पहुंची है वो देश के लिए शहीद हुए हो। इस देश मे अगर किसी को सर्वाधिक सम्मान मिलता है तो उसे मिलता है जिसने इस देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करके अपना सर्वोच्च माँ भारती के चरणों मे सौंपा हो। शहीद करकरे ने भी आतंकियों से निडरता से लड़ते हुए प्राण गंवाए थे। इसलिए उनके लिए इस प्रकार का कथन नही कहना चाहिए। देश तथा इसके लिए शहीद हूए लोगो का सम्मान बहुत जरूरी है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय