भगवा आतंकवाद का मुद्दा उठाने वाले दिग्विजय के सामने प्रज्ञा


कल एक राजनेता ने भी ट्वीट करके सत्य, अहिंसा तथा धर्म की राह पर चलने का आशीर्वाद नर्मदा मैया से मांगा।
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कल महावीर जयंती थी। भगवान महावीर जिन्होंने समस्त संसार को अहिंसा का संदेश दिया था। उनके पांच उपदेश सर्वकालिक सत्य तथा हर समय सुखद संसार के लिए निनान्त आवश्यक है। भगवान महावीर की वाणी का अनुसरण करने वाला राग द्वेष से रहित होकर दृष्टा भाव का कर्ता हो जाता है, अगर वाकई अनुशरण करे तो। कल एक राजनेता ने भी ट्वीट करके सत्य, अहिंसा तथा धर्म की राह पर चलने का आशीर्वाद नर्मदा मैया से मांगा। हालांकि उन्होंने यह आशीर्वाद सभी के लिए मांगा पर उसमे उनकी कौनसी भावनाएं निहित थी वो तो वही जाने।

दरअसल मालेगांव ब्लास्ट केस में ट्रायल का सामना कर रही साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बीजेपी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर नेता दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। साध्वी प्रज्ञा ने बुधवार को ही बीजेपी ज्वाइन की थी। एनआईए की अदालत ने साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ मकोका के तहत आरोपों को खारिज कर दिया था, लेकिन मालेगांव विस्फोट मामले में वह आरोपों का सामना कर रही हैं। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में गिरफ्तार किया गया था। वह 9 सालों तक जेल में रहीं तथा इस समय जमानत पर बाहर हैं।

दूसरी तरफ उनके सामने चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिह 16 साल बाद चुनाव लड़ रहे हैं। यूपीए सरकार के समय राजासाहब ने भगवा आतंकवाद के मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। अब देखो विधि की विडंबना कि उनके सामने वही प्रतिद्वंद्वी है जो उनके इस शब्द की भुगतभोगी है। साध्वी प्रज्ञा को टिकट मिलने के बाद दिग्गी राजा ने ट्वीट कर कहा कि मैं साध्वी प्रज्ञा जी का भोपाल में स्वागत करता हूं। आशा करता हूं कि इस रमणीय शहर का शांत, शिक्षित और सभ्य वातावरण आपको पसंद आएगा। मैं मां नर्मदा से साध्वी जी के लिए प्रार्थना करता हूं और नर्मदा जी से आशीर्वाद मांगता हूं कि हम सब सत्य, अहिंसा और धर्म की राह पर चल सकें। नर्मदे हर!
जिसको 9 साल तक मृत्युतुल्य कष्ट भोगना पड़ा हो उस साध्वी प्रज्ञा के लिए वो प्रार्थना कर रहे है कि सत्य अहिंसा तथा धर्म की राह पर हम चले। क्या उस समय धर्म कही और था जब आरोप सिद्ध हुए बिना ही साध्वी को भयानक यातनाएं दी जा रही थी? खैर यह राजनीति है और यहां पर कभी भी भावनाएं नही देखी जाती। बस सामने वाले को परास्त करने के तरीके आजमाए जाते है। एक तरफ जहां भाजपा ने भोपाल से साध्वी को कांग्रेस के कद्दावर नेता के सामने खड़ा किया है वही कांग्रेस ने भी लखनऊ सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता राजनाथ सिंह के सामने आचार्य प्रमोद कृष्णम को मैदान में उतारा है। वही सर्व धर्म समभाव का एकतरफा ढिढोरा पीटने वाले आचार्य जो गाहेबगाहे धर्म के विरुद्ध भी बोल जाते है।

अपनी अपनी पसंद है ओर सभी अपने मन्तव्य के लिए स्वतंत्र है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय