पाटीदार नेता अल्पेश कथीरिया की गिरफ्तारी पर अदालत ने पुलिस को लताड़ा


सूरत। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता अल्पेश कथीरिया को सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया और अदालत ने अल्पेश को लाजपोर जेल भेज दिया था। उसके बाद सूरत के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज मामलों में सरथाणा और उसके बाद वराछा पुलिस द्वारा अल्पेश की गिरफ्तारी की गई। इस पर अदालत ने वराछा पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जमानती अपराध होने के बावजूद अल्पेश कथीरिया को क्यों अदालत में प्रस्तुत किया गया है। अदालत में शर्मनाक स्थिति का सामना करने पर पुलिस अल्पेश को अदालत से लेकर रवाना हो गई। यद्यपि पुलिस अल्पेश को कहां ले गई, यह साफ नहीं हुआ है।

अदालत से बाहर निकलते हुए अल्पेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा उसके खिलाफ गैरकानूनी रूप से कार्यवाही की जा रही है। पुलिस उन्हें कहां ले जाना चाहती है वह ही बेहतर जानती है। उन्हें इस विषय में कुछ बताया नहीं गया है। अल्पेश ने आगे कहा कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता अल्पेश या हार्दिक नहीं अपितु समग्र समाज सामुहिक रूप से आंदोलन की अगुवाई कर रहा है।

अल्पेश कथीरिया ने पुलिस की कार्यवाही को लेकर कहा कि आज पुलिस के प्रोडक्शन रिपोर्ट के सामने अदालत ने कई सवाल खड़े किये हैं और पुलिस के प्रोडक्शन रिपोर्ट को अदालत ने रद्द कर दिया है, क्योंकि जिन मामलों में पुलिस ने उनके खिलाफ मामले दर्ज किये हैं उनमें वह गिरफ्तारी नहीं कर सकती।