हिंसक होते जा रहे कार्यकर्ता


आजकल चुनावो में कब क्या हो जाये इस बारे में कहना बड़ा मुश्किल है। नेता और कार्यकर्ता दोनो का ही विश्वास नही की केबा क्या कर बैठे।
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आजकल चुनावो में कब क्या हो जाये इस बारे में कहना बड़ा मुश्किल है। नेता और कार्यकर्ता दोनो का ही विश्वास नही की केबा क्या कर बैठे। पहले लोग पार्टी को सर्वोपरि मानते थे लेकिन आजकल अपने नेता के पीछे ही दौड़ लगाते है। कभी कभी नेता को भी हासिये पर रख स्वहित इतना ज्यादा देख लेते है कि उसके कारण कुछ भी कर बैठते है चाहे उसके कारण जग हंसाई भी क्यो न हो जाये।

ऐसा ही परसो शनिवार को हुआ था। बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और वर्तमान में बिजनौर लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नसीमुद्दीन सिद्दीकी की शनिवार को चुनावी सभा के बाद बवाल हो गया। सभा के बाद यहां पूर्व विधायक के आवास पर बिरयानी पार्टी रखी गई। इसी दौरान कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। आपस में जमकर लाठी डंडे चले। पुलिस ने 25 लोगों पर केस दर्ज किया है। जबकि आठ लोगों को हिरासत में लिया है।

पार्टी के दौरान कुछ कार्यकर्ता इधर उधर प्लेटें फेंकने लगे। इसको लेकर वहां लगे युवकों से उनकी कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते लाठी डंडे चलने लगे। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस को तैनात किया गया है।

इस बवाल के बाद भगदड़ मच गई। इसमें पांच लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी समेत 25-30 लोगों के विरुद्ध आचार संहिता का उल्लंघन करने और मतदाताओं को प्रलोभन देकर मतदान प्रभावित करने का मुकदमा दर्ज किया गया। शांतिभंग करने वालों को चिन्हित कर अलग से कार्रवाई की जा रही है।

ऐसे ही कांग्रेस की एक रैली में खाली कुर्सियों की फोटो खींच रहे पत्रकार को कार्यकर्ताओ ने पीट डाला। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक शख़्स नजर आ रहा है जो कांग्रेसी कार्यकर्ता बताया जा रहा है। उसने एक पत्रकार को पकड़ रखा है। इतने में एक दूसरा शख्‍स आता है और उसकी पिटाई करने लगता है। हालांकि इसके बाद वहां मौजूद अन्य पत्रकार उसकी मदद के लिए आगे बढ़ते हैं और किसी तरह उसे बचाते हैं।

कुलमिलाकर आजकल राजनीति लात घुस्से वाली होती जा रही है। इन घटनाओं से पूर्व भी ऐसा कई बार हो चुका है। सूरत में भी दोनो पार्टीयो के कार्यकर्ता आपस मे भिड़े थे और पटना में तो एक ही पार्टी के कार्यकर्ता जूतमपैजार कर चुके है। आगे और कैसे क्या होगा यह तो भविष्य ही जाने पर देश के लिए यह अच्छा नही है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय