सूरत : एपार्टमेन्ट के बाहर मुलाकातियों के वाहन पार्किंग करवाने वाली इमारतों की अब खैर नहीं!


दुर्घटनाओं का पैमाना घटे तथा लोगों की अमूल्य जिंदगी की सुरक्षा बनी रहे इस लिए जिला-महानगरों मे रोड सेफ्टी काउंसील की रचना की गई है।
Photo/Loktej

सूरत। राज्यभर में दुर्घटनाओं का पैमाना घटे तथा लोगों की अमूल्य जिंदगी की सुरक्षा बनी रहे इस आशय से सरकार द्वारा जिला-महानगरों मे रोड़ सेफ्टी काउंसील की रचना की गई है। जिसके अंतर्गत पुलिस कमिश्नर सतीष शर्मा की अध्यक्षता में पुलिस कमिश्नर कचहरी के सभाखंड में शहर रोड़ सेफ्टी काउंसील की बैठक आयोजित हुई।

रोड़ सेफ्टी काउन्सील के सदस्य की एक पेशकश के संदर्भ में पुलिस कमिश्नर सतीष शर्मा ने शहर के एपार्टमेन्ट, हाईराइज रेसीडेन्सीयल बिल्डिंगों में आनेवाले मेहमानों के लिए एपार्टमेन्ट के बाहर पार्किंग करने के मगगढंत नियमों के खिलाफ कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि विशेष तौर पर मोटा वराछा, योगी चौक, सरथाणा, कतारगाम समेत अन्य विस्तारों में एपार्टमेन्ट के गेट पर मेहमानों को अपना वाहन पार्क करने, पार्किंग सिर्फ सोसायटी के सदस्यों के लिए ही है, ऐसे सूचनापट्ट लगाकर सरेआम कानून का उल्लंघन किए जाने का खुलासा हुआ है।

कई संकड़े मार्गों पर स्थित इमारतों के ऐसे अवैध नियमों के कारण ट्राफिक की समस्या भी उत्पन्न होती है। पुलिस कमिश्नर द्वारा ऐसी जानकारी दी गई है कि सोसायटी-एपार्टमेन्ट में मेहमानों और मुलाकातियों को रेसीडेन्सी के बाहर पार्किंग करने के लिए दबाव या बाध्य नहीं किया जा सकता। ऐसा करके मनमानी करनेवाले इमारतों के जवाबदार पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। उन्होंने शहर में इस प्रकार की इमारतों पर खुद जांच कर कार्यवाही करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट जानकारी दी।

सूरत ए.आर.टी.ओ डी. के. चावडा ने कहा कि ट्राफिक पुलिस द्वारा लोगों में ट्राफिक नियमों का पालन, कानूनी व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी देने के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूल-कॉलेजों द्वारा भी छात्रों में ट्राफिक के नियमों की जानकारी दी जाए इसके लिए स्कूलों को ट्राफिक पुलिस द्वारा प्रेरित किया जाता है। उन्हें बाधारूप हो ऐसी जगहों पर पार्किंग करनेवाले के खिलाफ दंडनीय कार्यवाही करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कुछ रचनात्मक सुझाव दिये गये हैं।

बैठक में पुलिस कमिशनर सतीष शर्मा ने सूरत शहर में ट्राफिक, वाहन व्यवहार और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या का समाधान लाया जा सके, लोग ट्राफिक के नीति-नियमों का पालन करे़, रोड़ पर अतिक्रमण करनेवाले के खिलाफ दंडनीय कार्यवाही हो, शहरवासियों द्वारा ट्राफिक नियमों का पालन और जनजागृति संबंधी संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

इस बैठक में सूरत महानगरपालिका, प्रादेशिक वाहन व्यवहार कचहरी, नई सिविल अस्पताल, ग्राहक सुरक्षा मार्ग और मकान विभाग, नेशनल हाईवे अथॉरिटी समेत विविध विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही।

इमारत के बाहर वाहन पार्क करने बाध्य नहीं किया जा सकता

भारतीय संस्कृति में अतिथि को भगवान की उपमा दी गई है। वहीं आज सूरत की सैकड़ों रेसीडेन्सियों में खुद बनाए गए नियमों द्वारा मुलाकात करने आनेवाले मेहमानों को आवश्यक तौर पर बाहर वाहन पार्किंग कराने का दूषण बढ़ता जाता है। कानून के अनुसार किसी भी निवासी इमारत, सोसायटी या कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में आनेवालों को इमारत के बाहर वाहन पार्क नहीं करने हेतु बाध्य नहीं किया जा सकता। जनरल डेवलपमेन्ट कंट्रोल रेग्युलेशन्स (जीडीसीआर) के नियम के अनुसार मेहमान या मुलाकात लेने आनेवालों को बाहर वाहन पार्क करने के लिए दबाव करना अवैध है। हरेक सोसायटी या कॉम्प्लेक्स में मुलाकात लेने के लिए आनेवालों की पार्किंग की 20 प्रतिशत जगह आरक्षित रखनी हो होती है। इसके अलावा मुलाकाती को पार्किंग सुविधा देने हेतु बंधा है।