हीरा व्यापारी ने १५०० कर्मचारियों को दिवाली बोनस में दी कारें, एफडी 


गुजरात के सूरत में डायमंड किंग सावजी ढोलकिया ने अपनी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को दिवाली बोनस के रूप में 600 कारें गिफ्ट करने जा रहे हैं।
(Photo: IANS)

नई दिल्ली (ईएमएस)। हीरे व जेवरात व्यापार में मंदी के बावजूद सूरत के हीरा कारोबारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है। सबसे बड़ी हीरा कंपनी श्री हरे कृष्णा एक्सपोर्ट के मालिक सावजी ढोलकिया ने गुरुवार को करीब ६०० कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर कारें दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक समारोह में कंपनी के चार कर्मचारियों को कारों की चाबी सौंपी। इन चार कर्मचारियों में एक २२ साल की महिला दिव्यांग कर्मचारी भी शामिल थी। ढोलकिया ने कहा कि बाकी कर्मचारियों को पीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित भी किया। ढोलकिया ने कहा कि इस साल कुल १५०० कर्मचारियों को दिवाली बोनस देने के लिए चुना गया था। कंपनी ने बाकी बचे ९०० कर्मचारियों को फिक्सड डिपॉजिट सर्टिफिकेट दिया है। इस बार कंपनी कर्मचारियों को बोनस देने में करीब ५० करोड़ रु खर्च कर रही है। हरे कृष्णा एक्सपोर्ट ने २०११ से अपने कर्मचारियों को दिवाली पर लॉयल्टी देना शुरू किया था। २०११ में कंपनी ने अपने कर्मचारियों को ५०० फ्लैट, ५२५ हीरे के जेवरात दिए थे। २०१४ में २०० कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर फ्लैट मिला था।

डायमंड फर्म हरे कृष्णा एक्सपोर्ट ने हीरा तराशने में महारत रखने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार कर उन्हें दिवाली के बोनस में कार देने का निर्णय लिया था। ६००० करोड़ के टर्न-ओवर वाली इस कंपनी में कार मिलने पर कर्मचारियों की खुशी दिवाली के मौके पर दोगुनी हो गई है। गौरतलब है कि हरे कृष्णा एक्सपोर्ट का दुनिया के ७१ देशों में हीरे का कारोबार फैला हुआ है। हरे कृष्णा एक्सपोर्ट ने अपने गोल्डन जुबली अवसर पर कर्मचारियों को बोनस देन के लिए ५१ करोड़ रु खर्च किए हैं। सावजी ढोलकिया २०११ से ही अपने कर्मचारियों को इसी तरह का खास दिवाली बोनस देते रहे हैं। पिछले वर्ष कर्मचारियों को दिवाली बोनस में उन्होंने ४९१ कारें और २०० फ्लैट दिए थे। अपने चाचा से कर्ज लेकर हीरे का कारोबार शुरू करने वाले सावजी ढोलकिया गुजरात के अमरेली जिले के दुधाला गांव के रहने वाले हैं। जी-तोड़ मेहनत करने के बाद वह कंपनी को ऊंचाईयों तक ले गए हैं।