नारायण साई को उम्रकैद दिये जाने से संतुष्ट है पीड़िता


नारायण साई को सूरत की सेशन कोर्ट ने बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई।

कहा – दोनों पिता-पुत्र खराब मानसिकता वाले थे और विविभ सभाओं में शिकार ढूंढा करते थे!

सूरत। नारायण साई को मंगलवार को सूरत की सेशन कोर्ट ने बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपी को सजा सुनाये जाने के बाद मामले की पीड़िता ने मीडिया से वार्ता में संतुष्टि प्रकट की। उसने कहा कि दोनों पिता-पुत्र की मानसिकता अत्यंत घृणित थी और दोनों विभिन्न सभाओं में शिकार ढूंढा करते थे। पीड़िता ने कहा कि, ‘सत्य परेशान हो सकता है, पराराजित नहीं। धर्म के नाम पर ढोंग करने वालों से सभी को बचकर रहना चाहिये।’

पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके अभिभावकों के साथ वह बचपन से आसाराम के आश्रम में जाया करती थी और जैसे-जैसे वह बड़ी हुई उसका विश्वास आसाराम पर बढ़ता गया और वह नारायण साई के संपर्क में आई। नारायण साई के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत करने के बाद उसके पति पर जानलेवा हमला किया गया, अनेक साक्षियों की हत्या तक की गई। पीड़िता ने कहा कि ये लोग धनबल से शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाया करते थे।

पीड़िता ने दो-टूक कहा कि बाप-बेटा किसी आश्रम विशेष में नहीं अपितु जहां कहीं कोई मिल जाए उसी पर अपनी नजर बिगाड़ते थे। इस कार्य में उनको आश्रम की साध्वियां और सेवक मदद करते थे। जो महिलाएं पसंद आ जाएं उनके लिये कोर्डवर्ड रखे जाते और फिर साध्वियां महिलाओं को बहला-फुसला कर बाप-बेटे तक पहुंचाती। पीड़िता ने कहा कि शोषित महिलाओं-युवतियों का आंकड़ा काफी बड़ा है लेकिन उनमें से कुछेक ने ही हिम्मत जुटा कर सत्य सामने लाने की कोशिश की। कई लालच, डर या शर्म से सामने नहीं आ पाई।

पीड़िता से यह पूछने पर नारायण के सामने शिकायत करने की हिम्मत कैसे आई, इस पर उसने कहा कि जयपुर मामले में शिकायतकर्ता ने जो हिम्मत दिखाई उसी के बाद उसे बल मिला और उसने नारायण साई का भांडा फोड़ने का मन बनाया। हम पर शिकायत वापस लेने का काफी दबाव बनाया गया लेकिन मेरे परिवार का मुझे सहयोग मिला जिसका नतीजा आज हमारे सामने है।

नारायण की पत्नी भी सजा से खुश

नारायण साई की पत्नी ने भी सजा के एलान के बाद मीडिया को कहा कि नारायण ने जो गलत कार्य किये, उन्हीं पापों की सजा आज उसे मिली है। धर्म के नाम पर ढोग करने वाले ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिये। वह शुरू से अत्याचारी था। मुझे शादी के बाद उसके ऐसे कारनामों के बारे में पता चला। वह मुझ पर शारीरिक यातनाएं करता। साई को सजा मिलने से मैं खुश हूं।