MD ड्रग सूरत को भी ले रहा है चपेट में, जानें कैसे हो रहा है व्यापार


( Photo Credit : khabarchhe.com )

मुंबई से सूरत MD ड्रग सप्लाइ किया जाता है, इस बात का सूरत में एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए झांपाबजार के दो युवाओं ने कबूल किया है। लेकिन इसके अलावा ये ड्रग ऑनलाइन खोज द्वारा भी आसानी से मिल जाती है। इंटरनेट पर कई साइटें हैं, इसे मेफ्रोडोन के नाम से ऑर्डर करके 200 डॉलर प्रति 10 ग्राम के दे कर मंगाया जा सकता है। इस पर किसीकी नजडर तक नहीं पड़ी। अमेरिका से बड़ी मात्रा में सामान की तस्करी करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए इस सिंथेटिक ड्रग को देश में भी बनाए जाने की सम्भावना है। सबसे पहले, इन दवाओं को पूर्वी अफ्रीका में 1929 में पाया गया था और बाद में अमेरिका में इसकी बिक्री बढ़ी थी। 2008 में, इज़राइल ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया। USA ने 2012 में कृत्रिम ड्रग्स एब्यूज प्रिवेंशन एक्ट के तहत इसे स्थायी कर दिया। भारत सरकार के लिए अब इस ड्रग पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक हो गया है।

 

MD ड्रग्स और इसके संभावित घातक प्रभाव
  • ड्रग लेने वाले की आंखें बिल्ली की तरह बन जाती है, इ‌सलिए इसे म्याउ-म्याउ और एम-कैट के नाम से भी जाना जाता है।
  • इस ड्रग को लेने से मनुष्य के मस्तिष्क का डोपामाइन स्तर बढ़ता है और वह बहुत उत्तेजित महसूस करता है।
  • ड्रग धारक खुद को सबसे शक्तिशाली मानता है तथा तार्किक रूप से नहीं सोचते हैं।
  • इस ड्रग को लेने से मनुष्य जीवित भूत की तरह व्यवहार करता है।
  • ड्रग की आदत पड़ने के बाद यदी ड्रग नहीं मिले, तो व्यक्ति मरने और मारने के लिए भी तैयार हो जाता है।
  • हेरोइन और कोकीन की तुलना में इस ड्रग के सेवन से ज़्यादा नथा होता है, और सस्ते होने के कारण युवाओं में यह बहुत चलन में है।
क्या है मामला

सूरत में पकड़े गए दो युवक सूरत की युवा पीढ़ी को म्याउ म्याउ बना रहे हैं। यह ‘म्याऊ म्याऊ’ कोई बिल्ली नहीं है, लेकिन यह MD नाम के सिंथेटिक ड्रग्स का उपनाम है। एम-कैट, व्हाइट मैजिक, क्रिस्टल, चावल, दवा, इत्यादी कई नामों से जानी जाने वाली यह ड्रग अब सूरत के नशिले पदार्थों का सेवन करने वालों को कुछ स्लम क्षेत्रों में सस्ती दरों पर आसानी से मिल जाता है। हीरोइन और कोकीन की आधी कीमत में मिलने से नशा करने वाले लोग इसकी ओर आकर्षित हो जाते है। सूरत की अठवा पुलिस ने शहर के झ़ापाबजार इलाके से दो सप्लायर इशाक सैयद और इम्तियाज़ मलेक को गिरफ्तार किया और उनके पास से 1.95 लाख रुपये मूल्य के 39.150 ग्राम MD ड्रग्स ज़प्त किये हैं। दोनों फिलहाल दो दिन की रिमांड पर हैं और जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को सौंप दी गई है।

 

सूरत में कैसे चलता है MD का व्यापार?

सूरत में MD ड्रग का चलन पिछले एक साल से बढ़ा है। अनुमान के मुताबिक, मुंबई में इस ड्रग ने एक से सवा लाख लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। यह आसानी से वहां की बस्तियों वाले क्षेत्र में 300 रुपये से 600 तक के मूल्य पर मिल जाती है। मुंबई से, यह अब सूरत में प्रवेश कर गया है। हालांकि, सूरत में बेचने के लिए गिरफ्तार किये गए दोनों सप्लायर 1000 रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर खरीदी तथा 1800 से 2500 के भाव में बिक्री किया करते थे। सूरत में इन दवाओं का व्यापार बड़ी मात्रा में कोसाद हैबिटेट, चौकबाजार, किले के किनारे, नदी के किनारे, जिला की पुल के नीचे, बापूनगर के पास, इत्यादी कई इलाके में लगभग 20 से 25 हजार युवा इसकी लत के शिकार हो जाने का अनुमान है। पुलिस को कुछ नाम मिले हैं, जो इन क्षेत्रों में बिक्रि कर रहे हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि एक साल से सूरत की पीढ़ी बरबादी की राह पर आगे बढ़ रही है और पुलिस को इसकी जानकारी है लेकिन पहली बार अठवा पुलिस ने इन्हे पकड़ने की हिम्मत दिखाई है। अब SOG पूरे नेटवर्क को समाप्त करे यही शहर के हित में है।