अभिनेता द्वारा नेता का साक्षात्कार


अभिनेता अक्षय कुमार ने सोमवार को एक ट्वीट किया था कि वे अनजान और अपरिचित क्षेत्र में कदम रखने वाले हैं।
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अभिनेता अक्षय कुमार ने सोमवार को एक ट्वीट किया था कि वे अनजान और अपरिचित क्षेत्र में कदम रखने वाले हैं। अगले ही दिन उन्होंने इसका खुलासा भी कर दिया कि वे बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खुलकर और बिल्कुल गैर राजनीतिक बातचीत करेंगे। अक्षय ने अपने ट्वीट में लिखा कि जब पूरा देश चुनाव और राजनीति पर बातें कर रहा है, यह एक राहत देने वाला इंटरव्यू है। अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत पूरी तरह से गैर राजनीतिक और स्पष्ट होगी।

सभी इसका तबसे इंतजार भी करने लगे। उनमे से एक मैं भी था क्योकि मैं यह देखना चाहता था कि एक अभिनेता किस प्रकार किसी नेता का इंटरव्यू लेता है, वो भी उस नेता का जो जल्दी पत्रकारों को इंटरव्यू नही देता हो और देता भी है तो वो अलग तरह का ही वार्तालाप रहता है। कल भी वैसा ही हुआ। अक्षय ने अपने ड्राइवर की बेटी के हवाले से यह सवाल पूछा कि क्या आप आम खाते है? और खाते है तो किस प्रकार खाते है? जब पहला ही सवाल ऐसा था तो आगे का हाल समझने में मुझे तो कोई असमंजस नही रहा कमोबेश आपको भी पता चल गया होगा।

इंटरव्यू के दौरान जब अक्षय ने प्रधानमंत्री से पूछा कि आप सोशल मीडिया पर कितना समय व्यतीत करते हैं तो उन्होंने कहा कि मैं आपका भी ट्विटर देखता हूं और ट्विंकल खन्ना जी का भी देखता हूं। कभी-कभी तो मुझे लगता है कि वो मेरे ऊपर गुस्सा निकालती हैं ट्विटर पर तो उसके कारण आपके परिवारिक जीवन में बड़ी शांति होगी। उनका पूरा गुस्सा मुझ पर निकल जाता होगा इसलिए आपको आराम रहता होगा, तो इस प्रकार से मैं आपके काम आया हूं।

यह प्रतिक्रिया अपने आप मे सुखद अहसास देती है कि प्रधानमंत्री अपने खिलाफ निकली नाराजगी को भी गौर से पढ़ते है। अगर पढ़ते है तो इस पर मनन भी जरूर करते होंगे। पर हम यह भी आशा करते है कि वो सिर्फ सेलेब्रिटीज़ के ही ट्वीट न देखकर आम लोगो के ट्वीट भी देखे, जो उन आम लोगो ने बड़ी उम्मीद के साथ उनको लिखे होंगे तथा यह भी आशा करते है कि उन मसलों पर सकारात्मक कदम भी उठाए।

अच्छा, एक बात लालकृष्ण आडवाणी तथा प्रधानमंत्री मोदी की समान है। मैने सन 2006 में आडवाणीजी का इंटरव्यू पढ़ा था। तब एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा था कि उन्हें फ़िल्म भाभी की चूड़ियां का गीत ज्योति कलश छलके बहुत पसंद है तथा जब भी लताजी को रूबरू सुनने का मौका मिलता है वो उनसे इसे गाने की फरमाइश जरूर करते है। कल के इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने भी अपने पसंदीदा गानों में दो गानों का उल्लेख किया जिसमें जय चित्तौड़ फ़िल्म के गीत ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े के साथ साथ ज्योति कलश छलके भी उनका फेवरेट गाना है।

हालांकि प्रधानमंत्री मोदी की 5 सालों में एक भी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस ना करने के लिए आलोचना होती रही है। कल एक फोटो वायरल हो रही थी जिसमे लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी 26 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकार वार्ता करेंगे। इसमें लिखी जानकारी के मुताबिक मोदी 25 अप्रैल को वाराणसी पहुंचने वाले थे और 26 अप्रैल को नामांकन भरने वाले थे। 11.30 बजे नामांकन करने के बाद 12.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की बात इस फोटो में दिख रहा था। इस फोटो के सामने आने के बाद कई मीडिया संस्थानों ने इस खबर को चला दिया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही भाजपा सूत्रों ने इस खबर का खंडन करना शुरू कर दिया।

कुल मिलाकर प्रधानमंत्री प्रेस वार्ता से दूर रहे है पर अपने विचार जरूर देशवासियों तक पहुंचाते रहे है। चाहे उसका जरिया मन की बात हो या किसी के साथ इस प्रकार की वार्ता। खैर देश को प्रधानमंत्री के मन की बात ही जानना है, खुद के मन की बात तो सिर्फ भगवान और भारत माता को ही सुना सकते है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय