केबल स्टेईड ब्रिज का लोकार्पण : ट्राफिक जाम, गंदगी का अंबार और भैसों की लटार


(लोकतेज फोटो)

सूरत। शहर के अठवा क्षेत्र को तापी नदी के पार के अडाजण क्षेत्र से जोडऩे वाले केबल स्टेईड ब्रिज का मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी के हाथों लोकार्पण संपन्न हुआ। सूरतवासी इस ब्रिज के शुरू होने का काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। लेकिन जैसे ही लोकार्पण की औपचारिकता पूरी हुई, आदत से मजबूर सूरतीलाला निकल पड़े नये पुल पर सैर-सपाटा करने। और फिर क्या था? ‌ब्रिज के दोनों छोरों पर लग गया बड़ा जाम। यह एक दिन की बात नहीं रही, अब तो रोजाना शाम के समय यही हाल हो गया है।

ट्राफिक नियमों की धज्जियां

(लोकतेज फोटो)

इतना ही नहीं, ज्यादातर बाईक सवार बगैर हेल्मेट के ट्राफिक नियमों का उल्लंघन करते ब्रिज पर इस छोर से उस छोर और फिर उस छोर से इस छोर टाईम पास करने लगे। मन करता तो बीच ब्रिज ही तापी नदी का नजारा देखने रुक जाते। उधर कार चालक भी पीछे नहीं रहे। परिवार संग नये ब्रिज का नजारा लेने वे भी अठवा क्षेत्र से ब्रिज पर चढ़ते और दूसरी ओर अडाजण क्षेत्र में यू-टर्न लेकर फिर ब्रिज पर चढ़ चक्कर लगाते। इससे ट्राफिक जाम की बड़ी समस्या पैदा हो रही है।

पान की पिचकारियां
ट्राफिक जाम के उपरांत नगरजनों ने पहले ही दिन ब्रिज को पान की पिचकारियों से लाल कर दिया। उत्साही और उत्सव प्रिय सूरतियों ने देर रात तक ब्रिज पर चहलकदमी की। कुछ लोगों ने ब्रिज पर ही जन्मदिन मनाया और नाश्ता तथा खाने-पीने का लुत्फ उठाया। जिससे ब्रिज पर चहुं ओर गंदगी फैली नजर आई। कुछ असभ्य नागरिकों द्वारा ब्रिज की रैलिंग पर पान मावा खाकर पिचकारियां चलाई गईं। लोकार्पण की तख्‍ती भी पिचकारी से लाल हो गई। स्वच्छता में चौथे नंबर पर आये सूरत शहर को मुख्यमंत्री और मनपा अधिकारी प्रथम नंबर पर ले जाने के लिए मेहनत कर रहे हैं, वहीं कुछ अशिक्षित नागरिक शहर की स्वच्छता को कलंक लगाकर गंदगी फैला रहे हैं।

पशुओं के लिये सैरगाह

उधर शहर की आम सड़कों पर तो पशुओं विशेष रूप से गाय-भैंस की बढ़ती चहलकदमी से कई बार ट्राफिक की समस्या पैदा होती रहती है, ब्रिज पर भी चहलकदमी करती भैंसों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शहर में आवारा घूमनेवाले पशुओं की समस्या के लिए पालिका को निश्चित कार्यवाही करनी चाहिए। यदि ब्रिज पर इस तरह पशु आएंगे तो किसी वाहन के साथ टकराकर बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे सकते हैं।

कुल मिलाकर परिस्थिति यह है कि बहुप्रतिक्षित ब्रिज तो नगरजनों को मिल गया, लेकिन लोगों में सिविक सेंस का अभाव जरूर अखर रहा है।