सूरत : महसूल कर्मचारियों की हड़ताल से नगरजनों को हो सकती है दिक्कतें, जानिये कौन से काम होंगे प्रभावित


(Photo Credit : MapsofIndia.com)

गुजरात राज्य के राजस्व विभाग अर्थात महसूल विभाग के कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। लेकिन उनकी बातों पर ध्यान न दिये जाने से आखिर कार थक-हारकर उन्होंने हड़ताल की राह अपनाई है। महसूल कर्मियों द्वारा आंदोलन के मार्ग पर चल पड़ने से आम शहरियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से आय प्रमाणपत्र, चुनाव पहचान पत्र आदि के कामकाज पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। ज्ञातव्य है कि एकमात्र राशन कार्ड संबंधी कामकाज के लिये रोजाना एक हजार लोग विभाग में पहुंचते हैं।

इस संदर्भ में सूरत जिले के तीसरे वर्ग के महसूल कर्मचारी मंडल के प्रमुख दीपक शाह ने मीडिया को बताया कि क्लर्क से लेकर नायब मामलतदार तक के कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर ८ मार्च २०१९ से सभी ने मास-सीएल पर जाने का निर्णय लिया है और ११ मार्च २०१९ से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आरंभ करेंगे। इस कदम की जानकारी मुख्यमंत्री और जिलाधीश महोदय को पत्र के द्वारा प्रदान की जा चुकी है।

दीपक शाह ने मीडिया को बताया कि सूरत जिले में ३५० कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। जिसके कारण जनसेवा केंद्र के कामकाज पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। यहां रोजाना लगभग ३०० लोग आय प्रमाणपत्र हासिल करने आत हैं। इसके अलावा सूरत के दस जोन में राशन कार्ड का कार्रवाई भी प्रभावित रहेगी। वर्तमान में मतदादा सूची सुधार और चुनाव पहचान पत्र बनाने का काम भी चल रहा है। ये सभी कामकाज रूक जायेंगे।

प्रमोशन से लेकर वेतन, सिनियोरिटी के मामले तो लंबित हैं ही, साथ में हाईकोर्ट ने फिक्स्ड वेतन नीति को रद्द करने का आदेश जारी किया है जिसके खिलाफ सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है, वह अपील वापस लेकर हाईकोर्ड के आदेश को स्वीकार करके उसका अमलीकरण करने की भी कर्मचारियों की मांग है।

गौरतलब है कि महसूल कर्मचारियों के राज्य स्तर की बैठक ३ मार्च २०१९ को गांधीनगर में हुई थी जिसमें आंदोलन की रणनीति तैयार की गई थी। उसके बाद ५ मार्च को जिला स्तर पर हुई बैठक में हड़ताल को आखिरी रूप दिया गया था।