पाकिस्तान लातों का भूत, बातों से नही मानेगा


Photo/Loktej

पाकिस्तान में सत्ता की कमान चाहे किसी के भी पास रही हो उसने हमारे देश हिंदुस्तान को अपना परम्परागत दुश्मन समझा ही है। चाहे वो चुनाव द्वारा निर्वाचित सत्ताधीश हो या सेना के विद्रोह से बना हुआ सरमुख्त्यार, हर एक ने हिंदुस्तान को सदैव शॉफ्ट टारगेट ही समझा है, जबकि भारत उनसे कई गुना समृद्ध तथा सशक्त है, फिर भी चाहे लड़ाई हो, घुसपैठ हो, सीजफायर हो या कोई अन्य आतंकी गतिविधि, पाकिस्तान के इरादे सदैव हमे नुकसान पहुंचाने के लिए रहे है तथा हमेशा पहल भी उसी ने ही की है, बाद में चाहे उसे मुह की खानी पड़ी हो। आतंकी गतिविधि, सीजफायर और घुसपैठ के बाद उसका यह रवैया भी रहा है कि कभी भी उसने स्वीकार नही किया कि यह उसके द्वारा किया गया था।

ऐसा ही कल इमरान खान ने भी किया। प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से साफ इनकार कर दिया। इमरान ने यह भी कहा कि हम दहशतगर्दी पर भी बात करने को तैयार हैं। भारत सोचे कि कश्मीर के युवा मरने-मारने पर क्यों उतर आए? उन्होंने अपनी औकात से बाहर बात करते हुए यह भी कहा कि अगर भारत ने हमला किया तो इसका जवाब दिया जाएगा।

यह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का नया बयान नही है। ऐसा समझ लीजिए कि रिपीट ही करते है हर हमले के बाद। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, कि हमें इस बात पर कोई हैरानी नहीं है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पुलवामा में हमारे सुरक्षा बलों पर हमले को आतंकी कार्यवाही मानने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने न तो इस जघन्य कृत्य की निंदा की और न ही शोक संतप्त परिवारों के प्रति शोक प्रकट किया। जबकि जिस आतंकी संघठन ने इसकी जिम्मेदारी ली है उसका मुखिया उनके यही पर पनाह लिए हुए है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ने कहा कि मैं भारत से कहता हूं कि आपके पास कोई सबूत है तो मैं गारंटी देता हूं कि हम कार्रवाई करेंगे। ऐसा किसी के दबाव में नहीं कर रहे। हम आतंकवाद पर बात करने के लिए तैयार है। हालांकि इस बात का सुबूत देने की जरूरत नही है क्योकि जो भी है वो स्पष्ट सामने ही है। पठानकोट तथा मुम्बई हमले में भी पाक ने सुबूत मांगा था। उसकी जांच एजेंसियां पठानकोट आई भी थी लेकिन वही राग अलापा कि हमने तो नही किया।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इमरान खान को जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रिय इमरान खान, जैश प्रमुख अजहर मसूद आपके बहावलपुर में बैठा हुआ है, जिसने आईएसआई की मदद से हमले किए। जाकर उसे वहां से पकडि़ए। यदि आप नहीं कर सकते तो हमें बताएं, हम यह आपके लिए कर देंगे। इससे पहले भी हमने 26/11 मुंबई हमले के सबूत दिए थे, उनका तो अब तक कुछ हुआ नहीं। अब यह समय बातचीत का नहीं, बल्कि कुछ करने का है।

एक मायने में यही सही रहेगा। भारत को जब पता ही है कि उसके यहां दहशतगर्दी फैलाने वाला पाकिस्तान में बैठा है तो हम देरी क्यो कर रहे है। सीधे कार्यवाही करके उसे क्यो नही पकड़ कर खत्म कर दिया जाए। अगर पाक कोई जबाबी कार्यवाही करता है तो हम पूर्णतया सक्षम भी तो है। यह वक्त एक ओर सर्जिकल स्ट्राइक का है लेकिन वो स्ट्राइक किसी आतंकी केम्प पर नही बल्कि मसूद अजहर के ऊपर सीधी होनी चाहिए। इस बार गिरफ्तार न करके सीधा फूंक देना चाहिए जैसे अमेरिका ने अपने दुश्मन लादेन के साथ किया था। देश के हर नागरिक को यही उम्मीद भी है और यही इच्छा भी।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय