वादे और इरादे: सत्ता की सीढ़ी मात्र


चुनाव होता है तो हर पार्टी जनता के लिए कुछ न कुछ घोषणा तो करती ही है। उसे वो घोषणा पत्र की संज्ञा देते है, अंग्रेजी में मेनिफेस्टो समझ लीजिये।
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चुनाव होता है तो हर पार्टी जनता के लिए कुछ न कुछ घोषणा तो करती ही है। उसे वो घोषणा पत्र की संज्ञा देते है, अंग्रेजी में मेनिफेस्टो समझ लीजिये। वे घोषणाएं ऐसी होती है की जनता से वादा किया जाता है कि हम यह करेंगे हम वो करेंगे। लेकिन करेंगे तब ना, जब हम सत्ता में आ जाएंगे। मतलब साफ है, उन वादों के पीछे इरादे हावी होते है, सत्ता में आने के लिए। लेकिन सत्ता में आते ही समीकरण अलग हो जाते है। फिर गठबंधन की बाध्यताएं, सत्ता में बने रहने की चुनोती इन घोषणा पत्रों को हासिये पर पटक देती है तथा उन घोषणाओं को अगले घोषणा पत्र के लिए सुरक्षित रख लिया जाता है। उन्हें नए तरीके से फिर से पेश करने के लिए।

भाजपा का भी घोषणा पत्र कल जारी हो गया। पूरे इक्कावन पेज के इस घोषणा पत्र को संकल्प पत्र की संज्ञा दी गई है। वादे इतने है कि आप पढ़ते पढ़ते थक जाओगे,लेकिन इरादा सिर्फ एक ही है वो है सत्ता में वापसी। लेकिन उसका फैसला तो भारत की जनता करेगी जो आजकल किसी का वोटबैंक नही रही और यह न रहने का सर्वाधिक फायदा भी भाजपा को ही हुआ है और आगे भी होगा।

भाजपा के घोषणापत्र में छोटे और सीमांत किसानों को पेंशन देने वादा किया है। 60 वर्ष से उपर के किसानों को पेंशन मिलेगा। पार्टी का यह वादा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। क्योकि छोटे और सीमांत किसानों के अलावा भाजपा ने छोटे व्यापारियों को भी पेंशन देने का वादा भी किया है। पार्टी की इस घोषणा को एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने अलग से जल शक्ति मंत्रालय भी बनाने का वादा किया है। इसके अलावा बीजेपी ने वादा किया है कि किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर एक लाख तक का  जो लोन मिलता था, उस पर अगले पांच साल के लिए कोई ब्याज नहीं देना होगा। उद्योगधंधों की सुगमता के लिए राष्ट्रीय व्यापार आयोग के गठन का भी वादा किया गया। जो पेंशन का भी देखेगा।

पुराने वादों को नए तरीके से पेश करते हुए इस बार भी भाजपा ने अपने घोषणापत्र में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा शामिल किया है और मंदिर निर्माण को लेकर संकल्प जाहिर किया है। इसके अलावा 370 पर भी अपना रुख कायम रखा है। इस पर व्यंग्य भी कसे जाना लाजमी है क्योकि दशकों से यह मुद्दे भाजपा के रहे है लेकिन अभी तक कोर्ट की कार्यवाही के अलावा कोई भी प्रभावी कार्यवाही नही हुई है।

प्रसिद्ध कवि व आप से बिछुड़े नेता कुमार विश्वास ने भाजपा के घोषणा पत्र में राम मंदिर निर्माण का एजेंडा शामिल करने पर तंज कसा है। डॉ विश्वास का कहना है कि राम मंदिर लगातार 32वें साल भी एजेंडे में शामिल किया है।उन्होंने अपने ऑफिशियल अकाउंट पर ट्वीट करके लिखा है कि भगवान राम और हम जैसे उनके चरण अनुरागियों को बधाई कि उनका मंदिर लगातार 32वें वर्ष भी एजेंडे में जगह पा गया है! बोलिए जय सियाराम।

अब उन्होंने यह चरण अनुरागी शब्द किसके लिए प्रयुक्त किया है वो तो वे ही जान सकते है पर हम मेसे कई लोग इसे अपने लिए मान सकते है। क्योकि आजकल राजनीति में चरण चम्पी करके नेता बनने वालो की ही संख्या सर्वाधिक है। काश की हमारे देश का युवा सिर्फ उनको ही आदर्श बनाता जो इस महान देश के लिए बिना स्वार्थ कुर्बान हो गए पर यह विडंबना रहेगी कि देश के युवाओं के आदर्श आजकल नेता और अभिनेता रह गए है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय