साधु कर रहा देश की जगह नेता की चिंता?


देश मे सन्त समाज का स्थान गुरु का है जो हमे राह दिखाते है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में तो कई भगवा भेषधारी खुद ही लगता है कि भटके हुए है।
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बचपन की बात है, एक महात्मा हमारे गांव में आये थे। गांव की एक धर्मशाला में उन्होंने डेरा लगाया। उसके दो तीन दिन बाद एलान हुआ कि साधु महाराज पंचाग्नि में तपेंगे। उस समय मैं किशोरावस्था में था, मैंने यह बात पहली बार ही सुनी तो जिज्ञाषा होना स्वाभाविक था।

राजस्थान में जहां मेरा पैतृक गांव है वहां भीषण गर्मी रहती है। वैसाख जेष्ठ के महीने में बाहर निकलते भी हालत खराब हो जाती है वही उस कालजाल गर्मी में साधु बाबा अपने चारों तरफ आग जलाकर बैठेंगे यह सुनते ही जिज्ञाषा होना स्वाभाविक भी था। मैं वहां गया तो महाराज चारो तरफ कंडे जलाकर उसके मध्य बैठे ईश्वर में अलख लगाए हुए थे। बाद में उनसे वार्तालाप हुआ तो उन्होंने बताया कि यह हठयोग है तथा आत्मकल्याण तथा जगत कल्याण के लिए वो ऐसा कई बार करते रहे है। यहां गर्मी की अधिकता है तो इस बार यहां आकर हठयोग करने की इच्छा हुई सो यहां कर रहा हूँ।

इसके साथ ही उन्होंने इसके पीछे अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए एक श्लोक सुनाया जो मेरे दादाजी भी पूजा करते समय बोलते थे।

ॐ स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां, न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः ।
गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं, लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु॥

अर्थार्त समस्त संसार के सुखी होने की कामना से वो अपने शरीर को यह कष्ट दे रहा है।

कल फिर मैंने एक बाबा को पंचाग्नि तपते हुए मीडिया पर देखा। वो बाबा मध्यप्रदेश सरकार में मानद मंत्री रह चुके है। लेकिन उनकी यह तपस्या जगत के कल्याण के लिए नही बल्कि किसी व्यक्तिविशेष को चुनाव में विजयश्री दिलवाने के लिए थी।

भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में कम्प्यूटर बाबा ने हठ योग किया और भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ जीत का आशीर्वाद दिया। प्रदेशभर से आए करीब 1000 साधुओं ने न्यू सैफिया कॉलेज स्थित मैदान पर धूनी रमाई। इस कार्यक्रम के बाद यह मुकाबला भी साधु के खिलाफ साधु जैसा लगने लगा है। जबकि कम्प्यूटर बाबा को शिवराज सरकार में मानद मंत्री का दर्जा दिया गया था।

कम्प्यूटर बाबा कई बार चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। बाबा ने हाल ही में भाजपा के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर की थी, लेकिन पार्टी की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। लेकिन अब बाबा भाजपा के खिलाफ ही नारा लगवा रहे है। उन्होंने नारा दिया है कि राम राम ही अबकी बार, बदल के रख दो चौकीदार।

अब चौकीदार बदले या न बदले लेकिन इस प्रकार होता रहा तो धर्म तथा साधुओं के प्रति निष्ठा जरूर बदल जाएगी। कोई साधु वेश धारी चुनाव लड़ रहा है तो कोई चुनाव प्रचार कर रहा है लेकिन मूल उद्देश्य से सभी दूर हो रहे है।

देश मे सन्त समाज का स्थान गुरु का है जो हमे राह दिखाते है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में तो कई भगवा भेषधारी खुद ही लगता है कि भटके हुए है। तब इस देश की संस्कृति की रक्षा कैसे होगी यह चिंताजनक प्रश्न है।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय