कुछ भी करे सपना, हम क्यो खोए विवेक अपना?


दरअसल, एक दिन पहले ही यह चर्चा सियासी गलियारों में काफी तेज हुई थी कि सपना चौधरी कांग्रेस में शामिल हो गई हैं।
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ओ छोड़ के जाने वाले आ,
दिल तोड़ के जाने वाले आ,
आंखे अंसुवन में डूब गयीं,
हंसने का ज़माना बीत गया,
मेरा सुन्दर सपना बीत गया।।

यह गाना बहुत पुराना है, 1947 में फ़िल्म आई थी दो भाई, उस फिल्म में गीता दत्त ने गाया ओर फिल्माया था, गीतकार इसके राजा मेंहदी अली खान थे। एक सुंदर सपना कल भी बीत गया है। इसके गीतकार उत्तरप्रदेश कांग्रेस के सचिव नरेंद्र राठी थे। फिल्माया सपना चौधरी पर था। दर्शक हम सभी थे ही, लेकिन समीक्षक पत्रकारों के अलावा भी बहुत सारे सोशल मीडिया के शूरवीर थे, जिन्होंने तरह तरह की समीक्षा कर डाली। इतनी समीक्षा कर डाली की सपना चौधरी को कल रविवार को एक प्रेसवार्ता में दो टूक कहना पड़ा कि वे ना तो कांग्रेस में शामिल हुईं हैं, ना ही आगे किसी पार्टी में शामिल होने की कोई योजना है। सपना ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ सोशल मीडिया वायरल फोटो को भी पुराना बताया है। दरअसल, एक दिन पहले ही यह चर्चा सियासी गलियारों में काफी तेज हुई थी कि सपना चौधरी कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। यह भी पुरज़ोर फैलाया जा रहा था कि कांग्रेस मथुरा से सपना चौधरी को हेमा मालिनी के खिलाफ उतार सकती हैं। मतलब ड्रीमगर्ल के सामने सपना चुनाव लड़ेगी। लेकिन बाद में कांग्रेस ने मथुरा से महेश पाठक को उम्मीदवार घोषित करके अटकलों को खारिज कर दिया था। हालांकि, इसके बाद भी सोशल मीडिया के धुरंधरों द्वारा माना जा रहा था कि सपना को कांग्रेस किसी और सीट से मैदान में उतार सकती है या महेश पाठक को खारिज करके सपना को अपना उम्मीदवार बना सकती है।

लेकिन लोगो के, ख़ासकर कांग्रेस समर्थकों के सपनो को सपना ने तोड़ दिया। सपना चौधरी ने यह बयान देकर सबको चौंका दिया कि वह ना तो कांग्रेस में शामिल हुई हैं और ना ही आगे ऐसी कोई योजना है। सपना ने यह भी कहा कि वे राजबब्बर से कभी नहीं मिली हैं और जो तस्वीरें मीडिया में सामने आई हैं, वे पुरानी हैं और मेरा कोई ट्विटर अकाउंट नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी मेरा कांग्रेस से लड़ने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि कांग्रेस नेता राजबब्बर ने भी ट्वीट करके सपना के पार्टी में शामिल होने बात कही थी।

लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस सपना के अपना होने का दावा पर दावा ठोक रही है। कांग्रेस के सचिव नरेंद्र राठी ने सपना के पार्टी में शामिल होने का दावा किया। राठी ने सपना की शुल्क रसीद के साथ कांग्रेस सदस्यता फॉर्म की तस्वीर दिखाई। उन्होंने सपना के हस्ताक्षर करते वक्त की फोटो होने का भी दावा किया। राठी ने कहा कि उनके पास सपना ही नहीं, उनकी बहन का फाॅर्म भी उपलब्ध है।

भले ही सपना कांग्रेस पार्टी जॉइन करने से मना कर रही हों लेकिन जून 2018 में उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात का वक्त मांगा था। उस समय उन्होंने कांग्रेस को अपनी पसंदीदा राजनैतिक पार्टी बताया था और कहा था कि मैं कांग्रेस के लिए प्रचार करूंगी। उस समय कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा था कि सपना चौधरी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है क्योकि वो कांग्रेस से प्रभावित हैं।अब भले ही उनको ग्राफ दूसरी तरफ बढ़ता दिखा हो, ओर इस कारण या लगातार ट्रोल होने के कारण मानस बदल लिया हो।
भाजपा के विधायक सुरेंद्र सिंह ने बहुत ही शर्मनाक बयान देते हुए कहा कि नर्तकी के आने से भारतीय राजनीति पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। मुझे खुशी है कि अब राहुलजी नेताओं पर भरोसा हटा कर नर्तकी पर भरोसा करना चालू कर दिए। उन्होंने राहुल गांधी को सपना से शादी कर लेने की सलाह भी बड़े वाहियात तरीके से देते हुए कहा कि सबसे अच्छा यह हो गया कि अब सास और बहू दोनों ही एक ही कल्चर और एक ही पेशे से रहेंगी। कांग्रेस की जो कमान है एक स्वरूप, एक रूप और एक नक्शे से संचालित होगी।

सपना कांग्रेस का टूटा है और नैतिक मूल्य भाजपा के विधायक ने तोड़ दिए है। कभी कभी तो बड़ा आश्चर्य होता है कि यह वही देश है जहाँ की संस्कृति में नारी के सम्मान की बात सर्वोपरि समझी जाती है। उसी देश मे नारी को इतनी हेय दृष्टि से देखा जाए, यह कहाँ तक उचित है। हम देश को भी माता की संज्ञा देते है तो कमसेकम कोई भी स्त्री के बारे में बोलते तथा सोचते हुए उसका मजाक तो न उड़ाए। राजनीति बड़ी नही है बल्कि देश की संस्कृति हमारे लिए सर्वोपरि है। और जहां तक मुझे लग रहा है सोशल मीडिया पर की जा रही असम्मानजनक टिप्पणियों के कारण ही कल सपना चौधरी ने पत्रकार वार्ता की होगी। खैर, बीत गयी बात गई तो नही है पर आगे हमे हमारी वाणी वर्तन का ध्यान हमारे महान देश की अनुपम संस्कृति को ध्यान में रखकर रखना चाहिए।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय