अभिनंदन मेरे देश के वैज्ञानिकों : बलस्य मूलं विज्ञानम


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि मैं मिशन शक्ति से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, डीआरडीओ के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
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8 नवम्बर 2016 का दिन सभी भारतीयों को याद ही होगा। उस दिन प्रधानमंत्री मोदी बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक टेलीविजन पर प्रगट हुए थे और राष्ट्र के नाम सम्बोधन दिया था। उसी क्षण पूरे भारत मे अफरातफरी मच गई थी, सभी लोग पैसा होते हुए भी बगैर पैसे हो गए थे। वो दिन याद करके हो सकता है कई महानुभाव अभी भी सिहर जाते होंगे। खासकर वो जिनके घर शादी का आयोजन होगा या मैयत हो गई होगी। कल फिर एकबार उन्हें यह दिन याद आ गया जब प्रधानमंत्री की तरफ से यह ऐलान हुआ की वो दोपहर में राष्ट्र के नाम सम्बोधन देंगे। हालांकि आचार संहिता लगी हुई है तो ऐसा कोई कदम तो हालफिलहाल नही उठाया जा सकता लेकिन याद जरूर दिला दी।

मोदीजी ने राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज 27 मार्च को कुछ ही समय पूर्व भारत ने एक अभूतपूर्व सिद्धि हासिल की है। भारत ने आज अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति यानी स्पेस पावर के रूप में दर्ज करा दिया है। अब तक दुनिया के तीन देश- अमेरिका, रूस और चीन को यह उपलब्धि हासिल थी। अब भारत चौथा देश है, जिसने आज यह सिद्धी प्राप्त की है। हर हिंदुस्तानी के लिए इससे बड़े गर्व का पल नहीं हो सकता। कुछ ही समय पूर्व हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर एलईओ में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है।

उन्होंने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि मैं मिशन शक्ति से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, डीआरडीओ के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, जिन्होंने इस आसाधारण सफलता को प्राप्त करने में योगदान दिया। हमें हमारे वैज्ञानिकों पर गर्व है। अंतरिक्ष आज हमारी जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। आज हमारे पास पर्याप्त संख्या में उपग्रह उपलब्ध हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहे हैं, जैसे- कृषि, रक्षा, आपदा प्रबंधन, टीवी, एंटरटेनमेंट, मौसम की जानकारी, नेविगेशन, शिक्षा, मेडिकल। हमारे उपग्रहों का लाभ सभी को मिल रहा है।

उन्होंने इसके साथ ही देश वासियों को भी बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं प्रदान की। लेकिन अभी चूंकि चुनाव का वक्त है तो विपक्ष इसे इतनी आसानी से पचाने नही वाला था तो उन्होंने तथा उनके जबाब में सत्ता पक्ष के नेताओ ने वाकयुद्ध कर लिया जो कि हमारे देश की आजकल की परम्परा है। विपक्ष को चुभने का मुख्य कारण शायद डीआरडीओ के पूर्व चीफ वीके सारस्वत द्वारा मिशन शक्ति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करना रहा होगा। उनके अलावा इसरो के पूर्व चेयरमैन जी माधवन नायर ने भी कहा कि एंटी सैटेलाइट मिसाइल की क्षमता एक दशक पहले से ही थी, लेकिन इसे पूरा करने की राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि चीन ने 2007 में इस तरह की मिसाइल का परीक्षण किया था, उस समय ऐसी ही तकनीक भारत के पास भी थी। लेकिन मोदी ने इसकी पहल की। उनमें राजनीतिक इच्छा शक्ति और साहस था कि वे कह सकें कि हम इसे पूरा करेंगे। अब हमने पूरी दुनिया को दिखा दिया।

अब बताइये की डीआरडीओ तथा इसरो के पूर्व प्रमुख इस तरह मोदी की तारीफ करेंगे तो विपक्षी पार्टियों को बुरा तो लगेगा ही ना? कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके डीआरडीओ को तो बधाई दी पर प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया, वेल डन डीआरडीओ, आपकी इस उपलब्धि पर हमें बहुत गर्व है। मैं प्रधानमंत्री को वर्ल्ड थिएटर डे की बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं। एक अन्य कांग्रेसी नेता अहमद पटेल ने इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बधाई दी। मायावती ने लिखा कि परीक्षण की आड़ में मोदी द्वारा चुनावी लाभ के लिए राजनीति करना अति निन्दनीय है। चुनाव आयोग को इस पर सख्त संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।

इनके अलावा भी बहुत से नेताओ ने बहुत कुछ कहा लेकिन भारत के लिए यह स्वर्णिम पल था जब उसके वैज्ञानिकों द्वारा आकाश में सर्जिकल स्ट्राइक की गई। इसका चुनावी लाभ अगर सत्ताधारी पार्टी को मिलता है तो इसमें भी कोई आपत्ति नही होनी चाहिए क्योंकि पिछली सरकार भी ऐसा कर सकती थी , हाँ एक बात यह जरूर है कि हमारे प्रधानमंत्री जी का दिमाग चुनाव के समय मे निर्णय त्वरित तथा अपनी पार्टी के हित में अच्छे खासे कर लेता है। लेकिन इसमें सिर्फ पार्टी का ही नही इस देश माता का सर्वाधिक फायदा है जिसकी जय मेरे साथ आप रोज बोलते हो।

तो फिर प्रेम से बोलिये

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय