बादलों से रडार को चकमा दिलवाते मोदीजी


हमारे प्रधानमंत्रीजी ने बाते करते करते एक ऐसी बात बोल दी कि एक्सपर्ट भी गच्चा खा गए है।
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बालाकोट वाली एयर स्ट्राइक एक बार फिर जोरो से चर्चा में है। इस बार कोई भी इसका सुबूत नही मांग रहा है बल्कि सभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा एक न्यूज चैनल को दिए गए एक इंटरव्यू को टारगेट कर रहे है। दरअसल हमारे प्रधानमंत्रीजी ने बाते करते करते एक ऐसी बात बोल दी कि एक्सपर्ट भी गच्चा खा गए है।

दरअसल शनिवार को टीवी चैनल न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने बालाकोट एयर स्ट्राइक के बारे में बताते हुए कहा कि मैं दिन भर बहुत व्‍यस्त था। वार मेमोरियल का उद्घाटन था। चुरू में रैली करने गया था। मेरा कार्यक्रम चल रहा था। मैं टीम प्‍लेयर हूं। जिसको काम एसाइन करता हूं वो करता हूं। यह काम टीम ने किया था। रात को 9 बजे मैंने रिव्‍यू किया, फिर रात को 12 बजे रिव्‍यू किया। हमारे सामने समस्‍या थी कि उस समय मौसम खराब हो गया था। यह बात मैं पहली बार बोल रहा हूं। अचानक एक सुझाव मिला कि डेट बदल दें क्‍या? मैंने कहा कि इस मौसम में हम रडार से बच सकते हैं। मैंने कहा कि आसामान में बादल हैं और बारिश हो रही है। यह हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है।

यानी प्रधानमंत्री कह रहे थे कि बादलों की वजह से हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के रडार से बच सकते हैं। मोदी जी एक्सपर्ट आदमी हैं, देश का भला सोचते हैं। लेकिन रडार ऐसे काम नहीं करता। लड़ाकू विमान है ओर यह कोई लुका-छुपी नहीं चल रही है कि बादलों की ओट पाकर छुप जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के इंटरव्यू के इस हिस्से को गुजरात बीजेपी ने ट्वीट किया। इस ट्वीट के सामने आते ही जब विपक्षी नेताओं ने उन पर धावा बोला तो घबराहट में बीजेपी ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया। लेकिन आजकल लोग कुछ ज्यादा ही एक्सपर्ट होते है। उन्होंने उसे स्क्रीनशॉट कर लिया था। कल का पूरा दिन इसी के नाम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर देश भर में उनका मजाक उड़ रहा है। रक्षा विशेषज्ञ आश्चर्यचकित हैं, विपक्ष चुटकियां ले रहा है।

रक्षा मामलों पर लंबे समय से रिपोर्टिंग करते रहे पत्रकार विष्णु सोम ने लिखा कि मोदी जी, बादलों से रडार पर फर्क नहीं पड़ता है, हां इससे उन 6 क्रिस्टल मेज़ मिसाइलों को दागने पर फर्क पड़ा जो वायुसेना दाग नहीं पाई। इन मिसाइलों से होता यह कि जैसे ही यह किसी टारगेट को निशाना बनातीं तो पलटकर उसका फुटेज मिल जाता। दरअसल वायुसेना के एक्सपर्ट सही कह रहे थे कि एयर स्ट्राइक को टाल देना चाहिए। आपको इतनी जल्दी क्यों थी?

इसके अलावा सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने भी लिखा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। मोदीजी का इस तरह का गैरजिम्मेदाराना बयान बेहद नुकसानदेह है। ऐसा कोई व्यक्ति भारत का पीएम नहीं रह सकता।

कांग्रेस ने भी इस बयान को टारगेट करके प्रधानमंत्री पर तंज कसा। कांग्रेस के ऑफिसियल ट्विटर हैंडल पर लिखा कि जुमला ही फेंकता रहा पांच साल की सरकार में, सोचता था क्लाउडी है मौसम, नहीं आउंगा रडार में।

असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा कि सर प्रधानमंत्री, आप तो गजब के एक्सपर्ट हैं।सर आपसे अनुरोध है कि अपने नाम से चौकीदार हटा दीजिए और एयरचीफ मार्शल और प्रधान.., क्या टॉनिक पीते हैं आप कि आपकी बातों में रोजगार, अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और कृषि संकट के अलावा हर बात का फार्मूला होता है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील अंशुल लिखते हैं कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने खऱाब मौसम में एयर स्ट्राइक बेहतर समझा क्योंकि बादल प्लेन को रडार से बचा लेंगे और आप लोग राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हैं? एक अन्य सुमंत रमन लिखते हैं कि बीजेपी पर भरोसा करने वाले हजारों लोग अब गूगल कर रहे हैं कि बादलों से रडार के सिग्नल पर क्या असर पड़ता है। अंकुर भारद्वाज नाम के एक शख्स ट्विटर पर लिखते हैं कि ये देखना दुखद है कि अभी तक एक कोई ऐसा रडार ऑपरेटर नहीं ढूढ़ पाया है जो पीएम नरेंद्र मोदी की बात से सहमत हो।

दो दिन पहले जब टाइम पत्रिका के कवर पर प्रधानमंत्री की फोटो के साथ डिवाइडर इन चीफ छपा तो समर्थकों ने पत्रिका ओर लेखक की बखिया उधेड़ दी थी, उसके पूरे खानदान का पता करके उसे देश का दुश्मन घोषित कर दिया था। लेकिन इस बार उन्हें कोई ऐसा एक्सपर्ट नही मिला जो यह कह सके कि प्रधानमंत्री जी ने सही कहा है। हाँ जो ट्वीट करके तंज कस रहे है उनकी जरूर वाट लगा रखी है,गालियां निकालकर।

लेकिन यह हमारे सुसंस्कारित देश में नही होना चाहिए। किसी भी बात का जबाब तर्कसंगत होना चाहिए न कि गालीगलौज वाला।

सर्व आश्रयदात्री भारत माता की जय।