सात महाद्वीप के सबसे ऊंचे पर्वतों की चढ़ाई है सूरत की इन बहनों का लक्ष्य


(Photo Credit : Khabarchhe.com)

कहा जाता है कि साहस के बिना कोई सिद्धी नहीं मिलती। दृढ़ निश्चय हो तो आप मंजिल हासिल कर ही लोगे। सूरत की दो महिलाओं ने इस कहावत को सच साबित कर दिया है। सूरत की इन दो महिलाओं ने अमेरिका के एकोंकागुआ पर्वत के शिखर पर पहुंच कर इतिहास रचा है और गुजरात को गौरवान्वित किया है।

सुरत की 21 वर्षीय अनुजा वैद्य और 25 वर्षीय अदिती वैद्य, इन दोनों बहनों का लक्ष्य सात महाद्वीपों के पर्वतों पर चढऩे का है। जिसमें उन्होंने 6,962 मीटर की ऊंचाई वाली एकोंकागुआ पर्वत श्रृंखला पर सफलता प्राप्त कर ली है। जिसका खर्च लगभग 50 लाख रुपये से अधिक था। अब उन्होंने माउंट एवरेस्ट को फतेह करने का फैसला किया है। और वे आने वाले 30 मार्च से काठमांडू के लिए रवाना होंगे। और 5 अप्रैल से अपना अभियान शुरू करेंगे, दोनों बहनों ने उत्तराखंड के नेहरू इंस्टिट्यूट से ट्रेकिंग का अध्ययन किया है।

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अनुजा वैद्य ने बताया कि, मैंने बीबीए तक पढ़ाई की है। मुझे संगीत में दिलचस्पी है, और बास्केट बॉल स्टेट स्तर पर खेल चुकि हुं, ऐसे तो हमारा परिवार पहले से ही पर्वतारोहण से जुड़ा हुआ है। इसलिए हमें छोटी उम्र से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है, और मेरा भी यह सपना था कि मैं एकोंकागुआ पर्वत पर चढ़ाई करूँ, इससे पहले भी हम कई अन्य पर्वतोंं पर चढ़ाई कर चुके हैं, लेकिन मेरे लिए एकोंकागुआ पर्वत पर चढऩा मुश्किल था। पर हमारे साथ विभिन्न देशों के 20 लोगों का एक समूह था, इसलिए मैं इस पर्वत पर आसनी के साथ चढ़ सकी। लेकिन जब हमने पहाड़ पर चढऩा शुरू किया, तो आधे रास्ते में ही पानी समाप्त हो गया था। पहाड़ पर हमारे शिविर थे। लेकिन उनके टेंट फट गए। इसलिए हमें बहुत मुश्किलें हुईं, लेकिन समूह का समर्थन अच्छा था, हमारा संचार भी अच्छा था। हमें सीमित समय में इस पहाड़ की चढ़ाई को पूरा करना था। 13 दिन की चढ़ाई और 3 दिन उतरने में लग गए। हमने नेपाल से पर्वतारोहण उपकरण खरीदे। अब, मैं माउंट एवरेस्ट को फतेह करने जा रही हूं।

अदिति वैद्य ने बताया कि, मैं बी.बी.ए. ग्रेजुएट के अलावा लंदन से बिज़नस विषय में मास्टर्स की है। मुझे ऑइल पेंटिंग में बहुत दिलचस्पी है। मैं मानसिक रूप से एकोंकागुआ पर्वत पर चढऩे के लिए तैयार थी। जब हमने चढ़ाई करने की तैयारी की तो एक अलग तरह का उत्साह था। शुरुआत में हमें कुछ मुसीबतें उठानी पड़ीं, पर्वत पर जो मुश्किलें आती हैं वे हमें झेलनी पड़ती है। हम मानसिक रूप से तो तैयार थे ही, पर समूह का समर्थन काफी अच्छा रहा। साथ मिलकर हमने एकोंकागुआ पर्वत पर फतेह प्राप्त कर ली है। वर्तमान में, हम माउंट एवरेस्ट पर चढऩे के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। मेरा और मेरी बहन अनुजा को अखिल हिंद महिला परिषद द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा सीएम और डॉ. जगदीश पटेल ने भी हमको शुभकामना पत्र दिया है। हमारी गुजरात सरकार से अपील है कि हमारे जैसे कई लोग हैं जो पहाड़ पर चढऩे वाले हैं, अगर सरकार आर्थिक मदद करती है, तो हमें समर्थन मिलेगो। अब मैं और मेरी बहन माउंट एवरेस्ट पर चढऩे के लिए तैयार हैं।