सूरत जेल में भूख हड़ताल पर हार्दिक पटेल


सूरत । हार्दिक पटेल ने आरक्षण की मांग करते हुए लाजपोर जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरुआत की। हार्दिक राजद्रोह के दो मामलों में सितंबर से लाजपोर जेल में बंद हैं। हार्दिक ने यह कदम उस समय उठाया है जब उनके करीबी सहयोगियों ने आरक्षण मुद्दे पर गुजरात में भाजपा सरकार के साथ बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की। हार्दिक के तीन करीबी सहयोगियों- केतन पटेल, चिराग पटेल और दिनेश बंभानिया- ने मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को एक पत्र लिखा और बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की। हार्दिक के ये तीन सहयोगी भी राजद्रोह के मामले में सलाखों के पीछे बंद हैं। चूंकि पत्र पर हार्दिक के हस्ताक्षर नहीं थे इसलिए ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि 22 वर्षीय हार्दिक को यह महसूस हुआ होगा कि उसे अपने ही लोगों ने धोखा दिया है और फिर उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया होगा। घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए लाजपोरे जेल के जेलर एस एल दौसा ने मीडिया को बताया कि हार्दिक ने गुरुवार सुबह से भोजन करना बंद कर दिया है।