राज्य सरकार ने नहीं सुमुल डेरी ने सूरत-तापी को सूखाग्रस्त बताया और दूध का भाव बढ़ाया


दक्षिण गुजरात में पिछले साल अच्छी बरसात हुई थी
पानी से खेतों में आज भी हरियाली दिखाई दे रही है
पशुओं के चारे की कोई कमी नहीं है
सूरत। सुमुल डेरी के संचालकों द्वारा सोमवार को 11 कारण बताते हुए दूध के भाव बढाने की घोषणा की गयी। सुमुल के संचालकों ने सूरत-तापी में सूखे को मुख्य कारण बताया है। संचालकों ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सूरत-तापी में बरसात कम होने के कारण चारे की भारी कमी है।
जबकि राज्य सरकार और सूरत-तापी जिला प्रशासन द्वारा जिले की किसी भी तहसील को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया है। उमरपाड़ा और सोनगढ़ तहसील के कुछ गावों में पानी की कमी होने पर वहां टैंकर से पानी पहुंचाया गया। पिछले साल दक्षिण गुजरात में अच्छी बरसात हुई थी। दक्षिण गुजरात के खेतों में आज भी हरियाली है और पशुओं के चारे की कोई कमी है। दक्षिण गुजरात से पशुओं का चारा सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात भेजा जा रहा है। सुमुल डेरी के संचालकों ने भाव बढ़ाने के लिए जिन कारणों को बताया है वह समझ से परे है।
अमूल की अपेक्षा सुमुल का भाव ज्यादा क्यों?
सुमुल और अमूल के दूध के भाव में भी अंतर है। सुमुल ने अमूल गोल्ड के भाव में दो रूपए की बढोत्तरी करके 52 रूपए से 54 रूपए कर दिया है। सुमुल का यह भाव आणंद की अमूल डेरी के भाव से 2 रूपए ज्यादा है। सुमुल डेरी के संचालक राजू पाठक ने बताया कि आणंद के अमूल गोल्ड की तुलना में सूरत के सुमुल गोल्ड में 0.3 प्रतिशत फेट अधिक है। सूरतवासियों को अधिक फेट वाला दूध देने का प्रयास किया जा रहा है।