विधानसभा के सबसे कम सत्रों के मामले में गुजरात अव्वल


अहमदाबाद । विधानसभा के सबस कम सत्रों के मामले में अन्य राज्यों के मुकाबले गुजरात सबसे आगे है। राज्य में वर्ष के दौरान औसत ३१ दिन तक विधानसभा का सत्र चलता होने का निष्कर्ष निकला है।
विधानसभा के कामकाज और बजट से संबंधित मामलों का विश्लेषण करने वाली पांथेय नामक संस्था ने देश के १७ राज्यों में २००३ से २०११ तक की अवधि के दौरान विधानसभा के कामकाज के दिनों का अध्ययन किया है। अध्ययन के मुताबिक गुजरात विधानसभा का कामकाज औसत ३१ दिनों तक चला। जबकि पश्चिम बंगाल विधानसभा में ५५.८३ दिन और केरल में ५१.६६ दिन तक विधानसभा में कार्यवाही हुई। इसके अलावा महाराष्ट्र में ४२.२५ दिन विधानसभा की कार्यवाही चली। अरूणाचल प्रदेश विधानसभा में सबसे कम ७ दिन की कार्यवाही होने का अध्ययन में खुलासा हुआ है। कई राज्यों में विधानसभा का सत्र तीन से चार दफा आयोजित किया जाता है। सामान्य रूप से छह महीने में एक दफा विधानसभा का सत्र आयोजित करना अनिवार्य है। गुजरात में विधानसभा की वर्ष में दो दफा बैठक होती है। गुजरात की स्थापना के बाद कई वर्षों तक विधानसभा सत्रों की अवधि लंबी होती थी। लेकिन उसके बाद विधानसभा सत्र की अवधि क्रमश: कम होने लगी। वर्ष १९७२ में गुजरात विधानसभा का सत्र ७६ दिनों तक चला था। वहीं १९६३ में ७४ दिन, १९६९ में ७० दिन और १९७९ में ७० दिनों तक विधानसभा का सत्र चला था। वर्ष १९९६-९७ के बाद से विधानसभा सत्र की अवधि लगातार कम होने लगी। १९९६ में विधानसभा में ३१ दिन कामकाज हुआ। इसी प्रकार वर्ष २०१२ में २५ दिन, २०१३ में २६ और २०१४ में भी २६ दिन विधानसभा में कार्यवाही की गई।