यूपी की जर्बदस्त विज्ञापनवाजी से गुजरात सरकार आश्चर्य में


अहमदाबाद। वाइब्रेण्ट गुजरात समिट से पहले गुजरात के प्रमुख समाचार पत्रों में यूपी को देश का सर्वŸोष्ठ निवेश गन्तव्य बताने वाले विज्ञापन प्रकाशित होने से राज्य सरकार हतप्रभ हैं। खराब मौसम के कारण उड़ान में विलंब के चलते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रवासी भारतीय दिवस का कार्यक्रम में भाग नहीं ले पाये। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा अहमदाबाद के प्रमुख चौराहे पर यूपी को प्रमोट करने वाले पोस्टरों बैनरों और होर्डिंग्स को हटाये जाने से भी यादव खफा हैं। रेडियो चैनलों पर भी यूपी कालिंग के तहत विज्ञापन चल रहे हैं। दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित चार पेज के विज्ञापन में कहा गया है कि यूपी में सफलता के हजारों दरवाजे खुले हैं क्योंकि वह निवेश के लिए आकर्षक जगह है। यूपी के इस विज्ञापन से आनंदी बेन पटेल प्रशासन आश्चर्य चकित हैं क्योंकि यह विज्ञापन ऐसे समय आया है कि वरिष्ठ मंत्रियों, विश्व बैंक, एडीबी और आईएमएफ के दिग्गजों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय चर्चा हुई है। उधर एनआरआई मामलों में यूपी सरकार को सलाह देने वाले मधुकर जेटली का कहना है कि प्रदेश उसकी उपलब्धियो की मार्केटिंग कर रहा है। गुजरात सरकार अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर कई सालों से चर्चा कर रही है जबकि यूपी सरकार लखनऊ में इसे क्रियान्वित कर चुकी है और चार अन्य शहरों, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है, ये लागू करने की योजना है।