मुख्यमंत्री के हाथों ड्रीम सिटी का भूमिपूजन


सूरत। गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने रविवार को सूरत में साकार होने वाले ड्रीम सिटी तथा डायमंड बुर्स का भूमिपूजन करते हुए महानगरों का ध्रुवीकरण नियंत्रण में रखने के लिए बड़े शहरों के जनदीक आधुनिक सुख-सुविधा वाले ड्रीम सिटी जैसे उपनगरों केहोने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के उपनगरों के निर्माण से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित होने का अवसर मिलेगा और गावों का पलायन रूकेगा।
मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने रविवार को 2000 एकड़ में साकार होने वाले महत्वपूर्ण डायमंड रिसर्च एंड कर्मन्टाइल(ड्रीम सिटी) एवं विश्व स्तरीय सूरत डायमंड बुर्स का विदेशी राजदूतों तथा दुनियाभर के अग्रणी हीरा उद्योगपतियों की उपस्थिति मेंं भूमिपूजन किया।
सूरत में अंतर्राष्टï्रीय हीरा उद्योग केहब के रूप मेंं स्थापित होनेवाले अभिभव्य ड्रीम सिटी प्रोजेक्ट में 1.5 करोड चौरस फुट क्षेत्र मेंं 1 लख 25 हजार करोड की लागत से साकार होने वाले सूरत डायमंड बुर्स मेंं दस हजार से अध्धिक हीरा केव्यापारियोंं का कार्यलय होगा। हीरा के व्यापार का आधुनिक केन्द्र बन रहे डायमंड बुर्स मेंं रोजाना विश्व के अनेक देशोंं के व्यापारी आकर ग्राहकोंं को सीधे रफ डायमंड बेच सकें तथा विश्व के देशोंं के हीरा व्यापारी यहां से पोलिश्ड हीरा खरीद सकें ऐसी व्यवस्था होगी। हीरा बुर्स के निर्माण से 1.5 लाख लोगोंं को रोजगार उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बड़े शहरों मेंं बेकार पड़ी अर्बन लेन्ड सिलिंग की जमीनोंं को महानगरपालिका को देने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है। इन जमीनोंं पर महानगरपालिकाओंं द्वारा गरीब-मध्यमवर्ग के लिए आधुनिक सुख-सुविधायुक्त आवास बनाकर उन्हें उचित कीमतोंं पर दिया जाएगा। सभी के लिए आवास एवं स्लम फ्री गुजरात के निर्माण की दिशा मेंं यह ऐतिहासिक कदम है। सूरत महानगरपालिका को स्लम फ्री बनने की दिशा मेंं बढाए गए कदम की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सूरतवासी आफत को अवसर में बदलने की हिम्मत रखते हैं। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी काउन्सिल द्वारा सूरत को इंडियाज मोस्ट प्रोमिसिंग सिटी एवार्ड मिलने पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई कोरीडोर का प्रोजेक्ट यहां आ रहा है। कोरीडोर का लाभ लेने के लिए गुजरात सरकार ने राज्य के दस क्षेत्रों मेंं एसआईआर के निर्माण का निर्णय लिया है। जिसके अंतर्गत धोलेरा जैसा प्रोजेक्ट आकार ले रहा है। सन 2030 तक बड़े पैमाने पर शहरीकरण की संभावनाओं को देखते हुए सरकार बडे शहरों के नजदीक छोटे आधुनिक शहरोंं के निर्माण का आयोजन किया है। यह ड्रीम सिटी भी अत्याधुनिक सुविधाओंं वाला होगा। जिससे आसपास के क्षेत्रों का विकास होगा। आनंदीबेन ने कहा कि इन शहरोंं मेंं चौडी सड़कें, शैक्षणिक संस्थाएं, मनोरंजन केन्द्र, उद्यान, मोल सहित की सुविधा लोगों को उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रीम सिटी एवं डायमंड बुर्स साकार होने से लाखोंं गरीब परिवारोंं को मात्र रोजगार ही नहीं बल्कि तमाम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार जन कल्याण-जन सुखाकारी को केन्द्र मेंं रखकर ऐसी परियोजनाओंं को अमल मेंं लाती है। डायमंड बुर्स में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल युनिवर्सिटी भी सूरत में जल्द आ रही है। सूरत केयुवकोंं को टेक्सटाइल के क्षेत्र में कुशल बनाने का सरकार का प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने घर-घर शौचालय बनाने का निर्णय लिया है। जिस दिन गुजरात के प्रत्येक घरोंं मेंं शौचालय बनकर तैयार हो जाएगा उस दिन राज्य का मुख्यमंत्री होने के नाते मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। कार्यक्रम मेंं उपस्थित अग्रणियोंं से अपने-अपने गावोंं को शौचालय निर्माण के लिए दत्तक लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कुपोषित गावोंं को दत्तक लेने की अपील की। सूरत में बनने वाली आउटर रिंग रोड के लिए पालिका को टीपी बनाने की सूचना दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रिंग रोड को बनाने की सैद्घांतिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री के हाथोंं स्वच्छ सूरत मोबाइल एप लोंंच किया गया। सूरत डायमंड बुर्स द्वारा मुख्यमंत्री को 1, 11, 11, 111 का चैक स्वच्छता मिशन के लिए दिया गया। इस अवसर पर हीरा उद्योग से जुड़े देश-विदेश के 20 हजार से अधिक महानुभाव उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राज्यमंत्री नानूभाई वानाणी ने कहा कि लोक भागीदारी से विकास का प्रधानमंत्री का महामंत्र मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में गुजरात मेंं साकार हो रहा है। सूरत के ड्रीम सिटी प्रोजेक्ट की चर्चा पूरे देश मेंं होगी। उन्होंने कहा कि जब-जब देश मेंं जनभागीदारी से विकास की बात होती है तब सूरत शहर एवं यहां के हीरा उद्योग का नाम सबकी जुबान पर होता है।
शहरी विकास सचिव जी आर अलोरिया ने कहा कि इससे प्रधानमंत्री की स्मार्ट सिटी भी साकार होगी। यह प्रोजेक्ट सूरत के हीरे की चमक को विश्वभर में फैलाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए 579 हेक्टेयर जमीन को ट्रांसफर किया गया है।
विश्वस्तरीय हीरा बाजार सूरत मेंं बनने का विश्वास व्यक्त करते हुए हीरा अग्रणी मथुरभाई सवाणी ने कहा कि सूरत के हीरा उद्योग से देश की तिजोरी मेंं 51 हजार करोड विदेशी राशि जमा होती है। मेयर निरंजन झांझमेरा ने कहा कि ड्रीम सिटी प्रोजेक्ट शहर एवं गुजरात के लिए नजराना बनेगा। कार्यक्रम मेंं सांसद दर्शनाबेन जरदोष, सी आर पाटिल, प्रभुभाई वसावा, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, दक्षिण अफ्रीका, रसिया, नामीबिया, केनेडा, वोत्सवाना, घाना के राजदूत एवं वाणिजज्य दूत, वी एस लाखाणी सहित सूरत हीरा उद्योग के अग्रणी, नगरसेवक, पूर्व सांसद भरत सिंह, जिले के प्रभारी सचिव अरविंद अग्रवाल, सूरत महानगर सेवा सदन के आयुक्त मिलिंद तोरवणे, पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना, जिला कलेक्टर डॉ. राजेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।