भतीजे की रिहाई पर बुआ होंगी सूरत में


सूरत। हार्दिक पटेल को राजद्रोह और तोडफ़ोड़ मामले में हाईकोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। लेकिन जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है तब तक हार्दिक जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में एक-दो दिन का समय लग सकता है। आगामी 15 जुलाई तक हार्दिक के जेल से बाहर आने की उम्मीद है। संयोग की बात है कि इसी दिन राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल भी सूरत आ रही हैं। मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल पालिका की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण करेंगी।
पाटीदार आरक्षण आंदोलन के कन्वीनर हार्दिक पटेल को राजद्रोह और तोडफ़ोड़ मामले में हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। परंतु हार्दिक जेल से बाहर कब आएगा कहना मुश्किल है। 14-15 जुलाई को जेल से रिहा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि कोर्ट के आदेश की पूरी कॉपी बीडू लाजपोर जेल में जमा करानी होगी। एक भी बीडू नहीं मिला तो रिहाई में मुश्किल होगी। पाटीदार अग्रणियों को 15 जुलाई को हार्दिक के जेल से छूटने की उम्मीद है।
15 जुलाई को राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल सूरत आ रही हैं। मुख्यमंत्री के हाथों पालिका के कई प्रकल्पों का लोकार्पण होगा।
मुख्यमंत्री के सूरत आगमन पर ही हार्दिक पटेल यदि लाजपोर जेल से रिहा कर दिया गया तो पुलिस की परेशानी बढ़ जाएगी। क्योंकि हजारों की संख्या में पाटीदार समाज के लोग हार्दिक के स्वागत के लिए इक_ा होने वाले हैं। भीड़ को संभालना काफी मुश्किल होगा।