भतीजे की बोलती बंद करने बुआ मैदान में : फोड़ा ‘लेटर बम’


सूरत। पाटीदारों को ओबीसी में शामिल करने के लिए गुजरात में आंदोलन चलाया जा रहा है। पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ओबीसी की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार ने हार्दिक द्वारा फरवरी महीने में लिखे पत्र को जारी किया गया है। हाल ही में हार्दिक पटेल को जालपोर जेल से रिहा किया गया है। हार्दिक ने फिर से ओबीसी की मांग को बुलंद किया है। हार्दिक की मांग को लेकर सरकार की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र को खुद हार्दिक ने फरवरी महीने में मुख्यमंत्री को लिखा है। जिसमें ओबीसी नहीं चाहिए का दावा किया गया है। हार्दिक द्वारा आंदोलन यथावत रखने की बात करने पर सरकार भी हरकत में आ गयी है। हार्दिक को जवाब देने के लिए सरकार ने पत्र को सार्वजनिक कर दिया है। हार्दिक पटेल से जेल में पोरबंदर के सांसद वि_ल रादडिया तथा अन्य अग्रणियों ने मुलाकात की थी। फरवरी महीने में खुद हार्दिक ने 27 मुद्दों की सूची मध्यस्थता करने वाले मुकेश पटेल को सौंपा था। जिसे राज्य सरकार तक पहुंचाया गया था। पत्र को गुप्त रखा गया था।
मीडिया को जिन 27 मुद्दों की जानकारी दी गयी थी वह इस प्रकार है-
1. पटेल समाज को ओबीसी में शामिल किया जाए या राजस्थान पेटर्न पर आरक्षण दिया जाए
2. पटेल समाज के युवकों पर लगे केस वापस लिए जाएं
3. पटेल निगम अथवा आयोग बनाया जाए
4. आंदोलन के दौरान पुलिस दमन में मारे गए युवकों के परिवारों को 15 लाख आर्थिक मदद
5. आंदोलन के दौरान निर्दोष युवकों की हत्या करने वाले पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई
6. निजी शाला-कालेजों में मेरिट प्रथा पर अमल किया जाए
7. रोस्टर पद्धति को खत्म किया जाए
8. राज्य में दस बीघे से कम जमीन वाले परिवारेां की मदद के लिए निगम बनाया जाए अथवा परिवारों को एसटी, एससी का लाभ दिया जाए
9. निजी स्कूलों-कालेजों में डोनेशन सीट तथा मैनेजमेंट सी पर फीस का 80 प्रतिशत सरकारी राहत दी जाए
10. राज्य की सभी तहसीलों में दो सरकारी स्कूल तथा बड़ी तहसीलों में कालेज खोला जाए
11. सभी जाति के युवकों को बिना ब्याज धंधे के लिए लोन दिया जाए
12. राज्य की कंपनियों में 80 प्रतिशत स्थानीय युवकों को रोजगार दिया जाए दूसरे राज्यों को 20 प्रतिशत भागीदार सौंपी जाए
13. राज्य सरकार अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए
14. राज्य में एमबीबीएस की सीटें और 5000 बढायी जाए
15. निजी शाला-कालेजों में डोनेशन प्रथा बंद की जाए
16. किसानों को पूरी सुविधा मुहैया करायी जाए
17. किसानों की मंजूरी के बिना जमीनों का संपादन न किया जाए
18. खेत के बीच में हाईवोल्टेज बिजली का खंभा लगाने के लिए हर महीने मुआवजा दिया जाए। खेत के एक किनारे खंभा गाड़ा जाए। (मोबाइल कंपनियां टावर की पूरी कीमत चुकाती हैं को बिजली कंपनी खंभे के क्यों नहीं देती?)
19. किसानों को बिना ब्याज लोन दिया जाए। प्रमाण के अनुसार किसानों को लोन उपलब्ध कराया जाए
20. किसानों की मुख्य समस्याओं जैसे बिजली, पानी पर तत्काल निर्णय लिया जाए
21. राज्य में लव जेहाद जैसे मुद्दों तथा समाज की संस्कृति को यथावत रखते हुए कोर्ट अथवा लव मैरेज के लिए माता-पिता में से किसी एक का हस्ताक्षर अनिवार्य किया जाए
22. लड़कियों की सरकारी अथवा निजी होस्टल की 60 प्रतिशत फीस सरकार चुकाए
23. राज्य को पूरी तरह से व्यसन मुक्त किया जाए।
24. दलित, आदिवासी तथा मुस्लिम समाज के लिए शहरी क्षेत्रों में छात्रालय तथा आश्रम बनाया जाए
25. ठाकोर तथा कोली समाज के परिवारों की जमीन हड़पने वाले उद्योगपतियों तथा जमीन माफियाओं को रोकने के लिए राज्य में जमीन अधिकार समिति का गठन किया जाए। जहां कोई भी परिवार अपनी शिकायत कर सके
26. सरकारी भर्तियों में प्रवेश शुल्क बंद किया जाए। प्रवेश फी से करोड़ों रूपए जुटाए जाते हैं। किसी भी कारण से रद्द की गयी परीक्षा तुरंत ली जाए।
27. विधवा महिलाओं को सरकारी नौकरी में स्थान दिया जाए

सरकार ने हार्दिक का पत्र जारी किया
जेल से बाहर आते ही हार्दिक ने फिर से ओबीसी की बात दुहरायी है। सरकार ने पलटवार करते हुए फरवरी महीने में हार्दिक द्वारा लिख पत्र को सार्वजनिक कर दिया है। पत्र में हार्दिक पटेल ने लिखा है कि हमारे मुद्दे किसानों तथा अन्य समाज के हित में हैं। हमें 49 प्रतिशत आरक्षण नहीं चाहिए। हमें किसी भी समाज के साथ विग्रह की स्थिति नहीं पैदा करनी है। ऊपर के कुछ मुद्दे ऐसे भी हैं जो भविष्य में आंदोलन को रोक भी सकते हैं।