पावर ऑफ पाटीदार फिल्म सेंसर बोर्ड द्वारा रिजेक्ट


सूरत। पाटीदार अनामत आंदोलन पर निर्मित सूरत से शूट की गयी फिल्म पावर ऑफ पाटीदार जो अप्रूवल के लिए सेंसर बोर्ड में पेश की गयी थी उसे सेंसर बोर्ड ने रिजेक्ट कर दिया है। फिल्म रिजेक्ट करने कारण इस प्रकार बताया गया है। फिल्म में आनंदीबेन पटेल का रोल दिखाया गया है। फिल्म हार्दिक के इशारे पर बनायी गयी है, ऐसा लगता है। फिल्म में हार्दिक पटेल के परिवार को भी दर्शाया गया है। हार्दिक पटेल के जीवन और आंदोलन पर बनी पावर ऑफ पाटीदार सेंसर बोर्ड में अटकी पड़ी है।
फिल्म के प्रोड्यूसर द्वारा तैयार की गयी फिल्म को मुंबई में भाजपा-कांग्रेस के एक-एक सदस्य एवं सेंसर बोर्ड के अधिकारियों के साथ आयोजित शो के बाद फिल्म को मौखिक रूप से प्रदर्शित करने के लिए मना कर दिया गया है। प्रोड्यूसर के द्वारा कट करने की बात कहने पर अधिकारियों ने कट न कर पूरी फिल्म ही रिजेक्ट कर दिया है। इसकेपूव में भी एक फिल्म में पाटीदार नाम होने से 100 कट दिया गया था। पावर ऑफ पाटीदार के प्रोड्यूसर दीपक सोनी ने बताया कि 22 जुलाई 2016 को मुंबई के फेमश स्टूडियो में सेंसर बोर्ड के अधिकारियों के सामने शो आयोजित किया गया जिसमें भाजपा-कांग्रेस के एक-एक सदस्य सहित सेंसर बोर्ड के अधिकारी उपस्थित थे।
जिसमें समग्र फिल्म का विरोध किया गया। जब फिल्म के प्रोड्यूसर ने कट की बात कही तो पूरी फिल्म को ही रिजेक्ट कर दिया गया। सेंसर बोर्ड के अधिकारियों ने फिल्म के प्रोड्यूसर को बताया कि ओरिजिनल कन्वीनर हार्दिक पटेल का नाम, हार्दिक पटेल का परिवार, पाटीदार टाइटल, अनामत समिति का नाम भी दर्शाया नहीं जा सकता। इसके अलावा पाटीदार अनामत आंदोलन के लोगों को फिल्म में दर्शाया गया है उसे भी नहीं दर्शाया जा सकता है।