पाटीदार आंदोलन खात्मे पर आनंदीबेन की अग्निपरीक्षा


०३ महीने मे समाधान नही होने पर मुख्यमंत्री पद पर संकट के संकेत
अहमदाबाद। गुजरात मे जारी पाटीदार आंदोलन को सुलझाने के लिए पार्टी आलाकमान ने आनंदीबेन को अल्टीमेटम दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक आनंदीबेन को तीन महीने के भीतर आंदोलन को खत्म कराने या सीएम का पद छोड़ने का विकल्प दिया गया है। गौरतलब है कि इन निकाय चुनावों में कांग्रेस ने ३१ जिला पंचायत में से २३ और १९३ तालुका पंचायत में ११३ पर जीत हासिल की थी। माना जा रहा है कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए आनंदीबेन को यह अल्टीमेटम दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक आनंदीबेन को कहा गया है कि यह आंदोलन बहुत लंबा िंखच गया है और अब इसे तुरंत सुलझाने की जरूरत है ताकि पार्टी को और ज्यादा नुकसान न पहुंचे। बीजेपी के एक नेता ने बताया कि गुजरात से आ रहे फीडबैक काफी िंचताजनक थे। हमारे लोगों ने बहुत आश्वस्त होने की ाqस्थति में भी बताया कि अगर परिाqस्थतियां अभी के जैसी ही रहीं तो २०१७ विधानसभा चुनाव में सत्ता में रहना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, गुजरात को हारना केवल एक चुनाव हारना नहीं होगा। पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात से आते हैं। गुजरात में हार सबको मोदी के खिलाफ एक हथियार दे देगा। हम गुजरात को नहीं हार सकते।
गुजरात बीजेपी अध्यक्ष आरसी फालदु, सीनियर वैâबिनेट मंत्री नितिन पटेल, राज्य सभा सांसद मनसुख समेत अन्य पटेल नेता समुदाय से संपर्वâ कर इस आंदोलन का हल तलाश रहे हैं। पहले बीजेपी के ही कुछ नेताओं ने आंनदीबेन पर निशाना साधने के लिए इस आंदोलन को लौ दिखाई थी। लेकिन बाद में इसका नियंत्रण उनके हाथ से छूट गया। इसी का नतीजा रहा कि पार्टी को निकाय चुनाव में बुरे परिणाम देखने को मिले। अब आनंदीबेन पटेल की टीम ने संकट की इस घड़ी में श्री उमिया माताजी संस्थान के उपाध्यक्ष जयराम पटेल से मदद मांगी है। उमिया माता मंदिर का पटेल समुदाय पर गहरा असर है। मंदिर ट्रस्ट पटेल समुदाय के बीच काफी अहम भूमिका निभा सकता है। बताया जाता है कि पिछले साल र्हािदक पटेल के आंदोलन को भी उमिया माता मंदिर से समर्थन मिलने से काफी लाभ मिला था। आनंदीबेन पटेल खुद पाटीदार (पटेल) समुदाय से आती हैं।