दूसरी बार गुजरात की मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनना चाहती आनंदी ?


अहमदाबाद. गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल अगली बार मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनना चाहतीं, क्या उन्हें यह आदेश ऊपर से मिला है या भाजपा की यह एक चाल है आगामी विधानसभा चुनाव की सुनिाqश्चत सी दिख रही हार टालने का .
पटेल को हाल ही में कांग्रेस के हाथों पंचायती चुनाव हारना पड़ा है. इसके अलावा उनकी बेटी के खिलाफ अनियमितिताओं के आरोप हैं. अहम बात यह है कि पटेल आंदोलन को लेकर अमित शाह और आनंदी बेन पटेल में कई मतभेद उभर आए हैं. इसके अलावा आनंदी बेन अगले साल ७५ साल की हो रही हैं और गुजरात में अगले साल ही चुनाव होने वाले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ७५ साल से अधिक उम्र के नेताओं को अहम जिम्मेदारी दिए जाने के खिलाफ हैं.
अमित शाह और आनंदीबेन एक दूसरे को पूâटी आंख नहीं सुहाते हैं और अब यह बात सामने आ चुकी है. पूरा घटनाक्रम यह भी बताता है कि बीजेपी राज्य में अपनी जमीन खो रही है और यह सब कुछ मतदाताओं को बिखरने से बचाने की कोशिश है. ऐसे में संभावना है कि अमित शाह को गुजरात भेजकर उन्हें मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर सामने रखा जा सकता है, लेकिन जातीय समीकरण शाह को सत्ता से दूर ही रखेंगे। २०१७ में गुजरात का बीजेपी के हाथों से निकलना बड़ा झटका होगा और यही वजह है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह राज्य की राजनीति पर करीब से नजर रखे हुए हैं।