दलित अत्याचार : आनंदीबेन के जमाई पर भड़के हार्दिक


सूरत। गुजरात में दलित अत्याचार की घटना राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुकी है। उना से लेकर दिल्ली लोकसभा और राज्य सभा में इसकी गंूज सुनाई दे रही है। उना की घटना की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष गुरूवार को उना के समढियाण पहुंचकर दलितों का हालचाल पूछा। वहीं शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल गुजरात आने वाले हैं। गुजरात के अनेक शहरों में दलित सड़क पर उतर गए हैं और हिंसा भड़क उठी है। बुधवार को गुजरात बंद के दौरान जगह-जगह रैलियां, प्रदर्शन और नारेबाजी की गयी। जगह-जगह बसों में तोडफोड़, आगजनी और चक्काजाम किया गया। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के कन्वीनर हार्दिक पटेल ने राज्य की मुख्यमंत्री आंनदीबेन के जमाई पर निशाना साधा है।
हार्दिक पटेल ने कहा कि उना में दलितों पर अत्याचार होने से राज्य की स्थिति बिगड़ रही है वहीं दूसरी ओर राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन मफतभाई पटेल के जमाई और पुत्री अनार पटेल के पति, गुजरात हरिजन सेवक संघ के प्रमुख जयेश ईश्वर पटेल ऋषिकेश घूमने चले गए। आल इंडिया हरिजन सेवक संघ की 22 और 23 जुलाई को बैठक बुलाने के बहाने मौज कर रहे हैं। हरिजन सेवक संघ का मुख्य काम गुजरात में जहां इन दिनों दलितों पर अत्याचार हो रहा है वहां मदद करना है न कि हिल स्टेशन पर बैठक बुलाना।

क्या है आरोप?
कहा जाता है कि महात्मा गांधी ने दलितों के विकास, उत्थान और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए हरिजन सेवक संघ की स्थापना की थी। इस संस्था के प्रमुख हाल में मुख्यमंत्री के जमाई जयेश पटेल हैं। उना के समढियाण में गौरक्षा के बहाने दलितों की पिटाई का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। दलितों पर हुए अत्याचार के मुद्दे पर हरिजन सेवक संघ के प्रमुख जयेश पटेल एक शब्द भी नहीं बोले। हार्दिक पटेल ने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय बनाने के करोड़ों के कोन्ट्राक्ट में रूचि है लेकिन अत्याचार के शिकार दलितों से कोई हमदर्दी नहीं है। जिस उद्देश्य के लिए इस संस्था का गठन किया गया था जयेश पटेल के प्रमुख बनने के बाद उसके विपरीत काम हो रहा है। संस्था द्वारा दलित अत्याचार का मुद्दा अभी तक नहीं उठाया गया है। उना की आग दिल्ली तक पहुंच गयी है ऐसे जयेश पटेल की चुप्पी सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। अहमदाबाद के साबरमती आश्रम के अधीन हरिजन सेवा संघ सहित संस्थाओं पर मजबूत पकड़ वाले मुख्यमंत्री के जमाई जयेश पटेल गरीबों-दलितों के उत्थान की मोटी-मोटी बातें करते हैं परंतु हकीकत तो यह है कि पिछले 15 सालों में दलित अत्याचार के एक भी घटनास्थल की मुलाकात जयेश पटेल या उनके संघ के ट्रस्टियों ने नहीं ली।
चर्चा तो यह भी है कि मुख्यमंत्री आनंदीबेन के कार्यकाल में दलितों पर छोटी-बड़ी 1000 से अधिक घटनाएं घट चुकी हैं। हरिजन सेवक संघ के प्रमुख ने दलितों के प्रति कोई हमदर्दी नहीं दिखाई। जयेश पटेल ऐसी महान संस्था का दुरूपयोग क्यों कर रहे हैं यह सवाल उठने लगा है?