जमानत के बाद हार्दिक ने लिखा पत्र


9 महीने मां के पेट और 9 महीने जेल में रहकर बहुत कुछ सीखा
सूरत। हार्दिक को एक-दो दिनों में जेल से रिहा कर दिया जाएगा। जमानत मिलने के बाद हार्दिक ने मीडिया को संबोधित करते हुए पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि मुझे भारत के संविधान पर पूरा भरोसा और निर्दोष, गरीब लोगों के लिए न्यायप्रणाली पर पूरा भरोसा था। काफी देर के बाद न्याय मिला है। 9 महीने मां के गर्भ में और इतने ही महीने जेल में रहकर मैंने बहुत कुछ सीखा है। जेल में रहकर मैं और सशक्त बन गया हूुं।

पाटीदारों से पटाखा न फोडऩे की अपील
हार्दिक पटेल ने पत्र में पाटीदारों से पटाखा न फोडऩे की अपील की है। हार्दिक ने लिखा है कि मेरी रिहाई के लिए अनेक मध्यस्थी मिलने आते रहे किंतु सूरत के मित्र मुकेश पटेल पिछले काफी समय से मेरा सहयोग कर रहे थे। लोकतंत्र में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने में कोई बुराई नहीं है। मैंने कभी भी हिंसा का समर्थन नहीं किया और किसी से डरता भी नहीं हूं। दोस्तों पाटीदार शहीदों की चिता अभी ठंडी नहीं हुइ है। मेरी रिहाई से आप काफी खुश हैं परंतु पटाखा न फोड़कर अपनी खुशी जाहिर कें। आंदोलन को लेकर कभी भी समाज के साथ विश्वासघात नहीं किया।

राजनीति से गंदगी कैसे दूर होगी जेल ने सिखा दिया
हार्दिक ने पत्र में लिखा है कि भगवान राम को भी 14 सालों तक वनवास में रहना पड़ा था। जेल में रहकर मैंने राजनीति से गंदगी कैसे दूर हो इसे सीख गया हूं। हार्दिक ने कहा कि मैं कभी भी अमित शाह या कांग्रेसी नेताओं से नहीं मिला। यह शब्द मैं बार-बार कह चुका हूं। यह अमित शाह का आंदोलन नहीं बल्कि समाज का आंदोलन है। मैं किसी भी दल में होता को कब का मुक्त हो चुका होा।

अहिंसा का रास्ता अपनाना चाहते हैं हार्दिक
हार्दिक ने लिखा है कि मेरा परिवार सामान्य है। मैं मध्यम वर्ग परिवार का हंू। गुजरात में कानून व्यवस्था बिगड़े ऐसा कोई भी कार्य आज तक नहीं किया है। अहिंसा का रास्ता अपनाते हुए मैं पाटीदारों की आवाज बनना चाहता हूं।